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Bhiwani News: श्राद्ध अमावस्या पर तला भोजन खाने से नौ गायों की मौत, गोरक्षकों ने मुंह पर पट्टी बांध जताया रोष
Thu, 03 Oct 2024 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 03 Oct 2024 10:51 PM IST
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भिवानी। श्राद्ध अमावस्या पर तला हुआ भोजन खिलाए जाने की वजह से नौ गायों की मौत हो गई। गायों की मौत से गुस्साए गोरक्षा दल सदस्यों ने मुंह पर पट्टी बांधकर महम रोड स्थित गोशाला में पशु अस्पताल के बाहर रोष प्रदर्शन किया। मौके पर अधिकारी और भारी पुलिस बल भी पहुंचा। वहीं, गो रक्षा दल टीम सदस्यों से अधिकारियों ने बात की।
गोरक्षा दल भिवानी की टीम ने मृत पशुओं को साथ लेकर मुंह पर पट्टी बांधते हुए महम रोड स्थित गोशाला के समक्ष मौन धरना दिया। इस बारे में गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने कहा कि यदि दो दिन पहले किसी प्राकृतिक आपदा का अलर्ट दिया जाए तो प्रशासन बचाव के उपाय पहले ही कर देता है। हालांकि गोरक्षा दल भिवानी एक वर्ष पहले से प्रशासन से अपील करता है कि श्राद्ध की अमावस्या पर गोधन को काल का ग्रास बनने से बचाने के लिए व्यापक प्रबंध करें, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा प्रबंध के सिर्फ दिखावे किए जाते हैं।
परमार ने कहा कि श्राद्ध की अमावस्या पर हर वर्ष गाय मरती हैं और वे हर वर्ष धरना देते हैं। अधिकारी उन्हें अगले वर्ष ऐसा नहीं होने देने का आश्वासन देकर धरना उठा देते हैं। इससे वे थक चुके हैं। संजय परमार ने जिला प्रशासन व नागरिकों से सवाल करते हुए कि हर वर्ष श्राद्ध की अमावस्या पर मरने वाली गायों की मौत का जिम्मेदार कौन है।
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वीरवार सुबह तक हुई तला हुआ भोजन खाने से नौ गायों की मौत की पुष्टि
बुधवार देर रात तक गो रक्षा दल टीम सदस्य बीमार गायों को एंबुलेंस से महम रोड स्थित गोशाला के उपचार कक्ष तक पहुंचाते रहे। लेकिन वीरवार सुबह गांव बामला व शहर के आसपास के बाहरी इलाकों में गायों की मौत की सूचनाएं मिलीं। वीरवार सुबह तक करीब नौ गायों की मौत की पुष्टि कर दी गई।
बीडीओ बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट गो रक्षकों के धरने पर पहुंचे
गोरक्षकों से बातचीत करने करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से बीडीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया। वे अपने साथ नगर परिषद के ईओ को धरनास्थल पर लेकर पहुंचे और मान-मनोवल के बाद गोरक्षकों को 21 सितंबर 2025 को श्राद्ध की अमावस्या पर गाय की मौत को रोकने के लिए लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद गो रक्षक गाय को मिट्टी देने को राजी हुए तथा धरना समाप्त किया।
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गोरक्षा दल भिवानी की टीम ने मृत पशुओं को साथ लेकर मुंह पर पट्टी बांधते हुए महम रोड स्थित गोशाला के समक्ष मौन धरना दिया। इस बारे में गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने कहा कि यदि दो दिन पहले किसी प्राकृतिक आपदा का अलर्ट दिया जाए तो प्रशासन बचाव के उपाय पहले ही कर देता है। हालांकि गोरक्षा दल भिवानी एक वर्ष पहले से प्रशासन से अपील करता है कि श्राद्ध की अमावस्या पर गोधन को काल का ग्रास बनने से बचाने के लिए व्यापक प्रबंध करें, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा प्रबंध के सिर्फ दिखावे किए जाते हैं।
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परमार ने कहा कि श्राद्ध की अमावस्या पर हर वर्ष गाय मरती हैं और वे हर वर्ष धरना देते हैं। अधिकारी उन्हें अगले वर्ष ऐसा नहीं होने देने का आश्वासन देकर धरना उठा देते हैं। इससे वे थक चुके हैं। संजय परमार ने जिला प्रशासन व नागरिकों से सवाल करते हुए कि हर वर्ष श्राद्ध की अमावस्या पर मरने वाली गायों की मौत का जिम्मेदार कौन है।
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वीरवार सुबह तक हुई तला हुआ भोजन खाने से नौ गायों की मौत की पुष्टि
बुधवार देर रात तक गो रक्षा दल टीम सदस्य बीमार गायों को एंबुलेंस से महम रोड स्थित गोशाला के उपचार कक्ष तक पहुंचाते रहे। लेकिन वीरवार सुबह गांव बामला व शहर के आसपास के बाहरी इलाकों में गायों की मौत की सूचनाएं मिलीं। वीरवार सुबह तक करीब नौ गायों की मौत की पुष्टि कर दी गई।
बीडीओ बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट गो रक्षकों के धरने पर पहुंचे
गोरक्षकों से बातचीत करने करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से बीडीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया। वे अपने साथ नगर परिषद के ईओ को धरनास्थल पर लेकर पहुंचे और मान-मनोवल के बाद गोरक्षकों को 21 सितंबर 2025 को श्राद्ध की अमावस्या पर गाय की मौत को रोकने के लिए लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद गो रक्षक गाय को मिट्टी देने को राजी हुए तथा धरना समाप्त किया।