फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Despite the district administration's ban on cow grass, six cows died after being fed fried food on Shraddha Amavasya.

Bhiwani News: जिला प्रशासन की गो ग्रास पर पाबंदी के बावजूद श्राद्ध अमावस्या पर छह गायों की तला भोजन खिलाने से मौत

Mon, 22 Sep 2025 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 22 Sep 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
Despite the district administration's ban on cow grass, six cows died after being fed fried food on Shraddha Amavasya.
गाय का उपचार करते गोरक्षा दल के सदस्य। 
भिवानी। श्राद्ध अमावस्या पर तला हुआ भोजन खाने से छह गायों की मौत हो गई जबकि जिला प्रशासन की तरफ से गो ग्रास पर पाबंदी लगाई गई थी। अमावस्या से एक दिन पहले ही गो रक्षा दल सदस्यों ने अस्थायी बाड़े बनाकर गायों को उनमें बंद किया था। पशुपालन विभाग ने गोशाला ट्रस्ट भिवानी में अस्थायी पशु चिकित्सालय बनाया था जहां जिले भर से बीमार गोवंश व गायों को उपचार के लिए लाया गया था।
विज्ञापन

सोमवार को गो रक्षा दल के सदस्यों ने छह गायों की मौत पर आक्रोश जताया। इसके बाद सीटीएम, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व बीडीपीओ का प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। गो रक्षा दल सदस्यों को लिखित में आश्वासन दिया गया कि अगले साल से और अधिक पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। हालांकि पिछले साल 35 गायों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक गायों की तबीयत बिगड़ गई थी।
विज्ञापन

श्राद्ध अमावस्या पर जिला प्रशासन द्वारा गो ग्रास पर पाबंदी लगाने के साथ ही सभी गोशाला प्रबंधकों को निर्देश दिए गए थे। गोशालाओं के अंदर गायों को हरा चारा और गुड़ के साथ गो ग्रास देने वालों के लिए बड़े स्तर पर ड्रम रखे गए थे। तला भोजन को एकत्रित कर पकाकर गायों को खिलाया गया। इससे किसी भी गोशाला में गायों की तबीयत नहीं बिगड़ी। वहीं, अमावस्या पर ग्रामीण क्षेत्रों से 24 गाय गोशाला ट्रस्ट के पशु चिकित्सालय में उपचार के लिए लाई गईं। इनमें से तीन गायों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया और गो रक्षा दल ने तीन गायों की मौत की पुष्टि की। इन सभी छह गायों का विधिवत दफन प्रबंध प्रशासन और गो रक्षा दल ने कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन गांवों से लाई गई बीमार गाय
बडेसरा: 1
निनान: 2
चांग: 2
उमरावत: 2
बापोड़ा: 1
लोहानी: 1
पालुवास: 1
धीराना: 1
धारेडू: 1
कालुवास: 1
गुजरानी: 1
देवसर: 2

सतर्कता की वजह से हुआ कम नुकसान : डॉ. सनसनवाल
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि विभाग की तरफ से गोशाला में ड्रम रखवाए गए थे। विभाग द्वारा बीमार गोवंश के उपचार के लिए संभव प्रयास किए गए। इस कार्य के लिए पशुपालन विभाग ने विशेष टीमें गठित की थीं।

एसिडोसिस में बचाव के लिए दिया उपचार
पशु चिकित्सक डॉ. जोनी ने बताया कि एसिडोसिस से बचाने का उपचार किया जा रहा है। विभाग ने सभी दवाइयां उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन, समाज और जागरूक नागरिकों के संयुक्त प्रयास से बेसहारा गोवंश को बीमारियों से बचाया गया।


विभाग की तरफ से दो पशु चिकित्सक, चार वीएलडीए और छह पशु परिचरों की कुल आठ टीमें बनाई गई थीं। छुट्टी वाले दिनों में आठ-आठ घंटे काम पर लगी रहीं। इस दौरान गोशाला में लाई गई गायों का उपचार किया गया। पशुपालन विभाग, नगर परिषद, प्रशासन और गोरक्षकों ने लोगों को पुरी, रोटी और खीर न खिलाने की अपील की। लोग अपना कर्तव्य निभाते हुए खीर-पुरियां नजदीकी गोशाला में रखे ड्रम में डालकर बेसहारा गोवंश को बचाने में मदद करते रहे। - डॉ. रवींद्र सहरावत, उप निदेशक पशुपालन विभाग भिवानी



श्राद्ध की अमावस्या पर तला हुआ भोजन खिलाने की वजह से छह गायों की मौत हुई। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया कि अगले साल से गायों की मौत नहीं होने दी जाएगी। गो सेवकों ने गायों को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन छह गायों को नहीं बचाया जा सका। 32 गायों की तबीयत बिगड़ी थी, जिनका उपचार चल रहा है। - संजय परमार, अध्यक्ष गो रक्षा दल भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed