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Bhiwani News: ग्रेप-तीन के आदेश कागजों में, जमीन पर उड़ रही धूल, जिले का एक्यूआई रेड जोन में
Sat, 15 Nov 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 15 Nov 2025 01:16 AM IST
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बासिया भवन से कोर्ट की तरफ जाने वाले मार्ग पर पानी का छिड़काव करती मशीन।
भिवानी। जिले में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है लेकिन ग्रेप-तीन के आदेश कागजों से बाहर आते नहीं दिख रहे। निर्माण स्थलों, मुख्य सड़कों और औद्योगिक क्षेत्रों में धूल दिनभर उड़ती रही वहीं शुक्रवार को एक्यूआई 351 दर्ज होने के बाद भिवानी रेड जोन में पहुंच गया। भारी प्रदूषण के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत, गले में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी शिकायतें पहले से 10 गुणा बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज में इन समस्याओं के प्रतिदिन 350 से अधिक मरीज आ रहे हैं।
प्रशासन के निर्देशों के बावजूद शहर के अधिकांश क्षेत्रों में पानी का छिड़काव न के बराबर है। डीसी साहिल गुप्ता ने कैंप कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रेप-थ्री के आदेशों की कड़ाई से पालना कराई जाए और प्रदूषण फैलाने वालों के चालान काटे जाएं। साथ ही ईंट-भट्ठों, क्रशर जोन और औद्योगिक इकाइयों पर लगी पाबंदियों का पालन करवाने के निर्देश दिए गए लेकिन जमीन पर हालात विपरीत तस्वीर पेश कर रहे हैं। कई स्थानों पर चिमनियां अब भी जहरीला धुआं उगल रहीं हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद ग्रेप-थ्री लागू हो चुका है। भिवानी में भी कई हिदायतें जारी हैं लेकिन सरकारी भवन निर्माण साइटों से लेकर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण तक धूल का उड़ना जारी है। औद्योगिक इकाइयों पर भी निगरानी ढीली दिख रही है।
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लघु सचिवालय के आसपास पानी का छिड़काव जरूर हो रहा है लेकिन सर्कुलर रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर धूल उड़ रही है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी झाड़ू से ही सफाई करते हैं जिससे हवा में धूलकण और बढ़ जाते हैं। शहर की हवा में स्मॉग की चादर पसरी हुई है और प्रदूषण का स्तर हर दिन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 351 दर्ज किया गया जो स्थिति की गंभीरता को साफ दिखाता है।
डीसी ने दिए ग्रेप-तीन की पाबंदियों की पालना कराने के सख्त आदेश
डीसी साहिल गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकाय, एचएसआईआईडीसी, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, पंचायत विभाग सहित संबंधित सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि ग्रेप-थ्री के तहत लगी पाबंदियों को अपने-अपने क्षेत्र में सख्ती से लागू करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का स्तर मानकों से अधिक है इसलिए हर विभाग प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भिजवाए। डीसी ने यह भी कहा कि आदेशों की अवहेलना कर प्रदूषण फैलाने वालों के चालान किए जाएं।
केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां
डीसी ने ग्रेप-तीन के तहत धूल नियंत्रण को लेकर मशीनों और वैक्यूम आधारित सफाई, रोजाना पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण सामग्री के प्रयोग के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां जैसे प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल वर्क, कारपेंट्री और इंटीरियर फिनिशिंग की अनुमति है। स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
अधिकारी काटें प्रदूषण फैलाने वालों के चालान
डीसी ने नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिए कि ग्रेप-तीन के दौरान नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि सड़क पर जाम की स्थिति न बनने दें। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निजी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों और बड़े प्रतिष्ठानों में लगे जनरेटरों की स्थिति की जांच के निर्देश दिए गए।
ग्रेप-तीन में जारी हिदायतें
निर्माण और खनन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी।
डीजल के बीएस-तीन व बीएस-चार वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध।
निजी वाहनों के उपयोग से बचने की सलाह।
कचरा जलाना प्रतिबंधित।
नागरिक प्रदूषण से बचने के लिए सावधानी बरतें और अनावश्यक आवाजाही न करें।
