फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   insurance, roadways buses, 28 buses

बीमा न होने से थमे 28 रोडवेज बसों के पहिये, 33 कंडम होने से कई मार्गों पर सेवा ठप

Thu, 06 Aug 2020 01:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 01:24 AM IST
विज्ञापन
insurance, roadways buses, 28 buses
भिवानी बस स्टैंड पर बूथ पर लगी बसें। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
इंश्योरेंस के अभाव में भिवानी डिपो की 28 रोडवेज बसों के पहिये थम गए हैं और फिलहाल ये बसें रोडवेज कर्मशाला में पिछले तीन माह से खड़ी हैं। इतना ही नहीं 33 बसें कंडम हो चुकी हैं। बसों के वर्कशॉप में खड़ा होने का सीधा असर बस सेवा पर हुआ है और अनेक लंबे रूटों के साथ-साथ ग्रामीण रूटों पर भी बस सेवा बंद हो गई है।
विज्ञापन

हालांकि बस सेवाएं बंद होने को कोरोना संक्रमण से भी जोड़कर देखा जा रहा है मगर इतनी बड़ी संख्या में बसें वर्कशॉप में खड़े होना भी एक बड़ा कारण है। कर्मचारियों की माने तो अधिकारी चलाने के लिए दबाव बना रहे हैं मगर बिना इंश्योरेंस वे कैसे बसें चला सकते हैं। रोडवेज विभाग के अधिकारियों की माने तो इस बारे में परिवहन मुख्यालय को कई बार पत्र लिखकर इंश्योरेंस बजट की मांग कर चुके हैं, लेकिन मामला वित्त विभाग में मंजूरी को लेकर अटका हुआ है। डिपो की 14 बसें तो कबाड़ में ऑक्सन होने के इंतजार में खड़ी हैं।
विज्ञापन

भिवानी डिपो में 175 बसों का नॉर्म निर्धारित किया हुआ है। लेकिन फिलहाल डिपो के पास 166 रोडवेज बसें है। इनमें 28 रोडवेज बसें लॉकडाउन से पहले ही बिना इंश्योरेंस के रोडवेज कर्मशाला में पिछले तीन माह से खड़ी हैं। जबकि 33 बसें कंडम हो चुकी हैं। इनमें से 14 रोडवेज बसें तो चल भी नहीं सकती, जिन्हें अधिकारी ऑक्सन कराने की तैयारी कर चुके हैं। केवल 105 बसें ही रूटों पर दौड़ने लायक हैं। इनमें भी अधिकांश बसों को रोडवेज विभाग में चलते छह साल से अधिक का समय बीत चुका है। हर साल रोडवेज विभाग बसों का इंश्योरेंस कराता है। जिसके लिए अलग से बजट की मंजूरी वित्त विभाग से लेना अनिवार्य है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से अधिकारियों ने कई बार परिवहन निदेशालय के साथ पत्राचार किया और बजट की मांग की, मगर मामला वित्त विभाग के समक्ष मंजूरी को लेकर लटक गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं चल रही बसें, लोग परेशान
लंबी दूरी के अलावा अनेक लोकल रूटों पर भी लोग बस सेवा के लिए परेशान है। मजबूरी में प्राइवेट वाहनों में सफर करने को मजबूर है। लोकल रूटों पर इक्का-दुक्का बसें ही चल रही हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित होने वाले रूट भिवानी से महम, भिवानी से चरखी दादरी, भिवानी से रोहतक, भिवानी से लोहारू व लंबी दूरी के अधिकांश रूट बंद पड़े हैं, जिनमें दिल्ली, चंडीगढ़, अजमेर, देहरादून, हरिद्वार शामिल हैं।
2019 में आई थी पांच नई बसें, 33 हो गई कंडम
भिवानी परिवहन बेड़े में वर्ष 2019 में सिर्फ पांच नई बसें आई थी। जबकि 33 बसें कंडम घोषित हो गई। इसी तरह हाल ही में पांच नई मिनी बसें भी शामिल हुई हैं। लेकिन अधिकांश बसें कंडम होने से लगातार परिवहन बेड़ा सिमट कर छोटा होता जा रहा है, जिससे यात्री सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

यूं खड़ी हुई बिना इंश्योरेंस रोडवेज बसें
अप्रैल माह छह बसें खड़ी हुई
मई माह छह बसें खड़ी हुई
जून माह 16 रोडवेज बसें बिना इंश्योरेंस खड़ी हो गई
वर्जन-
अप्रैल माह से रोडवेज बसों का इंश्योरेंस बकाया चल रहा है। इस संबंध में परिवहन निदेशालय के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है। बसों के इंश्योरेंस के लिए वित्त विभाग से बजट आना है। इसी के बाद इन बसों का इंश्योरेंस होगा और फिर इनका संचालन संभव हो पाएगा।
- भरत सिंह परमार, जिला यातायात प्रबंधक भिवानी डिपो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed