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Bhiwani News: अब शहर में जून के दूसरे सप्ताह में भी दूर नहीं होगा पेयजल संकट

Mon, 03 Jun 2024 04:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 03 Jun 2024 04:30 AM IST
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Now the drinking water crisis in the city will not go away even in the second week of June.
भिवानी। अब शहर में जून के दूसरे सप्ताह में भी जल संकट दूर नहीं होगा। अभी सप्ताह भर पानी की परेशानी और झेलनी पड़ेगी, क्योंकि आठ जून तक नहरों में क्लोजर यानी पानी बंद है। नौ जून के बाद ही नहरी पानी की उम्मीद है। वहीं शहर के पुराने जलघर में भी पानी का भंडारण खत्म हो चुका है। वहीं निनान जलघर से पानी लेकर राशनिंग के जरिए ही आपूर्ति का काम चलाया जा रहा है।
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हालांकि शहर में पानी के टैंकरों की आपूर्ति भी विभाग करा रहा है, मगर पानी के ये टैंकर भीषण गर्मी में ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं, इनसे लोगों की प्यास बुझ रही है न जरूरतें पूरी हो पा रही हैं। शहर के अंदर पुरानी पेयजल लाइनों और कम आपूर्ति की वजह से टेल तक भी पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में अधिकांश शहरवासी भीषण गर्मी में गंभीर पेयजल संकट से घिरे हैं। यही हाल अब ग्रामीण क्षेत्रों का भी हो गया है। जिले के 198 गांवों के जलघरों के टैंकों में भी भंडारण अब धीरे-धीरे सूख रहा है। गांवों के जोहड़ भी जलविहीन हैं। सिंचाई विभाग में आठ जून तक नहरों का क्लोजर है। नौ जून के बाद ही नहरी पानी का शेड्यूल तय होगा। हालांकि यमुना में भी जल स्तर काफी कम बना हुआ है। ऐसे में इस जून के मध्य तक जिले में डिमांड के अनुरूप कम ही पानी की उम्मीद है। अगर इस बीच मानसून से पहले बारिश की दस्तक होती है तो फिर हालात थोड़े सुधर सकते हैं।
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देर रात तक हैंडपंपों से लोग बुझा रहे प्यास
शहरी दायरे में कॉलोनियों और मोहल्लों के अंदर लगे हैंडपंप ही अब प्यास बुझा रहे हैं। देर रात तक इन हैंडपंपों पर पानी भरने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। ये हैंडपंप ही जल संकट के दौर में लोगों की प्यास बुझाने के काम आते हैं। पुराने शहर में भूमिगत पानी पीने लायक है, जबकि शहर की कई बाहरी कॉलोनियों में भूमिगत पानी खारा है, वहां पर लोग खरीदकर ही पानी पी रहे हैं और अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। सप्ताह भर में एक पानी का टेंडर डलवाने के लिए भी 1200 रुपये से 1500 रुपये का खर्च पानी पर ही आ रहा है। जिससे लोगों का मई और जून का बजट भी पानी का खर्च जुड़ने से गड़बड़ा गया है।
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कैंपर सप्लायर भी नहीं कर पा रहे पानी की आपूर्ति
शहर के आसपास करीब 35 से अधिक आरओ वाटर कैंपर सप्लायरों के प्लांट लगे हैं। भीषण गर्मी में पानी की कमी और बिजली कटों की वजह से कैंपर सप्लायर भी पानी की आपूर्ति को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि रात भर बिजली के कट लग रहे हैं, ऐसे में प्लांट के अंदर न तो पानी ठंडा हो पाता है न ही शुद्ध। ऐसे में कैंपर संचालकों के सामने भी दुविधा यह है कि वे अपने नियमित ग्राहकों तक ही आपूर्ति मुश्किल से पूरी कर पा रहे हैं।



पुराने जलघर में पानी का भंडारण अब खत्म हो गया है। निनान जलघर से पानी की अतिरिक्त आपूर्ति के सहारे ही शहर में राशनिंग से पानी की सप्लाई हो रही है। हमें उम्मीद थी कि दो जून तक नहरों में पानी आ जाएगा, लेकिन अभी नहरों में पानी आने में थोड़ा वक्त लग सकता है। जिन हिस्सों में ज्यादा दिक्कत है वहां पर पानी के टैंकर भिजवाए जा रहे हैं।

-ताजदीन कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा

आठ जून तक नहरों के अंदर क्लोजर लिया हुआ है। नौ जून के बाद ही नहरों में पानी का शेड्यूल है। पिछली दफा भी नहरों में अतिरिक्त पानी दिया गया था, सभी ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी दायरे के जलघरों को भी नियमित आपूर्ति दी गई थी, अब भी हमारा प्रयास रहेगा कि सभी जलघरों तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचे ताकि भंडारण हो सके। जोहड़ों को भी नहर आने पर भरा जाएगा।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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