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अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार के खिलाफ पहला वोट मेरा : सोमबीर
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गांव कितलाना टोल स्थित धरने पर काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। दादरी के निर्दलीय विधायक और खाप सांगवान 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कहा कि विधानसभा में गठबंधन सरकार के खिलाफ पेश होने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर वे पहले विधायक होंगे जो वोटिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है लेकिन मौजूदा सरकार गूंगी-बहरी बनी हुई है। किसानों ने काले झंडे लहराकर विरोध दिवस मनाया।
विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि किसान आंदोलन को 100 दिन हो गए हैं, इस दौरान 250 से ज्यादा किसान शहादत दे चुके हैं। उसके बावजूद सरकार जानबूझकर किसानों की अनदेखी कर रही है जो असहनीय है। सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेने से बाज आए। शनिवार को धरने की अध्यक्षता खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, मा. ओमप्रकाश, राजू मान, जमात अली, रतन्नी देवी, गंगाराम श्योराण, सूबेदार चंदन कितलाना, रामकुमार सोलंकी, मा. राजसिंह, दिलबाग ग्रेवाल ने संयुक्त रूप से की। हर गांव में घरों में जहां काले झंडे लहराए वहीं शहरों में प्रमुख चौराहों पर काले झंडों के साथ प्रदर्शन किए गए हैं। मंच संचालन धर्मेंद्र छपार ने किया। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र डोहकी, बलबीर बजाड़, दिलबाग ढुल, कप्तान रामफल, अजित सिंह फौगाट, सत्यवान कालुवाला, प्रेम सिंह, शमशेर सांगवान, पूर्व सरपंच संजय मंदोला, पूर्व सरपंच टेकराम मंदोला, सरदारा राम, रणधीर घिकाड़ा, पूर्व सरपंच नरेंद्र फतेहगढ़, पूर्व सरपंच राजेश सारंगपुर, पूर्व सरपंच रामानंद सारंगपुर, नत्थूराम शर्मा, मंगल सुई, प्रोफेसर जगमिंद्र, सीमा कितलाना, बिमला, लक्ष्मी, निम्बो, मूर्ति देवी आदि मौजूद थे।
तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने मनाया काला दिवस
वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसान संगठन प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और धरनारत किसानों के समर्थन में काला दिवस मनाया। इस मौके पर एकत्रित किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व काले झंडे के साथ कृषि से जुड़े तीनों कानून वापस लेने की मांग की।
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कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार का अड़ियल रवैया देखते हुए किसान और ज्यादा मजबूती से आंदोलन में भागीदारी करेगा। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते, किसान अपना संघर्ष जारी रखेंगे। किसान नेता गंगाराम श्योराण ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल सिंह प्रधान ने कहा कि गांव-गांव तक इस मुहिम को ले जाया जाएगा। किसान नेता राकेश आर्य ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, किसानों का आंदोलन यू ही जारी रहेगा। इस अवसर पर सज्जन कुमार, करतार सिंह ग्रेवाल, कामरेड कुलभूषण आर्य, रत्न जिंदल, पार्षद बलवान सिंह, अनिल शेषमा, राजबीर सिंह, सुरेश शर्मा, सुमित भट्ट, रणधीर सिंह कुंगड़, संतोष देशवाल, बिमला घणघस, रत्न माला तिगड़ाना, अनिल पंघाल, पवन धानक, मुकेश शर्मा ढाणीमाहु, महाबीर सिंह लंबोरिया, गिरवर सिंह राठौड़, करतार गिल, प्रवीण नैन, सत्ते श्योराण प्रतिनिधि शामिल रहे।
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विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि किसान आंदोलन को 100 दिन हो गए हैं, इस दौरान 250 से ज्यादा किसान शहादत दे चुके हैं। उसके बावजूद सरकार जानबूझकर किसानों की अनदेखी कर रही है जो असहनीय है। सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेने से बाज आए। शनिवार को धरने की अध्यक्षता खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, मा. ओमप्रकाश, राजू मान, जमात अली, रतन्नी देवी, गंगाराम श्योराण, सूबेदार चंदन कितलाना, रामकुमार सोलंकी, मा. राजसिंह, दिलबाग ग्रेवाल ने संयुक्त रूप से की। हर गांव में घरों में जहां काले झंडे लहराए वहीं शहरों में प्रमुख चौराहों पर काले झंडों के साथ प्रदर्शन किए गए हैं। मंच संचालन धर्मेंद्र छपार ने किया। इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र डोहकी, बलबीर बजाड़, दिलबाग ढुल, कप्तान रामफल, अजित सिंह फौगाट, सत्यवान कालुवाला, प्रेम सिंह, शमशेर सांगवान, पूर्व सरपंच संजय मंदोला, पूर्व सरपंच टेकराम मंदोला, सरदारा राम, रणधीर घिकाड़ा, पूर्व सरपंच नरेंद्र फतेहगढ़, पूर्व सरपंच राजेश सारंगपुर, पूर्व सरपंच रामानंद सारंगपुर, नत्थूराम शर्मा, मंगल सुई, प्रोफेसर जगमिंद्र, सीमा कितलाना, बिमला, लक्ष्मी, निम्बो, मूर्ति देवी आदि मौजूद थे।
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तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने मनाया काला दिवस
वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसान संगठन प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और धरनारत किसानों के समर्थन में काला दिवस मनाया। इस मौके पर एकत्रित किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व काले झंडे के साथ कृषि से जुड़े तीनों कानून वापस लेने की मांग की।
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कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार का अड़ियल रवैया देखते हुए किसान और ज्यादा मजबूती से आंदोलन में भागीदारी करेगा। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते, किसान अपना संघर्ष जारी रखेंगे। किसान नेता गंगाराम श्योराण ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल सिंह प्रधान ने कहा कि गांव-गांव तक इस मुहिम को ले जाया जाएगा। किसान नेता राकेश आर्य ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, किसानों का आंदोलन यू ही जारी रहेगा। इस अवसर पर सज्जन कुमार, करतार सिंह ग्रेवाल, कामरेड कुलभूषण आर्य, रत्न जिंदल, पार्षद बलवान सिंह, अनिल शेषमा, राजबीर सिंह, सुरेश शर्मा, सुमित भट्ट, रणधीर सिंह कुंगड़, संतोष देशवाल, बिमला घणघस, रत्न माला तिगड़ाना, अनिल पंघाल, पवन धानक, मुकेश शर्मा ढाणीमाहु, महाबीर सिंह लंबोरिया, गिरवर सिंह राठौड़, करतार गिल, प्रवीण नैन, सत्ते श्योराण प्रतिनिधि शामिल रहे।