{"_id":"631cbb8cd4bd7f168c01c623","slug":"hindi-language-of-our-rites-prof-brajesh-sahni-bhiwani-news-hsr641560316","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिन्दी हमारे संस्कारों की भाषा: प्रो. ब्रजेश साहनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिन्दी हमारे संस्कारों की भाषा: प्रो. ब्रजेश साहनी
विज्ञापन
भिवानी। हिंदी हमारी आत्मा की भाषा है, यह हमारे संस्कारों की भाषा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषा में शिक्षण एवं संप्रेषण कौशल पर विशेष बल दिया है। इसे समझना हम सभी भारतवासियों के लिए आवश्यक है। भारतीय भाषाओं को साथ लेकर चलना हिंदी की प्रमुख विशेषता है। ये विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कलां एवं भाषा संकाय के डीन, पूर्व अध्यक्ष अंग्रेजी-विभाग एवं निदेशक लोक संपर्क-विभाग प्रो. ब्रजेश साहनी ने चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के हिंदी-विभाग की ओर से आयोजित हिंदी सप्ताह के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता में कहे।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण होती है। भाषण भी एक कला है, जिससे विद्यार्थी में आत्मविश्वास और सहयोग की भावना पनपती है। हिंदी-विभाग के अध्यक्ष एवं मानविकी संकाय के डीन व स्वामी विवेकानंद व्यक्तित्व विकास केंद्र के चेयरमैन प्रो. बाबूराम ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर ब्रजेश साहनी का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती है। वास्तव में भारतेंदु नव जागरण के अग्रदूत थे। इसलिए उनका युग भारतेंदु मंडल के नाम से विश्वविख्यात है। हिंदी सप्ताह के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई। 14 सितंबर का हिंदी दिवस पर विजेताओं का पुरस्कृत किया जाएगा। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम उर्मिला, द्वितीय रिंकु और तृतीय स्थान पर निशा व रीतु रही। डॉ. दीपक कुमारी एवं डॉ. सुशीला निर्णायक मंडल के सदस्य रहे। प्राध्यापक परिषद के सचिव धर्मवीर ने सभी का आभार व्यक्त किया। डॉ. महक ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण होती है। भाषण भी एक कला है, जिससे विद्यार्थी में आत्मविश्वास और सहयोग की भावना पनपती है। हिंदी-विभाग के अध्यक्ष एवं मानविकी संकाय के डीन व स्वामी विवेकानंद व्यक्तित्व विकास केंद्र के चेयरमैन प्रो. बाबूराम ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर ब्रजेश साहनी का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती है। वास्तव में भारतेंदु नव जागरण के अग्रदूत थे। इसलिए उनका युग भारतेंदु मंडल के नाम से विश्वविख्यात है। हिंदी सप्ताह के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई। 14 सितंबर का हिंदी दिवस पर विजेताओं का पुरस्कृत किया जाएगा। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम उर्मिला, द्वितीय रिंकु और तृतीय स्थान पर निशा व रीतु रही। डॉ. दीपक कुमारी एवं डॉ. सुशीला निर्णायक मंडल के सदस्य रहे। प्राध्यापक परिषद के सचिव धर्मवीर ने सभी का आभार व्यक्त किया। डॉ. महक ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
विज्ञापन