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कभी था फर्जी वकील, अब बन गया नेत्र रोग विशेषज्ञ
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:13 AM IST
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कैंसर के मरीजों का आधुनिक मशीनों से होगा इलाज
- फोटो : demo pic
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पहले फर्जी वकील और अब फर्जी नेत्र रोग विशेषज्ञ बनकर मरीजों की आंखों से खिलवाड़ कर रहा है। अनजाने में लोग भी खूब इलाज के लिए पहुंच रहे है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी भी नहीं। अब एक अधिवक्ता ने इसकी शिकायत सिविल सर्जन कार्यालय में कर जांच करने और फर्जी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कुछ वर्ष पहले जिला कोर्ट में एक फर्जी वकील पकड़ा गया था। जांच में सामने आया था कि वह फर्जी तरीके से किसी अन्य अधिवक्ता की डिग्री की फोटो स्टेट कॉपी पर अपना नाम लिखकर रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। काफी वर्ष वकालत की। बाद में खुलासा होने के बाद वह लंबे समय तक गायब हो गया। अब पिछले कुछ समय बिचला बाजार क्षेत्र में ही आंखों का डाक्टर बन गया है। बताया जाता है कि वह आंखों की हर तरह की बीमारियों का इलाज कर रहा है। खासी संख्या में मरीज भी इलाज करवाने पहुंच रहे है। एक अधिवक्ता ने सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत करते हुए इसकी जांच की मांग की है। अधिवक्ता ने बताया है कि जैसे फर्जी तरीके से वकील बना वैसे ही अब फर्जी डाक्टर बना है और लोगों की आंखों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
मेरा बेटा भी पहुंच गया दवा लाने
अधिवक्ता कृष्ण भाटिया ने बताया कि नया बाजार का एक व्यक्ति पहले वकील बनकर काफी समय तक कोर्ट में रहा। वह पैनल में भी रहा और फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया था। खुलासा होने के बाद बीमारी के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करवाई गई। अब वह डाक्टर बन गया है। मेरे बेटे को भी आंख में तकलीफ हुई तो उक्त फर्जी डाक्टर के पास दवाई लेने चला गया। बेटे से बातचीत के बाद ही उसे इसका पता लगा। सिविल सर्जन को इसकी जांच कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। अगर कोई बिना डिग्री-डिप्लोमा के मरीजों का इलाज कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत नहीं मिली है मगर जांच करवाई जाएगी।
डॉ. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन
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कुछ वर्ष पहले जिला कोर्ट में एक फर्जी वकील पकड़ा गया था। जांच में सामने आया था कि वह फर्जी तरीके से किसी अन्य अधिवक्ता की डिग्री की फोटो स्टेट कॉपी पर अपना नाम लिखकर रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। काफी वर्ष वकालत की। बाद में खुलासा होने के बाद वह लंबे समय तक गायब हो गया। अब पिछले कुछ समय बिचला बाजार क्षेत्र में ही आंखों का डाक्टर बन गया है। बताया जाता है कि वह आंखों की हर तरह की बीमारियों का इलाज कर रहा है। खासी संख्या में मरीज भी इलाज करवाने पहुंच रहे है। एक अधिवक्ता ने सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत करते हुए इसकी जांच की मांग की है। अधिवक्ता ने बताया है कि जैसे फर्जी तरीके से वकील बना वैसे ही अब फर्जी डाक्टर बना है और लोगों की आंखों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
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मेरा बेटा भी पहुंच गया दवा लाने
अधिवक्ता कृष्ण भाटिया ने बताया कि नया बाजार का एक व्यक्ति पहले वकील बनकर काफी समय तक कोर्ट में रहा। वह पैनल में भी रहा और फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया था। खुलासा होने के बाद बीमारी के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करवाई गई। अब वह डाक्टर बन गया है। मेरे बेटे को भी आंख में तकलीफ हुई तो उक्त फर्जी डाक्टर के पास दवाई लेने चला गया। बेटे से बातचीत के बाद ही उसे इसका पता लगा। सिविल सर्जन को इसकी जांच कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। अगर कोई बिना डिग्री-डिप्लोमा के मरीजों का इलाज कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत नहीं मिली है मगर जांच करवाई जाएगी।
डॉ. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन