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Bhiwani News: कैरू व्यायामशाला में छलकते हैं जाम, परिसर में टूटी बोतलों का बिखरा कांच
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कैरू व्यायाम शाला में बने कमरे के अंदर टूटी पड़ी शराब की बोतले।
कैरू। गांव कैरू की व्यायामशाला में शराबियों के जाम छलकते हैं। परिसर में टूटी हुई बोतलों का कांच बिखरा पड़ा है। वहीं लावारिस पशु भी यहां गंदगी फैला रहे हैं, जिसकी सफाई तक नहीं हो रही है। परिसर में बना भूमिगत टैंक भी खुला पड़ा है। इससे हादसे की आशंका बनी है।
व्यायामशाला में पीने का पानी व शौचालय मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। फर्श भी बदहाल हैं। कूड़ा कचरा बिखरा हुआ है। ऐसे व्यायामशाला में महिला, युवा व बच्चे योग करने के लिए संकोच करते हैं। क्योंकि व्यायाम खुद ही बीमार पड़ी है। कैरू आसपास के गांवों का मुख्य केंद्र है।
पंचायती राज विभाग ने लाखों रुपये खर्च करके लोगों को निरोग बनाने के लिए योगशाला बनाई थी। व्यायामशाला में दिनभर लावारिस पशु आराम फरमाते हैं। गांव के बाहर असामाजिक तत्वों के लिए भी व्यायामशाला बैठकर शराब पीने का भी अड्डा बना है। जो यहां पर ही कांच की बोतलों को भी तोड़ जाते हैं। इससे किसी के भी चोटिल होने का भय बना रहता है।
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व्यायामशाला तो बना दी लेकिन न तो कोई योग सहायक आया है न ही कभी योग होता है। व्यायामशाला होने के बावजूद भी योग दिवस कार्यक्रम कॉलेज या स्कूल में किया जाता है। ऐसे में योगशाला पशुओं का अड्डा बन गया है
-- मनोज तंवर, कैरू।
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लाखों रुपये की राशि खर्च करके लोगों का स्वास्थ्य चमकाने के लिए व्यायामशाला खोली गई थी। अब ऐसी हालत कि यहां कोई नहीं आता है। न यहां सुविधा है न कोई इंतजाम। प्रशासन और आयुष विभाग भी यहां कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-- बिनु कैरू।
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व्यायामशाला में पीने का पानी व शौचालय मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। फर्श भी बदहाल हैं। कूड़ा कचरा बिखरा हुआ है। ऐसे व्यायामशाला में महिला, युवा व बच्चे योग करने के लिए संकोच करते हैं। क्योंकि व्यायाम खुद ही बीमार पड़ी है। कैरू आसपास के गांवों का मुख्य केंद्र है।
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पंचायती राज विभाग ने लाखों रुपये खर्च करके लोगों को निरोग बनाने के लिए योगशाला बनाई थी। व्यायामशाला में दिनभर लावारिस पशु आराम फरमाते हैं। गांव के बाहर असामाजिक तत्वों के लिए भी व्यायामशाला बैठकर शराब पीने का भी अड्डा बना है। जो यहां पर ही कांच की बोतलों को भी तोड़ जाते हैं। इससे किसी के भी चोटिल होने का भय बना रहता है।
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व्यायामशाला तो बना दी लेकिन न तो कोई योग सहायक आया है न ही कभी योग होता है। व्यायामशाला होने के बावजूद भी योग दिवस कार्यक्रम कॉलेज या स्कूल में किया जाता है। ऐसे में योगशाला पशुओं का अड्डा बन गया है
लाखों रुपये की राशि खर्च करके लोगों का स्वास्थ्य चमकाने के लिए व्यायामशाला खोली गई थी। अब ऐसी हालत कि यहां कोई नहीं आता है। न यहां सुविधा है न कोई इंतजाम। प्रशासन और आयुष विभाग भी यहां कोई ध्यान नहीं दे रहा है।