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Bhiwani News: मच्छर के डंक पर काबू पाने के लिए अब अप्रैल से नवंबर तक स्वास्थ्य विभाग के 166 कर्मचारी घर-घर देंगे दस्तक
Sat, 20 Apr 2024 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 20 Apr 2024 01:21 AM IST
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भिवानी। गर्मी की दस्तक के साथ ही मच्छर का लारवा भी पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले के 144 सब स्वास्थ्य सेंटरों पर 148 स्वास्थ्य कर्मियों को ग्रामीण और 18 स्वास्थ्य कर्मियों को शहरी दायरे में मच्छर के लारवा पनपने न देने की निगरानी के लिए अप्रैल से नवंबर माह तक फील्ड में उतार दिया है।
ये स्वास्थ्य कर्मी घर-घर दस्तक देंगे और बुखार पीड़ित मरीज मिलने या फिर लारवा पाए जाने पर मकान के मालिक को कारण बताओ नोटिस भी थमाएंगे। इतना ही नहीं ये सभी फील्ड कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की लाइव लोकेशन के रडार पर भी रहेंगे। इन्हें रोजाना फील्ड की लाइव लोकेशन भी विभाग को भेजनी होगी, जिससे की ये कर्मचारी झूठी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाएंगे। वहीं कर्मचारी की लापरवाही मिलने पर उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित रोगों की जांच के लिए टीमें गठित कर दी है। इससे हाेने वाली बीमारियों में मलेरिया, डेंगू बुखार, जीका वायरस, लाइम रोग और चिकनगुनिया शामिल है। इन बीमारियों की जांच के लिए गांव व शहर के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें अप्रैल से लेकर नवंबर तक गांवों व शहर में वेक्टर जनित रोगों की जांच करेंगी। इन टीमों में 166 कर्मचारी शामिल हैं। इसमें जिले में स्थित 144 सब सेंटरों पर ग्रामीण दायरे में 148 व शहर में 18 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ये टीमें गांव व शहर में जाकर घर घर में जांच करेंगी और सावधानी बरतने के बारे में निर्देश देंगी।
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टीमें जहां भी जांच के लिए जाएंगी उस स्थान की लाइव लोकेशन हेड क्वार्टर भिवानी को भेजेंगी। लोकेशन की जांच के लिए भी टीम गठित की गई है। टीमों को गांव व शहर में जाने के लिए सुबह 11 से तीन बजे तक समय दिया गया है। इस समय में टीम के सदस्य घर-घर जाकर लारवा की जांच करेंगे। टीम के सदस्य घर-घर जाकर बंद पड़े कूलरों, फ्रिज के पीछे पानी के डिब्बे, पानी की टंकियों, पानी में एकत्रित होने वाली वस्तुओं व पानी की हौदियों में लारवा की जांच करेंगे। अगर कही भी टीम को लारवा व पानी भरा दिखाई देता है तो टीम गांव के सरपंच व शहर में एमसी को बताएगी। उसके बाद टीम जहां लारवा मिला है उस घर या दफ्तर को कारण बताओ नोटिस भजेंगी।
मच्छर से हाेने से वाली बीमारियां
- मलेरिया
- डेंगू बुखार
- जीका वायरस
- लाइम रोग
- चिकनगुनिया
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के उपाय
- कूलर की सफाई नियमित रूप से करें।
- गमले में पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकी की सफाई समय पर करें।
- फुल बाजू के कपड़े पहनें।
- घर व आसपास की जगह की सफाई करें।
278 लोगों के लिए सैंपल
अब तक जिले में डेंगू के 278 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला है। वहीं टीम के सदस्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जिस भी जगह की जांच करें। वहां के पानी के सैंपल भी लाए। प्राइवेट अस्पताल में भी एलाइजा टेस्ट के लिए 600 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
