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सतेंद्र हत्याकांड: परिजनों की सुरक्षा में तैनात किया गनमैन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:42 AM IST
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साहूवास निवासी सतेंद्र उर्फ काला हत्याकांड की गंभीरता को देखते पुलिस टीमों ने दबिश देनी शुरू कर दी है। सीआईए व सदर थाना पुलिस की टीमों ने घटना के अगले दिन ही तीन जिलों में दबिश दी। इन टीमों ने कुछ संदिग्ध युवकों से पूछताछ भी की तो वहीं प्रदीप गैंग की मदद करने वालों का पता लगाकर पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, मृतक के परिजनों की मांग पर जिला पुलिस कप्तान ने एतिहायत के तौर पर मृतक के घर पर एक गनमैन भी तैनात कर दिया है। बुधवार देर शाम तक पुलिस के हाथ आरोपियों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं लगी थी। वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग भी की है।
मंगलवार सुबह बाइक व अन्य वाहनों में सवार होकर आए 17-18 युवकों ने दोहरे हत्याकांड में शामिल साहूवास सरपंच संदीप के बड़े भाई सतेंद्र उर्फ काला पर घर में घुसकर कई फायर झोंक दिए थे। हमले में सतेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों ने वारदात में कासनी निवासी प्रदीप व उसकी गुर्गों की मिलीभगत के आरोप लगाए थे। सतेंद्र के अलावा उक्त हमलावरों ने उसकी बहनों के साथ भी मार-पिटाई की थी। इस दौरान परिजनों ने एक पुलिस कर्मचारी पर भी प्रदीप गैंग का साथ देने के आरोप लगाए थे। इसके बाद जिला पुलिस कप्तान ने इस मामले की जांच करने का आश्वासन मृतक सतेंद्र के परिजनों को दिया था। मृतक के परिजनों ने जिला पुलिस कप्तान को लिखित में भी शिकायत दी थी। परिजनों व ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिहाज से गनमैन व मृतक के भाई, पिता व चाचा की सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस मुहैया करवाने की मांग भी की थी। पुलिस कप्तान सुनील दलाल ने इस मांग को स्वीकार कर लिया था। बुधवार को मृतक के घर के बाहर एक गनमैन सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया गया। वहीं सीआईए व सदर थाना टीमों ने भिवानी, झज्जर व चरखी दादरी जिले के कई गांवों में भी दबिश दी। हालांकि इस दौरान पुलिस के हाथ आरोपियों के बारे कुछ पुख्ता जानकारियां नहीं लगी। इसके अलावा अब पुलिस टीम इस जांच में उलझी है कि प्रदीप गैंग से और कौन-कौन जुड़ा है तथा किसने उन्हें पनाह देने में मदद की है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही टलेगा गैंगवार का खतरा
फिलहाल प्रदीप कासनी अपने गुर्गों सहित फरार ही चल रहा है। खिलावनचंद के बाद सतेंद्र की हत्या बड़ी गैंगवार की ओर इशारा कर रही है। जिला पुलिस प्रशासन भी इस खतरे से भली-भांति परिचित है। प्रदीप व उसके गुर्गों को गिरफ्तार करना ही अब पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस भी इस बात से अनभिज्ञ नहीं है कि अगर जल्द ही प्रदीप गैंग को काबू नहीं किया गया तो हालात और भी बुरे हो सकते हैं। वहीं, सतेंद्र सहित गैंग के एक और सदस्य खिलावनचंद की हत्या के बाद जो गैंगवार का खतरा बना हुआ है वो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही टल सकता है।
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विभिन्न पहलुओं पर जुटाई जा रही है जानकारियां
पुलिस टीमों ने भिवानी, झज्जर व दादरी जिले में कई जगहों पर दबिश दी। इसके अलावा प्रदीप गैंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारियां जुटाई जा रही है। जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीमों की दबिश जारी है और आरोपियों के साथियों की मदद करने वालों की जानकारियां भी हम जुटा रहे हैं।
विक्रम सिंह, दादरी सीआईए प्रभारी
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मंगलवार सुबह बाइक व अन्य वाहनों में सवार होकर आए 17-18 युवकों ने दोहरे हत्याकांड में शामिल साहूवास सरपंच संदीप के बड़े भाई सतेंद्र उर्फ काला पर घर में घुसकर कई फायर झोंक दिए थे। हमले में सतेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों ने वारदात में कासनी निवासी प्रदीप व उसकी गुर्गों की मिलीभगत के आरोप लगाए थे। सतेंद्र के अलावा उक्त हमलावरों ने उसकी बहनों के साथ भी मार-पिटाई की थी। इस दौरान परिजनों ने एक पुलिस कर्मचारी पर भी प्रदीप गैंग का साथ देने के आरोप लगाए थे। इसके बाद जिला पुलिस कप्तान ने इस मामले की जांच करने का आश्वासन मृतक सतेंद्र के परिजनों को दिया था। मृतक के परिजनों ने जिला पुलिस कप्तान को लिखित में भी शिकायत दी थी। परिजनों व ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिहाज से गनमैन व मृतक के भाई, पिता व चाचा की सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस मुहैया करवाने की मांग भी की थी। पुलिस कप्तान सुनील दलाल ने इस मांग को स्वीकार कर लिया था। बुधवार को मृतक के घर के बाहर एक गनमैन सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया गया। वहीं सीआईए व सदर थाना टीमों ने भिवानी, झज्जर व चरखी दादरी जिले के कई गांवों में भी दबिश दी। हालांकि इस दौरान पुलिस के हाथ आरोपियों के बारे कुछ पुख्ता जानकारियां नहीं लगी। इसके अलावा अब पुलिस टीम इस जांच में उलझी है कि प्रदीप गैंग से और कौन-कौन जुड़ा है तथा किसने उन्हें पनाह देने में मदद की है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही टलेगा गैंगवार का खतरा
फिलहाल प्रदीप कासनी अपने गुर्गों सहित फरार ही चल रहा है। खिलावनचंद के बाद सतेंद्र की हत्या बड़ी गैंगवार की ओर इशारा कर रही है। जिला पुलिस प्रशासन भी इस खतरे से भली-भांति परिचित है। प्रदीप व उसके गुर्गों को गिरफ्तार करना ही अब पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस भी इस बात से अनभिज्ञ नहीं है कि अगर जल्द ही प्रदीप गैंग को काबू नहीं किया गया तो हालात और भी बुरे हो सकते हैं। वहीं, सतेंद्र सहित गैंग के एक और सदस्य खिलावनचंद की हत्या के बाद जो गैंगवार का खतरा बना हुआ है वो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही टल सकता है।
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विभिन्न पहलुओं पर जुटाई जा रही है जानकारियां
पुलिस टीमों ने भिवानी, झज्जर व दादरी जिले में कई जगहों पर दबिश दी। इसके अलावा प्रदीप गैंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारियां जुटाई जा रही है। जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीमों की दबिश जारी है और आरोपियों के साथियों की मदद करने वालों की जानकारियां भी हम जुटा रहे हैं।
विक्रम सिंह, दादरी सीआईए प्रभारी