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पाबंदी के बावजूद दो करोड़ के पटाखों ने फोड़ा प्रदूषण का बम, कूड़े के ढेर की आग ने घोटा हवा का दम
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भिवानी। एनजीटी की पाबंदी के बावजूद शहर में दीपावली पर देर रात तक करीब दो करोड़ के पटाखों ने प्रदूषण का बम फोड़ दिया। वहीं मंगलवार को शहर के अंदर लगे कूड़े के ढेर में आग लगाने के बाद उठे धुएं ने सांस लेना भी मुश्किल हो गया। एक्यूआई (पीएम 2.5) 281 तक पहुंच गया। पिछली बार एक्यूआई 439 तक पहुंच गया था।
नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और छुट्टी होने से मंगलवार को शहर में कूड़े का भी उठान नहीं हुआ। इससे शहर में करीब दो सौ टन कचरे का उठान नहीं हो पाया है। शहर के मुख्य चौराहों व गलियों के अंदर भी गंदगी जमा हो गई। वहीं कचरा प्वाइंटों पर भी कूड़े के ढेर में धड़ल्ले से आग लगाई गई। इससे उठने वाले धुएं से भी प्रदूषण और ज्यादा बढ़ गया। गली मोहल्लों में भी पटाखों और आतिशबाजी से बिखरा कचरा प्रदूषण की कहानी को खुद ही बयां कर रहा था। इस कचरे को किसी ने उठाने की भी कोई जहमत तक नहीं उठाई।
नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच ही दीपावली का त्योहार तो जैसे-तैसे बीत गया, मगर अपने पीछे कूड़े के ढेर और प्रदूषण की बर्बादी शहर के लिए छोड़ गया। शहर में एनजीटी के आदेशों के बावजूद जिला प्रशासन ने ग्रीन आतिशबाजी और पटाखों की कोई बिक्री नहीं होने दी, मगर इसके बावजूद भी चोरी-छीपे शहर व आसपास के इलाकों में करीब दो करोड़ का अवैध पटाखों का कारोबार हुआ। छोटी दीपावली और दीपावली की रात करीब दो बजे तक पटाखों का शोरगुल एवं उनसे निकलने वाला धुआं आसमान में प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहा था। मंगलवार सुबह हवा में प्रदूषण की सफेद चादर भी दिखाई देने लगी। इसी के साथ सड़कों और गलियों के अंदर पटाखों का कचरा भी फैला रहा। इस कचरे को भी सुबह लोगों ने आग के हवाले कर दिया।
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काले कपड़े और काले झंडे के साथ सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
भिवानी। दिवाली पर भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सफाई कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर काले झंडों के साथ शहर में विरोध प्रदर्शन किया।
सफाई कर्मचारी कौशल रोजगार निगम भंग करने, समान काम-समान वेतन, ठेका समाप्त कर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों सहित सभी कच्चे सफाई व सीवर कर्मचारियों को पक्का किए जाने, नियमित भर्ती किए जाने सहित 15 सूत्रीय मांगों के लिए संघर्षरत हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली कह रहे हैं कि कच्चे सफाई कर्मचारी पक्का होने का सपना न देखें। उन्होंने कहा कि ऐसा है तो फिर बीजेपी व जेजेपी भी आगे से हरियाणा में सरकार बनाने सपना न देखें। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को इसका खामियाजा आने वाले चुनावों भुगतना होगा और शुरूआत आदमपुर उप चुनाव से हो जाएगी। इस मौके पर मालती, द्रोपदी, रेखा, बाला, मनीषा, राजवंती, शीला, मुकेश, कमल किशोर, जितेंद्र, राजकुमार, बलवंत, नरेश, कविता, सुनील, सुरेश कुमार, कुलबीर, तेजपाल, मनीष, जोनी, दारा, सुभाष, प्रेम, विक्की, शेर सिंह, शीतल बागड़ी, सुनील, विनोद, रविंद्र, कमला, मनीषा, बवानीखेड़ा से जिला सचिव ऋषि मौजूद रहे।
एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानक:
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। वहीं, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
10 दिन का वायु गुणवत्ता सूचकांक:
दिनांक एक्यूआई (पीएम 2.5)
25 अक्तूबर 281
24 अक्तूबर 258
23 अक्तूबर 180
22 अक्तूबर 200
21 अक्तूबर 105
20 अक्तूबर 173
19 अक्तूबर 142
18 अक्तूबर 153
17 अक्तूबर 176
16 अक्तूबर 156
विशेषज्ञ सलाह
अधिक प्रदूषण के कारण सांस लेने वाले मरीजों, त्वचा रोगियों को अधिक दिक्कत हो जाती है। साथ ही आंखों में जलन, बार-बार पानी आना और ध्वनि प्रदूषण के कारण कानों में सुनने की परेशानी भी होती है। ऐसे में शाम के समय घरों से न निकलें और व्यायाम रोजाना करें।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन नागरिक अस्पताल।
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नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और छुट्टी होने से मंगलवार को शहर में कूड़े का भी उठान नहीं हुआ। इससे शहर में करीब दो सौ टन कचरे का उठान नहीं हो पाया है। शहर के मुख्य चौराहों व गलियों के अंदर भी गंदगी जमा हो गई। वहीं कचरा प्वाइंटों पर भी कूड़े के ढेर में धड़ल्ले से आग लगाई गई। इससे उठने वाले धुएं से भी प्रदूषण और ज्यादा बढ़ गया। गली मोहल्लों में भी पटाखों और आतिशबाजी से बिखरा कचरा प्रदूषण की कहानी को खुद ही बयां कर रहा था। इस कचरे को किसी ने उठाने की भी कोई जहमत तक नहीं उठाई।
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नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच ही दीपावली का त्योहार तो जैसे-तैसे बीत गया, मगर अपने पीछे कूड़े के ढेर और प्रदूषण की बर्बादी शहर के लिए छोड़ गया। शहर में एनजीटी के आदेशों के बावजूद जिला प्रशासन ने ग्रीन आतिशबाजी और पटाखों की कोई बिक्री नहीं होने दी, मगर इसके बावजूद भी चोरी-छीपे शहर व आसपास के इलाकों में करीब दो करोड़ का अवैध पटाखों का कारोबार हुआ। छोटी दीपावली और दीपावली की रात करीब दो बजे तक पटाखों का शोरगुल एवं उनसे निकलने वाला धुआं आसमान में प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहा था। मंगलवार सुबह हवा में प्रदूषण की सफेद चादर भी दिखाई देने लगी। इसी के साथ सड़कों और गलियों के अंदर पटाखों का कचरा भी फैला रहा। इस कचरे को भी सुबह लोगों ने आग के हवाले कर दिया।
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काले कपड़े और काले झंडे के साथ सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
भिवानी। दिवाली पर भी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सफाई कर्मचारियों ने काले कपड़े पहनकर काले झंडों के साथ शहर में विरोध प्रदर्शन किया।
सफाई कर्मचारी कौशल रोजगार निगम भंग करने, समान काम-समान वेतन, ठेका समाप्त कर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों सहित सभी कच्चे सफाई व सीवर कर्मचारियों को पक्का किए जाने, नियमित भर्ती किए जाने सहित 15 सूत्रीय मांगों के लिए संघर्षरत हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली कह रहे हैं कि कच्चे सफाई कर्मचारी पक्का होने का सपना न देखें। उन्होंने कहा कि ऐसा है तो फिर बीजेपी व जेजेपी भी आगे से हरियाणा में सरकार बनाने सपना न देखें। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को इसका खामियाजा आने वाले चुनावों भुगतना होगा और शुरूआत आदमपुर उप चुनाव से हो जाएगी। इस मौके पर मालती, द्रोपदी, रेखा, बाला, मनीषा, राजवंती, शीला, मुकेश, कमल किशोर, जितेंद्र, राजकुमार, बलवंत, नरेश, कविता, सुनील, सुरेश कुमार, कुलबीर, तेजपाल, मनीष, जोनी, दारा, सुभाष, प्रेम, विक्की, शेर सिंह, शीतल बागड़ी, सुनील, विनोद, रविंद्र, कमला, मनीषा, बवानीखेड़ा से जिला सचिव ऋषि मौजूद रहे।
एयर क्वालिटी इंडेक्स के मानक:
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। वहीं, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
10 दिन का वायु गुणवत्ता सूचकांक:
दिनांक एक्यूआई (पीएम 2.5)
25 अक्तूबर 281
24 अक्तूबर 258
23 अक्तूबर 180
22 अक्तूबर 200
21 अक्तूबर 105
20 अक्तूबर 173
19 अक्तूबर 142
18 अक्तूबर 153
17 अक्तूबर 176
16 अक्तूबर 156
विशेषज्ञ सलाह
अधिक प्रदूषण के कारण सांस लेने वाले मरीजों, त्वचा रोगियों को अधिक दिक्कत हो जाती है। साथ ही आंखों में जलन, बार-बार पानी आना और ध्वनि प्रदूषण के कारण कानों में सुनने की परेशानी भी होती है। ऐसे में शाम के समय घरों से न निकलें और व्यायाम रोजाना करें।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन नागरिक अस्पताल।