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Bhiwani News: जिले के सभी तालाबों में 31 मार्च तक डाली जाएंगी गंबूजिया मछली
Thu, 28 Mar 2024 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 28 Mar 2024 02:44 AM IST
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भिवानी। जिले के लोगों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के नेतृत्व में प्रतिदिन गांवों के तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले के 286 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी गई हैं। यह कार्य 31 मार्च तक लगातार चलता रहेगा।
सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया की मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम करने के लिए उपायुक्त नरेश नरवाल की अध्यक्षता में जिलास्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी का गठन करवाते हुए बैठक का आयोजन करवाया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिले के अन्य विभागों का भी सहयोग लेते हुए उनके विभागों में भी स्वास्थ्य नोडल ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे। ये नोडल अधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यालय में मच्छर जनित बीमारियां पैदा करने वाले स्थान जैसे कूलर, टंकी, होदी, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, कार्यालय, पार्क को साफ रखवांएगे तथा अपने-अपने ऑफिस में प्रत्येक शुक्रवार को ड्राई डे मनाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी को वार्ड/गांव आबंटित किए जाएंगे ताकि संबंधित क्षेत्र में मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम हो सके। इसके अतिरिक्त जिले में जिलास्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सीएचसी पर रैपिड रिस्पांस टीमों का भी गठन किया गया है। जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।
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उप सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार बताया कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया मच्छर जनित बीमारियां पैदा करने वाले मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पैदा होते हैं। जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेवारी लगाते हुए आदेश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में स्थाई तालाबों को चिह्ति करें और उन तालाबों के अंदर गंबूजिया मछली छुड़वाएं ताकि संबंधित उप स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र में मच्छर जनित बीमारियां पैदा ना हो। गंबूजिया मछली पूरे तालाब को गंदा नहीं करती और ये डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया मच्छर जनित बीमारियों से बचाती है। यह मच्छरों का लारवा खा जाती हैं, जिससे मच्छर पनप नहीं पाते हैं।
उप सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम नियाज ने गंबूजिया मछली को गांव गोलागढ, भानगढ़, कैरू, चंदावास आदि के विभिन्न तालाबों में डाली गई हैं। टीम में शामिल नवीन कुमार बायोलॉजिस्ट, जगदीश प्रसाद स्वास्थ्य निरीक्षक, सुनील कुमार तथा सुरेश कुमार स्वास्थ्य कार्यकर्ता व राजकुमार द्वारा जिला के विभिन्न तालाबों में मछली डाली जा रही हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया की मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम करने के लिए उपायुक्त नरेश नरवाल की अध्यक्षता में जिलास्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी का गठन करवाते हुए बैठक का आयोजन करवाया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिले के अन्य विभागों का भी सहयोग लेते हुए उनके विभागों में भी स्वास्थ्य नोडल ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे। ये नोडल अधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यालय में मच्छर जनित बीमारियां पैदा करने वाले स्थान जैसे कूलर, टंकी, होदी, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, कार्यालय, पार्क को साफ रखवांएगे तथा अपने-अपने ऑफिस में प्रत्येक शुक्रवार को ड्राई डे मनाएंगे।
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उन्होंने बताया कि जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी को वार्ड/गांव आबंटित किए जाएंगे ताकि संबंधित क्षेत्र में मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम हो सके। इसके अतिरिक्त जिले में जिलास्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सीएचसी पर रैपिड रिस्पांस टीमों का भी गठन किया गया है। जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।
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उप सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार बताया कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया मच्छर जनित बीमारियां पैदा करने वाले मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पैदा होते हैं। जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेवारी लगाते हुए आदेश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में स्थाई तालाबों को चिह्ति करें और उन तालाबों के अंदर गंबूजिया मछली छुड़वाएं ताकि संबंधित उप स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र में मच्छर जनित बीमारियां पैदा ना हो। गंबूजिया मछली पूरे तालाब को गंदा नहीं करती और ये डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया मच्छर जनित बीमारियों से बचाती है। यह मच्छरों का लारवा खा जाती हैं, जिससे मच्छर पनप नहीं पाते हैं।
उप सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम नियाज ने गंबूजिया मछली को गांव गोलागढ, भानगढ़, कैरू, चंदावास आदि के विभिन्न तालाबों में डाली गई हैं। टीम में शामिल नवीन कुमार बायोलॉजिस्ट, जगदीश प्रसाद स्वास्थ्य निरीक्षक, सुनील कुमार तथा सुरेश कुमार स्वास्थ्य कार्यकर्ता व राजकुमार द्वारा जिला के विभिन्न तालाबों में मछली डाली जा रही हैं।