मच्छर जनित से होन वाली बीमारियों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। जो समय से पहले मच्छर जनित बीमारियों की जांच घर घर जाकर करेंगी। ये टीमें पानी में बनने वाले लारवा की जांच करेगी और उन्हें बनने से कैसे रोका जाएं उसके रोकथाम के उपाय भी लोगों का बताएगी। अभी तक डेंगू मलेरिया का कोई भी रोगी सामने नहीं आया है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
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ये स्वास्थ्य कर्मी घर-घर दस्तक देंगे और बुखार पीड़ित मरीज मिलने या फिर लारवा पाए जाने पर मकान के मालिक को कारण बताओ नोटिस भी थमाएंगे। इतना ही नहीं ये सभी फील्ड कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की लाइव लोकेशन के रडार पर भी रहेंगे। इन्हें रोजाना फील्ड की लाइव लोकेशन भी विभाग को भेजनी होगी, जिससे की ये कर्मचारी झूठी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाएंगे। वहीं कर्मचारी की लापरवाही मिलने पर उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
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जिला स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित रोगों की जांच के लिए टीमें गठित कर दी है। इससे हाेने वाली बीमारियों में मलेरिया, डेंगू बुखार, जीका वायरस, लाइम रोग और चिकनगुनिया शामिल है। इन बीमारियों की जांच के लिए गांव व शहर के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें अप्रैल से लेकर नवंबर तक गांवों व शहर में वेक्टर जनित रोगों की जांच करेंगी। इन टीमों में 166 कर्मचारी शामिल हैं। इसमें जिले में स्थित 144 सब सेंटरों पर ग्रामीण दायरे में 148 व शहर में 18 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ये टीमें गांव व शहर में जाकर घर घर में जांच करेंगी और सावधानी बरतने के बारे में निर्देश देंगी।
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टीमें जहां भी जांच के लिए जाएंगी उस स्थान की लाइव लोकेशन हेड क्वार्टर भिवानी को भेजेंगी। लोकेशन की जांच के लिए भी टीम गठित की गई है। टीमों को गांव व शहर में जाने के लिए सुबह 11 से तीन बजे तक समय दिया गया है। इस समय में टीम के सदस्य घर-घर जाकर लारवा की जांच करेंगे। टीम के सदस्य घर-घर जाकर बंद पड़े कूलरों, फ्रिज के पीछे पानी के डिब्बे, पानी की टंकियों, पानी में एकत्रित होने वाली वस्तुओं व पानी की हौदियों में लारवा की जांच करेंगे। अगर कही भी टीम को लारवा व पानी भरा दिखाई देता है तो टीम गांव के सरपंच व शहर में एमसी को बताएगी। उसके बाद टीम जहां लारवा मिला है उस घर या दफ्तर को कारण बताओ नोटिस भजेंगी।
मच्छर से हाेने से वाली बीमारियां
- मलेरिया
- डेंगू बुखार
- जीका वायरस
- लाइम रोग
- चिकनगुनिया
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के उपाय
- कूलर की सफाई नियमित रूप से करें।
- गमले में पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकी की सफाई समय पर करें।
- फुल बाजू के कपड़े पहनें।
- घर व आसपास की जगह की सफाई करें।
278 लोगों के लिए सैंपल
अब तक जिले में डेंगू के 278 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला है। वहीं टीम के सदस्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जिस भी जगह की जांच करें। वहां के पानी के सैंपल भी लाए। प्राइवेट अस्पताल में भी एलाइजा टेस्ट के लिए 600 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
मच्छर जनित से होन वाली बीमारियों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। जो समय से पहले मच्छर जनित बीमारियों की जांच घर घर जाकर करेंगी। ये टीमें पानी में बनने वाले लारवा की जांच करेगी और उन्हें बनने से कैसे रोका जाएं उसके रोकथाम के उपाय भी लोगों का बताएगी। अभी तक डेंगू मलेरिया का कोई भी रोगी सामने नहीं आया है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।