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17 को तय होगा किस वार्ड में पार्षद का चुनाव लड़ेंगी महिला प्रत्याशी
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भिवानी। भिवानी नगर परिषद की चुनावी सरगर्मियां शुरू होने से पहले आरक्षित वार्डों की कवायद अब तेज हो गई है। भिवानी नगर परिषद चुनावों में किस वार्ड से महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ेगी। यह शहरी स्थानीय निकास निदेशालय में 17 दिसंबर की बैठक में तय होगा। बैठक में भिवानी नगर परिषद के सभी 31 वार्डों में महिला, अनुसूचित और पिछड़े वर्ग के वार्ड आरक्षण का फैसला भी ड्रॉ के माध्यम से लिया जाएगा।
नई वार्डबंदी के बाद शहर में जनसंख्या के अनुसार कई वार्डों में वोटों का समीकरण बदल गया है। भिवानी में नई वार्डबंदी के बाद महिला आरक्षण के साथ-साथ अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों के लिए भी अलग-अलग वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। जिसका ड्रॉ 17 दिसंबर को शहरी स्थानीय निकास निदेशालय की बैठक में लिया जाएगा।
भिवानी शहर के 31 वार्डों में करीब ढाई लाख जनसंख्या के अनुसार नई वार्डबंदी की गई है। इस वार्डबंदी के अनुसार शहर की कई बड़ी कॉलोनियों को दो से तीन वार्डों में वोटरों के हिसाब से बांटा गया है। इसी के साथ नगर परिषद की राजनीति में दिग्गज पार्षदों के वार्ड भी शामिल हैं। नई वार्ड बंदी के अनुसार वोटों का समीकरण भी बदल गया है। ऐसे में दिग्गज पार्षद अब अपने वार्ड में शामिल नए वोटरों के हिसाब से चुनाव की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। फरवरी 2022 में वर्तमान नगर परिषद का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। निदेशालय भिवानी नगर परिषद चेयरमैन की कुर्सी पर सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित करने का फैसला पहले ही ले चुका है। इसलिए अगली योजना में नगर परिषद में चेयरमैन नहीं, बल्कि नप चेयरपर्सन चुनी जाएंगी। इसके बाद अब नई वार्डबंदी के अनुसार सभी 31 वार्डों में महिला, अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों के लिए भी आरक्षित करने का ड्रॉ होगा।
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17 को निदेशालय में होगी बैठक
भिवानी नगर परिषद में वार्डबंदी के अनुसार महिला आरक्षित व अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी के लिए वार्डों के आरक्षण का फैसला ड्रॉ द्वारा लिया जाएगा। इसके लिए 17 दिसंबर को निदेशालय में बैठक होगी। इस बैठक में तदर्थ समिति के सदस्य भी शामिल होंगे।
-मनेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।
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नई वार्डबंदी के बाद शहर में जनसंख्या के अनुसार कई वार्डों में वोटों का समीकरण बदल गया है। भिवानी में नई वार्डबंदी के बाद महिला आरक्षण के साथ-साथ अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों के लिए भी अलग-अलग वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। जिसका ड्रॉ 17 दिसंबर को शहरी स्थानीय निकास निदेशालय की बैठक में लिया जाएगा।
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भिवानी शहर के 31 वार्डों में करीब ढाई लाख जनसंख्या के अनुसार नई वार्डबंदी की गई है। इस वार्डबंदी के अनुसार शहर की कई बड़ी कॉलोनियों को दो से तीन वार्डों में वोटरों के हिसाब से बांटा गया है। इसी के साथ नगर परिषद की राजनीति में दिग्गज पार्षदों के वार्ड भी शामिल हैं। नई वार्ड बंदी के अनुसार वोटों का समीकरण भी बदल गया है। ऐसे में दिग्गज पार्षद अब अपने वार्ड में शामिल नए वोटरों के हिसाब से चुनाव की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। फरवरी 2022 में वर्तमान नगर परिषद का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। निदेशालय भिवानी नगर परिषद चेयरमैन की कुर्सी पर सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित करने का फैसला पहले ही ले चुका है। इसलिए अगली योजना में नगर परिषद में चेयरमैन नहीं, बल्कि नप चेयरपर्सन चुनी जाएंगी। इसके बाद अब नई वार्डबंदी के अनुसार सभी 31 वार्डों में महिला, अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों के लिए भी आरक्षित करने का ड्रॉ होगा।
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17 को निदेशालय में होगी बैठक
भिवानी नगर परिषद में वार्डबंदी के अनुसार महिला आरक्षित व अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी के लिए वार्डों के आरक्षण का फैसला ड्रॉ द्वारा लिया जाएगा। इसके लिए 17 दिसंबर को निदेशालय में बैठक होगी। इस बैठक में तदर्थ समिति के सदस्य भी शामिल होंगे।
-मनेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।