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चार किलो चरस के साथ चार नेपाल समेत पांच गिरफ्तार
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:16 AM IST
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चार किलो चरस के साथ पांच गिरफ्तार
भिवानी। नेपाल से चरस की डिलीवरी करने वाले नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 3 किलो 960 ग्राम चरस के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसकी कीमत लगभग करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियो में दो नेपाली पुरुष व दो महिला शामिल हैं। ये लोग मजदूरी की आड़ में चरस की डिलीवरी करते थे। यह नेटवर्क हिसार के पुट्ठी गांव का रहने वाला एक शख्स चला रहा है। पुलिस ने नेटवर्क के मुखिया की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
गुप्त सूचना के आधार रविवार को सीआईए पुलिस ने जिले के कसबा चांग के सैय रोड पर नाका लगाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसआई करतार सिंह ने बताया कि सोमवार को इन पांच लोगों को नायब तहसीलदार नरेश कुमार की मौजूदगी में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान इन लोगों से 3 किलो 960 ग्राम चरस बरामद की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आए हीरा लाल, सोहन लाल, रेखा देवी व आयशा खातून नेपाल के रहने वाले हैं और पांचवा आरोपी वेदपाल हिसार के पुट्ठी गांव का है।
करतार सिंह ने बताया कि ये पूरा नेटवर्क हिसार के पुट्ठी गांव निवासी जिले सिंह चला रहा है, जो फिलहाल महम कस्बे में रहता है। एसआई करतार सिंह ने बताया कि जिले सिंह नेपाल जाकर चरस का सौदा करता है, और कुछ लोगों को उसके यहां महम तक पहुंचाने के लिए किराया तथा अलग से पैसे देकर वापस आ जाता है। इसके बाद वो लोग चरस को यहां तक पहुंचाते हैं। एसआई करतार सिंह ने बताया कि इस बार जिले सिंह ने रेखा नामक एक नेपाली महिला को तैयार किया था। उसने रेखा को पांच हजार रुपये तथा अन्य एक महिला व हीरा लाल तथा सोहन लाल को दो-दो हजार रुपये व किराया दिया था। ये चारों नेपाली एक-एक किलो चरस लेकर रोहतक से महम के लिए निकले थे। इनके चांग पहुंचने पर जिले सिंह ने अपने साथी वेदपाल को इन्हें अपने ठिकाने पर लाने के लिए भेजा था। लेकिन, पांचों सीआईए पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए प्रभारी रविंद्र कुमार ने एसआई करतार सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। पांचों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जल्द जिले सिंह तक पहुंचना चाहेगी। उसके बाद ही खुलासा होगा कि चरस की सप्लाई इलाके में कहां-कहां होती है और खरीददार कौन हैं।
नेपाली एक-दो बच्चे को भी अपने साथ रखते थे और किसी के पूछे जाने पर मजदूरी के लिए यहां आने की बात कहते थे। ताकि, उन पर कोई शक न कर सके।
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भिवानी। नेपाल से चरस की डिलीवरी करने वाले नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 3 किलो 960 ग्राम चरस के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसकी कीमत लगभग करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियो में दो नेपाली पुरुष व दो महिला शामिल हैं। ये लोग मजदूरी की आड़ में चरस की डिलीवरी करते थे। यह नेटवर्क हिसार के पुट्ठी गांव का रहने वाला एक शख्स चला रहा है। पुलिस ने नेटवर्क के मुखिया की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
गुप्त सूचना के आधार रविवार को सीआईए पुलिस ने जिले के कसबा चांग के सैय रोड पर नाका लगाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसआई करतार सिंह ने बताया कि सोमवार को इन पांच लोगों को नायब तहसीलदार नरेश कुमार की मौजूदगी में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान इन लोगों से 3 किलो 960 ग्राम चरस बरामद की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आए हीरा लाल, सोहन लाल, रेखा देवी व आयशा खातून नेपाल के रहने वाले हैं और पांचवा आरोपी वेदपाल हिसार के पुट्ठी गांव का है।
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करतार सिंह ने बताया कि ये पूरा नेटवर्क हिसार के पुट्ठी गांव निवासी जिले सिंह चला रहा है, जो फिलहाल महम कस्बे में रहता है। एसआई करतार सिंह ने बताया कि जिले सिंह नेपाल जाकर चरस का सौदा करता है, और कुछ लोगों को उसके यहां महम तक पहुंचाने के लिए किराया तथा अलग से पैसे देकर वापस आ जाता है। इसके बाद वो लोग चरस को यहां तक पहुंचाते हैं। एसआई करतार सिंह ने बताया कि इस बार जिले सिंह ने रेखा नामक एक नेपाली महिला को तैयार किया था। उसने रेखा को पांच हजार रुपये तथा अन्य एक महिला व हीरा लाल तथा सोहन लाल को दो-दो हजार रुपये व किराया दिया था। ये चारों नेपाली एक-एक किलो चरस लेकर रोहतक से महम के लिए निकले थे। इनके चांग पहुंचने पर जिले सिंह ने अपने साथी वेदपाल को इन्हें अपने ठिकाने पर लाने के लिए भेजा था। लेकिन, पांचों सीआईए पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए प्रभारी रविंद्र कुमार ने एसआई करतार सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। पांचों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जल्द जिले सिंह तक पहुंचना चाहेगी। उसके बाद ही खुलासा होगा कि चरस की सप्लाई इलाके में कहां-कहां होती है और खरीददार कौन हैं।
नेपाली एक-दो बच्चे को भी अपने साथ रखते थे और किसी के पूछे जाने पर मजदूरी के लिए यहां आने की बात कहते थे। ताकि, उन पर कोई शक न कर सके।