फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Manisha death case: Protest petition filed in CBI court, serious questions raised on police investigation

मनीषा मौत मामला: सीबीआई अदालत में विरोध याचिका दाखिल, पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल

Tue, 22 Sep 2026 03:12 PM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Tue, 22 Sep 2026 03:12 PM IST
विज्ञापन
Manisha death case: Protest petition filed in CBI court, serious questions raised on police investigation
मनीषा के पिता संजय - फोटो : संवाद

मनीषा मौत मामले में एक नया मोड़ आ गया है। मृतका के पिता संजय ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत में विरोध याचिका दाखिल की है। इस याचिका में पुलिस द्वारा की गई जांच को अधूरा और त्रुटिपूर्ण बताया गया है। अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया है और मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की है। बहुचर्चित और संवेदनशील मौत मामले में मनीषा के पिता संजय को न्याय की उम्मीदें फिर से जगी है। 

विज्ञापन


सीबीआई के पूर्व उप कानूनी सलाहकार एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह के माध्यम से याचिकाकर्ता ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय ने कोर्ट में दाखिल विरोध याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया है। मनीषा की मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर पुलिस की रिपोर्ट पर संदेह व्यक्त किया गया है। याचिकाकर्ता संजय का कहना है कि पुलिस ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से ठीक से पूछताछ नहीं की।
विज्ञापन


उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना स्थल से मिले कुछ अहम सुरागों को अनदेखा किया गया। याचिका में पुलिस अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। मामले की शुरुआत में ही जांच की दिशा गलत होने की बात कही गई है। मनीषा के पिता ने कहा, "हमें न्याय की उम्मीद है। पुलिस ने हमारी बात नहीं सुनी।" उन्होंने बताया कि कई बार पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की थीं। लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। या फिर अदालत की निगरानी में फिर से जांच शुरू की जाए। पुलिस ने पहले इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। जिसमें कुछ व्यक्तियों को दोष मुक्त करार दिया गया था। इसी रिपोर्ट के खिलाफ यह विरोध याचिका दायर की गई है। अदालत अब पुलिस रिपोर्ट और विरोध याचिका दोनों पर विचार करेगी। यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। किसान संगठनों व क्षेत्र  के लोगों में भी इस मामले को लेकर काफी रोष है। वे लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

याचिका में ये उठाए मुख्य बिंदु

विरोध याचिका पिता संजय ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता संजय ने दावा किया है कि पुलिस ने मनीषा के शरीर पर मिले चोट के निशानों की ठीक से जांच नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि शव परीक्षण रिपोर्ट में कुछ विसंगतियां थीं, जिन पर ध्यान नहीं दिया गया। याचिका में कुछ गवाहों के बयानों को भी नजरअंदाज करने का आरोप है। इन गवाहों ने घटना से पहले कुछ संदिग्ध गतिविधियों को देखा था। परिजनों ने पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। याचिका में विशेष रूप से कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। जिन्होंने कथित तौर पर जांच में लापरवाही बरती। यह याचिका मामले की पूरी तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। इसमें कई नए तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।

मनीषा मौत में पुलिस जांच पर गंभीर सवाल

मनीषा मौत मामले में पुलिस की जांच शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही है। पिता संजय ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने घटना को आत्महत्या के रूप में दिखाने की कोशिश की। जबकि उनके पास हत्या के पर्याप्त सबूत थे। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आवश्यक वैज्ञानिक जांच में देरी की। जिससे कई महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हो गए या दूषित हो गए। जांच अधिकारियों ने कई बार अपने बयान बदले, जिससे संदेह और गहरा गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जनता के दबाव को नजरअंदाज किया। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "यह सिर्फ मनीषा का मामला नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर सवाल है।" पुलिस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनकी ओर से केवल यह कहा गया है कि जांच नियमानुसार की गई है।

मनीषा के पिता संजय की न्याय की मांग

मनीषा के पिता संजय ने शुरुआत से ही न्याय के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कई बार प्रदर्शन किए और अधिकारियों से मुलाकात की। उनका कहना है कि मनीषा की मौत एक साजिश का नतीजा है। वे चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। मनीषा की मां ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार ने अब अदालत पर अपनी अंतिम उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि अदालत ही उन्हें न्याय दिला सकती है। इस मामले ने स्थानीय लोगों में भी गहरी चिंता पैदा की है। लोग चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और कोई भी अपराधी बच न पाए। परिवार ने हर संभव कानूनी रास्ता अपनाने का संकल्प लिया है।

सीबीआई अदालत ने की विरोध याचिका स्वीकार

सीबीआई के पूर्व उप कानूनी सलाहकार एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह ने बताया कि सीबीआई अदालत ने विरोध याचिका को स्वीकार कर लिया है। अब अदालत पुलिस द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट और विरोध याचिका दोनों की समीक्षा करेगी। अदालत के पास कई विकल्प हैं। वह पुलिस को आगे की जांच का आदेश दे सकती है। या फिर किसी अन्य जांच एजेंसी को मामला सौंप सकती है। अदालत सीधे तौर पर मामले की सुनवाई भी कर सकती है। अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता संजय के वकील हर्ष मोहन सिंह अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे। पुलिस को भी अपनी रिपोर्ट का बचाव करने का मौका मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed