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Bhiwani News: मंढाना में श्मशान घाट में भरा चार फीट पानी, ग्रामीणों को जलभराव में करना पड़ा अंतिम संस्कार
Thu, 07 Aug 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 07 Aug 2025 12:54 AM IST
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बवानीखेड़ा। क्षेत्र के गांव मंढाना में बरसाती जलभराव ने हालात इतने गंभीर कर दिए हैं कि मृतक का दाह संस्कार करना भी मुश्किल हो गया है। गांव के श्मशान घाट में चार फीट तक पानी भरा हुआ है जिससे चिता जलाना लगभग असंभव हो गया है। खेतों में जमा पानी अब आबादी की ओर बढ़ रहा है और कीटनाशकों व उर्वरकों के कारण इस पानी से संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
गांव के चारों ओर तीन से चार फीट तक बरसाती पानी जमा है जिससे आवागमन के रास्ते भी बंद हो गए हैं। ग्रामीण अशोक, राजवीर, राजेश, संजय, दिनेश, दीपक, प्रवीण, सुशील और रामधारी ने बताया कि पानी में डूबने से कई पशु-पक्षियों की मौत हो चुकी है और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में गांव के एक सांड़ ने यह पानी पी लिया जिसके बाद वह तड़पने लगा। सूचना पर गोसेवा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और सांड़ को गोशाला में ले जाकर उपचार शुरू किया। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में डाले गए उर्वरक और दवाइयों का असर जमा पानी में भी है जिससे मवेशी बीमार हो रहे हैं।
80 वर्षीय महिला का जलभराव के बीच किया अंतिम संस्कार
बुधवार सुबह 80 वर्षीय सरस्वती, पत्नी रामदास का निधन हो गया। ग्रामीण लकड़ी और अन्य सामान लेकर श्मशान घाट पहुंचे तो देखा कि वहां भी तीन से चार फीट पानी जमा है। बड़ी मशक्कत के बाद ही दाह संस्कार संभव हो सका। ग्रामीण लीलू राम ने बताया कि उन्होंने जल निकासी के प्रयास किए लेकिन भारी बारिश के कारण सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने विधायक कपूर वाल्मीकि को भी समस्या से अवगत कराया और निकासी की मांग की लेकिन समाधान नहीं हो पाया। अब गांव में चारे की कमी, गंदगी से उठती बदबू और गंभीर बीमारी फैलने का डर लोगों में बेचैनी बढ़ा रहा है।
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गांव के चारों ओर तीन से चार फीट तक बरसाती पानी जमा है जिससे आवागमन के रास्ते भी बंद हो गए हैं। ग्रामीण अशोक, राजवीर, राजेश, संजय, दिनेश, दीपक, प्रवीण, सुशील और रामधारी ने बताया कि पानी में डूबने से कई पशु-पक्षियों की मौत हो चुकी है और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में गांव के एक सांड़ ने यह पानी पी लिया जिसके बाद वह तड़पने लगा। सूचना पर गोसेवा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और सांड़ को गोशाला में ले जाकर उपचार शुरू किया। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में डाले गए उर्वरक और दवाइयों का असर जमा पानी में भी है जिससे मवेशी बीमार हो रहे हैं।
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80 वर्षीय महिला का जलभराव के बीच किया अंतिम संस्कार
बुधवार सुबह 80 वर्षीय सरस्वती, पत्नी रामदास का निधन हो गया। ग्रामीण लकड़ी और अन्य सामान लेकर श्मशान घाट पहुंचे तो देखा कि वहां भी तीन से चार फीट पानी जमा है। बड़ी मशक्कत के बाद ही दाह संस्कार संभव हो सका। ग्रामीण लीलू राम ने बताया कि उन्होंने जल निकासी के प्रयास किए लेकिन भारी बारिश के कारण सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने विधायक कपूर वाल्मीकि को भी समस्या से अवगत कराया और निकासी की मांग की लेकिन समाधान नहीं हो पाया। अब गांव में चारे की कमी, गंदगी से उठती बदबू और गंभीर बीमारी फैलने का डर लोगों में बेचैनी बढ़ा रहा है।
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