खानक में क्रशरों के संचालन को रोकने के लिए बिजली निगम ने तीन फेस बिजली आपूर्ति को घटाकर एक फेस कर दिया है। शहर की सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए स्प्रींकलर मशीन से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रेप-तीन की पाबंदी की अवहेलना पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुनील श्योराण, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी
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प्रशासन के निर्देशों के बावजूद शहर के अधिकांश क्षेत्रों में पानी का छिड़काव न के बराबर है। डीसी साहिल गुप्ता ने कैंप कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रेप-थ्री के आदेशों की कड़ाई से पालना कराई जाए और प्रदूषण फैलाने वालों के चालान काटे जाएं। साथ ही ईंट-भट्ठों, क्रशर जोन और औद्योगिक इकाइयों पर लगी पाबंदियों का पालन करवाने के निर्देश दिए गए लेकिन जमीन पर हालात विपरीत तस्वीर पेश कर रहे हैं। कई स्थानों पर चिमनियां अब भी जहरीला धुआं उगल रहीं हैं।
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद ग्रेप-थ्री लागू हो चुका है। भिवानी में भी कई हिदायतें जारी हैं लेकिन सरकारी भवन निर्माण साइटों से लेकर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण तक धूल का उड़ना जारी है। औद्योगिक इकाइयों पर भी निगरानी ढीली दिख रही है।
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लघु सचिवालय के आसपास पानी का छिड़काव जरूर हो रहा है लेकिन सर्कुलर रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर धूल उड़ रही है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी झाड़ू से ही सफाई करते हैं जिससे हवा में धूलकण और बढ़ जाते हैं। शहर की हवा में स्मॉग की चादर पसरी हुई है और प्रदूषण का स्तर हर दिन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 351 दर्ज किया गया जो स्थिति की गंभीरता को साफ दिखाता है।
डीसी ने दिए ग्रेप-तीन की पाबंदियों की पालना कराने के सख्त आदेश
डीसी साहिल गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकाय, एचएसआईआईडीसी, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, पंचायत विभाग सहित संबंधित सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि ग्रेप-थ्री के तहत लगी पाबंदियों को अपने-अपने क्षेत्र में सख्ती से लागू करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का स्तर मानकों से अधिक है इसलिए हर विभाग प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भिजवाए। डीसी ने यह भी कहा कि आदेशों की अवहेलना कर प्रदूषण फैलाने वालों के चालान किए जाएं।
केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां
डीसी ने ग्रेप-तीन के तहत धूल नियंत्रण को लेकर मशीनों और वैक्यूम आधारित सफाई, रोजाना पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण सामग्री के प्रयोग के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां जैसे प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल वर्क, कारपेंट्री और इंटीरियर फिनिशिंग की अनुमति है। स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
अधिकारी काटें प्रदूषण फैलाने वालों के चालान
डीसी ने नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिए कि ग्रेप-तीन के दौरान नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि सड़क पर जाम की स्थिति न बनने दें। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निजी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों और बड़े प्रतिष्ठानों में लगे जनरेटरों की स्थिति की जांच के निर्देश दिए गए।
ग्रेप-तीन में जारी हिदायतें
निर्माण और खनन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी।
डीजल के बीएस-तीन व बीएस-चार वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध।
निजी वाहनों के उपयोग से बचने की सलाह।
कचरा जलाना प्रतिबंधित।
नागरिक प्रदूषण से बचने के लिए सावधानी बरतें और अनावश्यक आवाजाही न करें।
खानक में क्रशरों के संचालन को रोकने के लिए बिजली निगम ने तीन फेस बिजली आपूर्ति को घटाकर एक फेस कर दिया है। शहर की सड़कों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए स्प्रींकलर मशीन से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रेप-तीन की पाबंदी की अवहेलना पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुनील श्योराण, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी