{"_id":"591df3774f1c1b7419f22c17","slug":"father-death-aganist-court-parisar-three-arest","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की मौत का बदला लेने को बेटे ने चाचा और दो अन्य के साथ मिलकर की वारदात, तीन काबू","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पिता की मौत का बदला लेने को बेटे ने चाचा और दो अन्य के साथ मिलकर की वारदात, तीन काबू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 May 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शराब ठेकेदार पिता की मौत का बदला लेने के लिए बेटे ने चाचा और दो अन्य के साथ मिलकर कोर्ट परिसर में हत्यारोपी पर दनादन गोलियां बरसाईं। तीन गोलियां लगने से हत्यारोपी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट परिसर में अचानक गोली चलने से हड़कंप मच गया।
घटना दोपहर करीब 2:40 मिनट की है। सिवानी थाना क्षेत्र के गांव घंघाला में तीन अगस्त 2013 में हुई शराब ठेकेदार कालौद वासी महिपाल की हत्या मामले में आरोपियों की पेशी थी। आरोपियों में कालौद निवासी शेर सिंह (40) कोर्ट परिसर में ही चाय के खोखे के पास चाय पी रहा था। अचानक सात-आठ युवक आए और दनादन गोलियां चलाने लगे। तीन युवकों के हाथ में हथियार थे। गोली चलने पर शेर सिंह कोर्ट की ओर भागा। जब वह कोर्ट की सीढ़ियों के पास पहुंचा तो पांव में गोली लगने के कारण गिर गया। तभी हमलावर वहां पहुंचे और एक गोली छाती में और एक कमर में मारी। दो गोलियां उसके शरीर को छूकर निकल गईं। खून से लथपथ शेर सिंह को तुरंत उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दो मौके पर ही काबू, एक को 10 मिनट बाद पकड़ा
पुलिस ने दो को तुरंत मौके पर काबू कर लिया और तीसरे को कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्रथम तल से हथियार के साथ काबू किया। बीबीपुर वासी विनोद, कालोद निवासी अंकित और सुरेश तो पकड़ लिया लेकिन सुमित भागने में कामयाब रहा।
विज्ञापन
कोर्ट के फैसले से पहले लिया
बेटे ने पिता की मौत का बदला
वर्ष 2013 के महिपाल हत्याकांड़ में सारी बहस हो चुकी है और बृहस्पतिवार को फैसला आना था। कोर्ट अपना फैसला सुनाती उससे पहले ही मृतक के बेटे अंकित व चाचा सुरेश की प्लानिंग पर शेर सिंह पर गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया यह सवाल सबके जेहन में है। सभी कहते रहे कि क्या पता कोर्ट ही कड़ी सजा दे देती।
विज्ञापन
घटना दोपहर करीब 2:40 मिनट की है। सिवानी थाना क्षेत्र के गांव घंघाला में तीन अगस्त 2013 में हुई शराब ठेकेदार कालौद वासी महिपाल की हत्या मामले में आरोपियों की पेशी थी। आरोपियों में कालौद निवासी शेर सिंह (40) कोर्ट परिसर में ही चाय के खोखे के पास चाय पी रहा था। अचानक सात-आठ युवक आए और दनादन गोलियां चलाने लगे। तीन युवकों के हाथ में हथियार थे। गोली चलने पर शेर सिंह कोर्ट की ओर भागा। जब वह कोर्ट की सीढ़ियों के पास पहुंचा तो पांव में गोली लगने के कारण गिर गया। तभी हमलावर वहां पहुंचे और एक गोली छाती में और एक कमर में मारी। दो गोलियां उसके शरीर को छूकर निकल गईं। खून से लथपथ शेर सिंह को तुरंत उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
दो मौके पर ही काबू, एक को 10 मिनट बाद पकड़ा
पुलिस ने दो को तुरंत मौके पर काबू कर लिया और तीसरे को कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्रथम तल से हथियार के साथ काबू किया। बीबीपुर वासी विनोद, कालोद निवासी अंकित और सुरेश तो पकड़ लिया लेकिन सुमित भागने में कामयाब रहा।
विज्ञापन
कोर्ट के फैसले से पहले लिया
बेटे ने पिता की मौत का बदला
वर्ष 2013 के महिपाल हत्याकांड़ में सारी बहस हो चुकी है और बृहस्पतिवार को फैसला आना था। कोर्ट अपना फैसला सुनाती उससे पहले ही मृतक के बेटे अंकित व चाचा सुरेश की प्लानिंग पर शेर सिंह पर गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया यह सवाल सबके जेहन में है। सभी कहते रहे कि क्या पता कोर्ट ही कड़ी सजा दे देती।