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प्रदीप कासनी अपने गुर्गों सहित तीन दिन के पुलिस रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jan 2017 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान के राजसमंद जिले से अपने तीन गुर्गों सहित दबोचे गए गैंग सरगना प्रदीप कासनी को सोमवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांडावधि के दौरान पुलिस इनसे गैंग से जुड़े अन्य गुर्गों व अन्य हथियारों की बरामदगी के साथ-साथ पनाहगारों व मददगारों की भी जानकारियां हासिल करेगी। सीआईए की दोनों टीमों की गिरफ्त में आने से पहले गैंग सरगना प्रदीप कासनी ने करीब दो किलोमीटर तक सड़क से लेकर पहाड़ी क्षेत्र तक दौड़ भी लगाई। वहीं, पुलिस ने इनके पास मिली पुलिस स्टीकर लगी डिजायर गाड़ी को भी अपने साथ दादरी ले आई है।
शराब ठेकेदार संदीप सहित दोहरे हत्याकांड के अभियुक्त काला गैंग के सरगना साहुवास निवासी सतेंद्र उर्फ काला व उसके साथी ढाणी फौगाट निवासी खिलावनचंद की गोलियां मारकर हत्या करने की आरोपी प्रदीप कासनी गैंग तक रविवार को पुलिस के हाथ पहुंच गए। राजस्थान के राजसमंद में कामयाबी लगने से पहले पुलिस टीमों ने प्रदेश के पांच जिलों में भी दबिश दी थी। रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों को प्रदीप कासनी, अमरदीप उर्फ भूरिया, राजबीर उर्फ ढिल्ला व दीपक उर्फ टिंकू को दबोच लिया। राजस्थान में प्रदीप गैंग के छिपे होने की सूचना पाकर जिला पुलिस कप्तान ने सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में सीआईए की दो टीमें गठित कर राजस्थान भेजी थी। पुलिस वाहन के साथ-साथ ये टीमें राजस्थान में निजी वाहन भी लेकर गई थी, ताकि प्रदीप गैंग को शक न हो। रविवार दोपहर को राजसमंद में इन टीमों का प्रदीप गैंग से आमना-सामना हो गया। टीम सदस्यों ने बताया कि गाड़ी से उतरकर भागने का प्रयास कर रहे दो सदस्यों को मौके पर ही दबोच लिया गया जबकि गैंग सरगना सहित दो सड़क से भागकर पहाड़ी क्षेत्र में छिप गए।
राजसमंद के बाशिंदों ने घेराबंदी में पुलिस को दी सहायता
सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई शमशेर सिंह व हैड कांस्टेबल ऋषि कुमार ने बताया कि प्रदीप अपने एक साथी सहित करीब दो किलोमीटर तक दौड़कर पहाड़ी क्षेत्र में घुस गया। दादरी सीआईए टीमें उनके पीछे दौड़ी। इसी दौरान राजसमंद के लोगों को जब मामले का पता चला तो उन्होंने पुलिस टीमों की पूरी मदद की। उन लोगों ने पुलिस टीमों को इनकी घेराबंदी के लिए सभी कच्चे रास्ते बता दिए। इसके बाद पुलिस टीम क्षेत्र में चारों तरफ फैल गई और प्रदीप व उसकी साथी जहां छिपे थे, उस जगह को चारों तरफ से घेर लिया। घेराबंदी के बाद पुलिस टीमों ने उन्हें दबोच लिया।
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यूं पकड़ में आया बीस हजार का इनामी बदमाश प्रदीप
दादरी पुलिस को सूत्रों के हवाले से खबर मिली थी कि प्रदीप कासनी अपने गुर्गों सहित राजस्थान में छिपा है। इसके बाद सीआईए की दो टीमें राजस्थान के लिए रवाना हुई। पुलिस टीमों के पास इनकी अजमेर, सीकर के अलावा महेंद्रगढ़ के सतनाली में छिपे होने की सूचना भी आई थी। इन स्थानों पर जब पुलिस टीमें दबिश दे रही थी तो पता चला कि प्रदीप अपने गुर्गों सहित उदयपुर जाने वाला है और उसकी करंट लोकेशन राजस्थान का राजसमंद जिला है। इसके बाद पुलिस टीमों ने राजसमंद पुलिस प्रशासन को भी मामले से अवगत करवाया। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीमों की नजर एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी पर पड़ी। एसपी सुनील दलाल के अनुसार जब पुलिस टीमों ने इन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो इन्होंने फायरिंग का प्रयास भी किया। पुलिस कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस प्रयास को नाकाम कर दिया।
सतीश दूबलधन व पवन बौंद की संलिप्ता कबूली
सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़े प्रदीप, अमरदीप उर्फ भूरिया ने कबूल किया वारदातों को अंजाम देते समय सतीश दूबलधन व पवन बौंद भी इनके साथ होते थे। पुलिस पवन बौंद पर तो पहल ही 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है जबकि सतीश दूबलधन की भी पवन के साथ गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
