{"_id":"68b7547762a6b861410363c6","slug":"family-members-demand-fair-investigation-in-the-suspicious-death-of-ayush-pharmacist-sunil-ranga-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-139094-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: आयुष फार्मासिस्ट सुनील रंगा की संदिग्ध मौत मामले में परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: आयुष फार्मासिस्ट सुनील रंगा की संदिग्ध मौत मामले में परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
Wed, 03 Sep 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 03 Sep 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। शहर के घंटाघर के पास 31 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में लावारिस हालत में मृत मिले आयुष विभाग के फार्मासिस्ट सुनील रंगा (41) की मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जन संघर्ष समिति भिवानी के संयोजक और माकपा नेता कॉमरेड ओम प्रकाश तथा सुखदेव पालवास ने भी पुलिस प्रशासन से मामले की गहन जांच की मांग की है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार हनुमान गेट स्थित बैकुंठ धाम में किया गया।
शहर निवासी सुनील रंगा हसान गांव के आयुष विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। परिजनों के अनुसार वे 30 अगस्त को ड्यूटी के बाद घर लौटे थे और रात करीब आठ बजे स्कूटी पर किसी से मिलने के लिए निकले थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वे घर नहीं लौटे। अगली सुबह शहर थाना पुलिस को घंटाघर क्षेत्र में उनका शव मिला, जिसे लावारिस मानकर जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और माकपा नेता अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शव का मुआयना कर हत्या की आशंका जताई और पुलिस से न्यायोचित जांच की मांग की। मृतक के बड़े भाई विनोद कुमार रंगा ने भी शहर थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की गहन जांच करने की गुहार लगाई है। सुनील रंगा डीपीआरओ सुरेंद्र कुमार के बुआ के बेटे थे। वे अपनी मां रामरती देवी, पत्नी अंजू और 17 वर्षीय बेटी तमन्ना को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार में शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
विज्ञापन
शहर थाना पुलिस के जांच अधिकारी एसआई राकेश कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत का केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा
विज्ञापन
शहर निवासी सुनील रंगा हसान गांव के आयुष विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। परिजनों के अनुसार वे 30 अगस्त को ड्यूटी के बाद घर लौटे थे और रात करीब आठ बजे स्कूटी पर किसी से मिलने के लिए निकले थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वे घर नहीं लौटे। अगली सुबह शहर थाना पुलिस को घंटाघर क्षेत्र में उनका शव मिला, जिसे लावारिस मानकर जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया।
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और माकपा नेता अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शव का मुआयना कर हत्या की आशंका जताई और पुलिस से न्यायोचित जांच की मांग की। मृतक के बड़े भाई विनोद कुमार रंगा ने भी शहर थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की गहन जांच करने की गुहार लगाई है। सुनील रंगा डीपीआरओ सुरेंद्र कुमार के बुआ के बेटे थे। वे अपनी मां रामरती देवी, पत्नी अंजू और 17 वर्षीय बेटी तमन्ना को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार में शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
विज्ञापन
शहर थाना पुलिस के जांच अधिकारी एसआई राकेश कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर इत्तफाकिया मौत का केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा