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साधु की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को नौ घंटे करनी पड़ी मशक्कत
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 28 Mar 2016 12:30 AM IST
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पकड़े गए आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
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गांव डाडम के डेरे से तेंदुए की खाल की बरामदगी के बाद आरोपी साधु की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को खूब मगजमारी करनी पड़ी। नौ घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी साधु को पुलिस गिरफ्तार कर सकी। गिरफ्तारी से बचने के लिए साधु ने हर संभव जतन किया। पुलिस को यहां तक कह दिया कि बहुत बड़ा बाबा हूं, बद दुआ दे दूंगा। तुम्हार नाश हो जाएगा।
अपनी गिरफ्तारी से पहले बाबा राजेंद्र नाथ ग्रामीणों को धार्मिक भावना से उत्तेजित कर वन्य जीव जंतु विभाग की टीम व पुलिस के खिलाफ भड़कता रहा। ग्रामीण बाबा की बातों पर विश्वास कर उनकी गिरफ्तारी न करने की बात पर अडे़ रहे। इस कारण करीबन नौ घंटे की लंबी मशक्कत के बाद थाना प्रभारी ने अपने विवेक के साथ ग्रामीणों को समझा कर बाबा को रात को करीबन एक बजे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद बाबा के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर बाबा को विशेष पर्यावरण अदालत कुरूक्षेत्र में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
भक्त ने बाबा को गिफ्ट की थी तेंदुए की खाल!
वन्य जीव जंतु विभाग की टीम की माने तो यह खाल तीन महीने के तेंदुए के बच्चे की है और अनुमान है कि इसका शिकार किया गया है। टीम को बाबा ने बताया कि कोई भक्त उसको देकर गया था। दो साल से यह खाल उसके पास है। तेंदुए की खाल को कब्जे में लेकर देहरादून लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। बरामद की गई खाल 92 सेमी लंबी व 112 सेमी चौड़ी थी। टीम के अनुसार अंधविश्वासी लोगों यह कार्य करते हैं इस तरह की चीजें ब्लैक में खरीदी जाती हैं और उनकी काफी कीमत होती है। निरीक्षक राजेंद्र दांगी ने बताया कि तेंदुए की हड्डियों का ढंाचा चाइना में दवाइयां बनाने के लिए प्रयोग में लिया जाता है।
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बाबा के खिलाफ मामला दर्ज कर बाबा को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। बाबा को रविवार को विशेष पर्यावरण अदालत कुरुक्षेत्र में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
रवींद्र कुमार, थाना प्रभारी
बाबा खाल को कब्जे में ले लिया है। जांच के लिए खाल को देहरादून में स्थित वाईल्ड लाईफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया में भेजा जाएगा।
राजेंद्र दांगी, निरीक्षक, वन्य जीव जंतु विभाग
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अपनी गिरफ्तारी से पहले बाबा राजेंद्र नाथ ग्रामीणों को धार्मिक भावना से उत्तेजित कर वन्य जीव जंतु विभाग की टीम व पुलिस के खिलाफ भड़कता रहा। ग्रामीण बाबा की बातों पर विश्वास कर उनकी गिरफ्तारी न करने की बात पर अडे़ रहे। इस कारण करीबन नौ घंटे की लंबी मशक्कत के बाद थाना प्रभारी ने अपने विवेक के साथ ग्रामीणों को समझा कर बाबा को रात को करीबन एक बजे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद बाबा के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर बाबा को विशेष पर्यावरण अदालत कुरूक्षेत्र में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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भक्त ने बाबा को गिफ्ट की थी तेंदुए की खाल!
वन्य जीव जंतु विभाग की टीम की माने तो यह खाल तीन महीने के तेंदुए के बच्चे की है और अनुमान है कि इसका शिकार किया गया है। टीम को बाबा ने बताया कि कोई भक्त उसको देकर गया था। दो साल से यह खाल उसके पास है। तेंदुए की खाल को कब्जे में लेकर देहरादून लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। बरामद की गई खाल 92 सेमी लंबी व 112 सेमी चौड़ी थी। टीम के अनुसार अंधविश्वासी लोगों यह कार्य करते हैं इस तरह की चीजें ब्लैक में खरीदी जाती हैं और उनकी काफी कीमत होती है। निरीक्षक राजेंद्र दांगी ने बताया कि तेंदुए की हड्डियों का ढंाचा चाइना में दवाइयां बनाने के लिए प्रयोग में लिया जाता है।
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बाबा के खिलाफ मामला दर्ज कर बाबा को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। बाबा को रविवार को विशेष पर्यावरण अदालत कुरुक्षेत्र में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
रवींद्र कुमार, थाना प्रभारी
बाबा खाल को कब्जे में ले लिया है। जांच के लिए खाल को देहरादून में स्थित वाईल्ड लाईफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया में भेजा जाएगा।
राजेंद्र दांगी, निरीक्षक, वन्य जीव जंतु विभाग