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Bhiwani News: बवानीखेड़ा के रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे यात्री
Mon, 16 Dec 2024 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 16 Dec 2024 01:33 AM IST
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बवानीखेड़ा रेलवे स्टेशन पर स्थित बंद शौचालय।
बवानीखेड़ा। कस्बा बवानीखेड़ा स्थित रेलवे स्टेशन पर यात्री मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यात्रियों के लिए बनाया गया शौचालय बदहाली के कगार पर है। टिकट खिड़की पर कर्मचारी न होने के कारण भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन अधीक्षक ही यात्रियों को टिकट भी दे रहे हैं।
रेलवे स्टेशन से रोजाना 20 ट्रेनों का आवागमन है। इनसे हजारों यात्री आवाजाही करते हैं। स्टेशन से इनमें कस्बे सहित आसपास के गांवों के यात्री भी ट्रेन पकड़ कर सफर तय करते हैं। इसके बावजूद यात्री स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
रेलवे प्रशासन की तरफ से यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर शौचालय बनाए गए हैं लेकिन रखरखाव के अभाव में शौचालय बदहाल हैं। बुजुर्ग यात्रियों के लिए लगाई गई इंग्लिश सीट को कपड़े से बांधा गया है। इस कारण बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
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पानी डालने के लिए लगाए गए उपकरण टूटे हैं। शौचालय में पानी की आपूर्ति भी खराब हालात में है। इस कारण किसी टोंटी पर तो पानी खुला बहता है लेकिन किसी टोंटी पर बूंद भी नहीं टपकती। रेलवे स्टेशन पर टिकट खिड़की पर यात्रियों को टिकट देने के लिए किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है। इस कारण स्टेशन मास्टर ही टिकट भी बना रहे हैं।
इस कारण ट्रेन आते-जाते समय स्टेशन मास्टर तकनीकी व्यवस्था को देखते हुए भी यात्रियों के लिए टिकट बना रहे होते हैं। इस कारण एक व्यक्ति का ध्यान दो जगह पर होता है। इस तरह से एक समय में दो कार्य संभालना खतरे का कारण भी बन सकता है जबकि रेलवे स्टेशन का संचालन गंभीर कार्य है। छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। यात्रियों को भी ट्रेन का टिकट लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
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रेलवे स्टेशन से रोजाना 20 ट्रेनों का आवागमन है। इनसे हजारों यात्री आवाजाही करते हैं। स्टेशन से इनमें कस्बे सहित आसपास के गांवों के यात्री भी ट्रेन पकड़ कर सफर तय करते हैं। इसके बावजूद यात्री स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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रेलवे प्रशासन की तरफ से यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर शौचालय बनाए गए हैं लेकिन रखरखाव के अभाव में शौचालय बदहाल हैं। बुजुर्ग यात्रियों के लिए लगाई गई इंग्लिश सीट को कपड़े से बांधा गया है। इस कारण बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
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पानी डालने के लिए लगाए गए उपकरण टूटे हैं। शौचालय में पानी की आपूर्ति भी खराब हालात में है। इस कारण किसी टोंटी पर तो पानी खुला बहता है लेकिन किसी टोंटी पर बूंद भी नहीं टपकती। रेलवे स्टेशन पर टिकट खिड़की पर यात्रियों को टिकट देने के लिए किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है। इस कारण स्टेशन मास्टर ही टिकट भी बना रहे हैं।
इस कारण ट्रेन आते-जाते समय स्टेशन मास्टर तकनीकी व्यवस्था को देखते हुए भी यात्रियों के लिए टिकट बना रहे होते हैं। इस कारण एक व्यक्ति का ध्यान दो जगह पर होता है। इस तरह से एक समय में दो कार्य संभालना खतरे का कारण भी बन सकता है जबकि रेलवे स्टेशन का संचालन गंभीर कार्य है। छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। यात्रियों को भी ट्रेन का टिकट लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है।