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Gorakhpur News: चालान कटते रहे, हेलमेट नहीं पहना... 145 ने गंवाई जान
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गोरखपुर। सड़क पर बाइक दौड़ाते समय हेलमेट पहनने को लेकर लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। वर्ष 2025 में बिना हेलमेट बाइक चला रहे 93 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई। वर्ष 2026 में अब तक 64,966 लोगों का चालान हो चुका है और 52 लोगों की जान जा चुकी है। यानी दो वर्षों में बिना हेलमेट वाहन चलाने से जुड़े हादसों में 145 लोगों की मौत हुई।
यातायात पुलिस लगातार चालान कर रही है, जागरूक कर रही है और हेलमेट भी बांट रही है लेकिन बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक अब भी बिना सुरक्षा कवच के सड़क पर निकल रहे हैं। वर्ष 2025 में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 1,80,716 लोगों का चालान किया गया। एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते मिलने पर यातायात पुलिस मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई करेगी। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर चेकिंग जारी है। पुलिस लोगों से नियमों का पालन करने की अपील भी कर रही है।
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केस एक
18 अक्तूबर 2025 : हरपुर-बुदहट के अनंतपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास देर रात दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में छपिया निवासी शिवम विश्वकर्मा (30) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुन्ना पासवान (22) और आदित्य पासवान (20) गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार तीनों युवक बिना हेलमेट बाइक पर थे। शिवम भागवत कथा का कार्ड बांटकर घर लौट रहे थे, जबकि मुन्ना और आदित्य भीटी रावत की ओर से आ रहे थे। पेट्रोल पंप के पास दोनों बाइकें टकराईं और तीनों सड़क पर दूर जा गिरे।
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केस दो
19 अक्तूबर 2025 : उरुवा के कुशलदेईया गांव के पास समदपुर निवासी बाबूलाल (60) बाइक से धुरियापार जा रहे थे। सामने से आए अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी। राहगीरों ने उन्हें पीएचसी उरुवा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय बाबूलाल ने हेलमेट नहीं पहना था।
केस तीन
21 जनवरी 2026 : गगहा। गजपुर बाजार में पंजाब नेशनल बैंक के पास दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हुई। एक बाइक पर बासूडीहा निवासी रवि और गोलू तथा दूसरी पर हरेराम और रामबहाल थे। हादसे में चारों घायल हो गए। सभी को पीएचसी कौड़ीराम ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। रास्ते में हरेराम और रामबहाल ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में भी बाइक सवारों के हेलमेट नहीं पहने होने की बात सामने आई।
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260 लोगों को दिए हेलमेट
यातायात पुलिस लोगों को नियमों का पालन कराने के साथ सुरक्षित यातायात के लिए जागरूक भी कर रही है। अभियान के दौरान आमजन को 260 हेलमेट वितरित किए गए। पुलिस का जोर इस बात पर है कि लोग चालान के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनें।
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बच्चों की बाइक... जिम्मेदारी माता-पिता की भी
अक्सर अभिभावक बच्चों को बाइक तो दे देते हैं लेकिन यह नहीं देखते कि वे हेलमेट पहन रहे हैं या नहीं। कम उम्र में वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने की आदत आगे चलकर गंभीर हादसे की वजह बन सकती है। इसलिए अभिभावकों को वाहन की चाबी देने के साथ सुरक्षा की शर्त भी तय करनी चाहिए कि हेलमेट नहीं तो बाइक नहीं।
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कोट
हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए जरूरी है। हादसा होने के बाद पछताने से बेहतर है कि बाइक स्टार्ट करने से पहले हेलमेट लगाया जाए। अभिभावक भी बच्चों को बाइक देते समय यह सुनिश्चित करें कि वे हेलमेट पहनकर ही निकलें। यातायात पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है।
- अमित कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक
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सड़क हादसों में बाइक सवार का संतुलन बिगड़ना, दूसरे वाहन की टक्कर या अचानक सामने आ जाने वाली बाधा आम वजहें हैं। ऐसे हादसों में बाइक सवार के पास संभलने के लिए कुछ सेकेंड ही होते हैं। शरीर का कोई दूसरा हिस्सा चोटिल होने पर इलाज से जिंदगी बचाई जा सकती है, लेकिन सिर पर गंभीर चोट कई बार जानलेवा साबित होती है। यही वजह है कि हेलमेट दोपहिया वाहन चालक के लिए सबसे जरूरी सुरक्षा उपकरण माना जाता है।
- डॉ. आरडी रमन, वरिष्ठ सर्जन जिला अस्पताल
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यातायात पुलिस लगातार चालान कर रही है, जागरूक कर रही है और हेलमेट भी बांट रही है लेकिन बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक अब भी बिना सुरक्षा कवच के सड़क पर निकल रहे हैं। वर्ष 2025 में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 1,80,716 लोगों का चालान किया गया। एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते मिलने पर यातायात पुलिस मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई करेगी। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर चेकिंग जारी है। पुलिस लोगों से नियमों का पालन करने की अपील भी कर रही है।
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केस एक
18 अक्तूबर 2025 : हरपुर-बुदहट के अनंतपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास देर रात दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में छपिया निवासी शिवम विश्वकर्मा (30) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मुन्ना पासवान (22) और आदित्य पासवान (20) गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार तीनों युवक बिना हेलमेट बाइक पर थे। शिवम भागवत कथा का कार्ड बांटकर घर लौट रहे थे, जबकि मुन्ना और आदित्य भीटी रावत की ओर से आ रहे थे। पेट्रोल पंप के पास दोनों बाइकें टकराईं और तीनों सड़क पर दूर जा गिरे।
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केस दो
19 अक्तूबर 2025 : उरुवा के कुशलदेईया गांव के पास समदपुर निवासी बाबूलाल (60) बाइक से धुरियापार जा रहे थे। सामने से आए अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी। राहगीरों ने उन्हें पीएचसी उरुवा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय बाबूलाल ने हेलमेट नहीं पहना था।
केस तीन
21 जनवरी 2026 : गगहा। गजपुर बाजार में पंजाब नेशनल बैंक के पास दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हुई। एक बाइक पर बासूडीहा निवासी रवि और गोलू तथा दूसरी पर हरेराम और रामबहाल थे। हादसे में चारों घायल हो गए। सभी को पीएचसी कौड़ीराम ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। रास्ते में हरेराम और रामबहाल ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में भी बाइक सवारों के हेलमेट नहीं पहने होने की बात सामने आई।
260 लोगों को दिए हेलमेट
यातायात पुलिस लोगों को नियमों का पालन कराने के साथ सुरक्षित यातायात के लिए जागरूक भी कर रही है। अभियान के दौरान आमजन को 260 हेलमेट वितरित किए गए। पुलिस का जोर इस बात पर है कि लोग चालान के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनें।
बच्चों की बाइक... जिम्मेदारी माता-पिता की भी
अक्सर अभिभावक बच्चों को बाइक तो दे देते हैं लेकिन यह नहीं देखते कि वे हेलमेट पहन रहे हैं या नहीं। कम उम्र में वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने की आदत आगे चलकर गंभीर हादसे की वजह बन सकती है। इसलिए अभिभावकों को वाहन की चाबी देने के साथ सुरक्षा की शर्त भी तय करनी चाहिए कि हेलमेट नहीं तो बाइक नहीं।
कोट
हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए जरूरी है। हादसा होने के बाद पछताने से बेहतर है कि बाइक स्टार्ट करने से पहले हेलमेट लगाया जाए। अभिभावक भी बच्चों को बाइक देते समय यह सुनिश्चित करें कि वे हेलमेट पहनकर ही निकलें। यातायात पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है।
- अमित कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक
सड़क हादसों में बाइक सवार का संतुलन बिगड़ना, दूसरे वाहन की टक्कर या अचानक सामने आ जाने वाली बाधा आम वजहें हैं। ऐसे हादसों में बाइक सवार के पास संभलने के लिए कुछ सेकेंड ही होते हैं। शरीर का कोई दूसरा हिस्सा चोटिल होने पर इलाज से जिंदगी बचाई जा सकती है, लेकिन सिर पर गंभीर चोट कई बार जानलेवा साबित होती है। यही वजह है कि हेलमेट दोपहिया वाहन चालक के लिए सबसे जरूरी सुरक्षा उपकरण माना जाता है।
- डॉ. आरडी रमन, वरिष्ठ सर्जन जिला अस्पताल