प्रदीप व उसके गुर्गों को रिमांड पर लिया गया है। रिमांडवधि के दौरान गैंग से जुड़े अन्य गुर्गों के बारे में भी पुलिस पता लगाएगी। इसके अलावा वारदातों को अंजाम देने के बाद इनकी मदद करने वाले भी हमारे निशाने पर हैं।
सुनील दलाल, एसपी
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शराब ठेकेदार संदीप सहित दोहरे हत्याकांड के अभियुक्त काला गैंग के सरगना साहुवास निवासी सतेंद्र उर्फ काला व उसके साथी ढाणी फौगाट निवासी खिलावनचंद की गोलियां मारकर हत्या करने की आरोपी प्रदीप कासनी गैंग तक रविवार को पुलिस के हाथ पहुंच गए। राजस्थान के राजसमंद में कामयाबी लगने से पहले पुलिस टीमों ने प्रदेश के पांच जिलों में भी दबिश दी थी। रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों को प्रदीप कासनी, अमरदीप उर्फ भूरिया, राजबीर उर्फ ढिल्ला व दीपक उर्फ टिंकू को दबोच लिया। राजस्थान में प्रदीप गैंग के छिपे होने की सूचना पाकर जिला पुलिस कप्तान ने सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में सीआईए की दो टीमें गठित कर राजस्थान भेजी थी। पुलिस वाहन के साथ-साथ ये टीमें राजस्थान में निजी वाहन भी लेकर गई थी, ताकि प्रदीप गैंग को शक न हो। रविवार दोपहर को राजसमंद में इन टीमों का प्रदीप गैंग से आमना-सामना हो गया। टीम सदस्यों ने बताया कि गाड़ी से उतरकर भागने का प्रयास कर रहे दो सदस्यों को मौके पर ही दबोच लिया गया जबकि गैंग सरगना सहित दो सड़क से भागकर पहाड़ी क्षेत्र में छिप गए।
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राजसमंद के बाशिंदों ने घेराबंदी में पुलिस को दी सहायता
सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई शमशेर सिंह व हैड कांस्टेबल ऋषि कुमार ने बताया कि प्रदीप अपने एक साथी सहित करीब दो किलोमीटर तक दौड़कर पहाड़ी क्षेत्र में घुस गया। दादरी सीआईए टीमें उनके पीछे दौड़ी। इसी दौरान राजसमंद के लोगों को जब मामले का पता चला तो उन्होंने पुलिस टीमों की पूरी मदद की। उन लोगों ने पुलिस टीमों को इनकी घेराबंदी के लिए सभी कच्चे रास्ते बता दिए। इसके बाद पुलिस टीम क्षेत्र में चारों तरफ फैल गई और प्रदीप व उसकी साथी जहां छिपे थे, उस जगह को चारों तरफ से घेर लिया। घेराबंदी के बाद पुलिस टीमों ने उन्हें दबोच लिया।
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यूं पकड़ में आया बीस हजार का इनामी बदमाश प्रदीप
दादरी पुलिस को सूत्रों के हवाले से खबर मिली थी कि प्रदीप कासनी अपने गुर्गों सहित राजस्थान में छिपा है। इसके बाद सीआईए की दो टीमें राजस्थान के लिए रवाना हुई। पुलिस टीमों के पास इनकी अजमेर, सीकर के अलावा महेंद्रगढ़ के सतनाली में छिपे होने की सूचना भी आई थी। इन स्थानों पर जब पुलिस टीमें दबिश दे रही थी तो पता चला कि प्रदीप अपने गुर्गों सहित उदयपुर जाने वाला है और उसकी करंट लोकेशन राजस्थान का राजसमंद जिला है। इसके बाद पुलिस टीमों ने राजसमंद पुलिस प्रशासन को भी मामले से अवगत करवाया। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीमों की नजर एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी पर पड़ी। एसपी सुनील दलाल के अनुसार जब पुलिस टीमों ने इन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो इन्होंने फायरिंग का प्रयास भी किया। पुलिस कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस प्रयास को नाकाम कर दिया।
सतीश दूबलधन व पवन बौंद की संलिप्ता कबूली
सीआईए प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़े प्रदीप, अमरदीप उर्फ भूरिया ने कबूल किया वारदातों को अंजाम देते समय सतीश दूबलधन व पवन बौंद भी इनके साथ होते थे। पुलिस पवन बौंद पर तो पहल ही 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है जबकि सतीश दूबलधन की भी पवन के साथ गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
प्रदीप व उसके गुर्गों को रिमांड पर लिया गया है। रिमांडवधि के दौरान गैंग से जुड़े अन्य गुर्गों के बारे में भी पुलिस पता लगाएगी। इसके अलावा वारदातों को अंजाम देने के बाद इनकी मदद करने वाले भी हमारे निशाने पर हैं।
सुनील दलाल, एसपी