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78.70 लाख की लेनदारी नहीं आई तो तो दुकादान ने सुसाइड नोट लिख निगला जहर, मौत

Sun, 30 Dec 2018 01:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 30 Dec 2018 01:14 AM IST
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78.70 लाख की लेनदारी नहीं आई तो तो दुकादान ने सुसाइड नोट लिख निगला जहर, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। अगर मेरे दोस्त मुझे मेरे लाखों रुपये दे देते तो मुझे गोली नहीं खानी पड़ती। सुसाइड नोट में ये बाते लिख एक दुकानदार ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में उसने पांच लोगों के नाम, मोबाइल नंबर लिखने के अलावा उन्हें दी राशि भी लिखी। करीब 78.70 लाख रुपये की लेनदारी थी, जो नहीं मिलने के कारण दुकानदार ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
शहर के हांसी रोड रेस्ट हाउस के सामने दिल्ली चिकन शॉप के संचालक 35 वर्षीय अमित ने शुक्रवार देर रात 12 बजे जहरीले पदार्थ खा लिया। परिजनों को जब इसका पता लगा तो वे उसे तुरंत शहर के ही एक निजी अस्पताल लेकर पहुुंचे। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई संदीप ने बताया कि अमित की शादी करीबन सात साल पहले हुई थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। अमित रेस्टोरेंट के सामने ही अपना चिकन शॉप चलाता था। उसके पास मिले सुसाइड नोट में उसने अपने पांच दोस्तों के नाम और उनके मोबाइल नंबर भी लिखे हैं। इसमें उसने लाखों रुपयों की लेनदारी का जिक्र भी किया है। उसने सुसाइड नोट में जहरीला पदार्थ निगलकर खुदकुशी करने के पीछे दोस्तों द्वारा उसके लाखों रुपये नहीं लौटाने की बात भी लिखी है। संदीप ने बताया कि वे लोग दो भाई और एक बहन थे। उसकी मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। वहीं पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया। अमित ने बया टूरिज्म के सामने पहले डेढ़ साल तक अहाता और चिकन कॉर्नर चलाया। अब अहाता किसी और ने ले लिया। इसके बाद अमित रेस्ट हाउस के सामने करीब दो माह से चिकन कॉर्नर की दुकान चला रहा था।
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अमित द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट
प्रीतम तंवर से मैंने नगद में 17 लाख 50 हजार लेने हैं, अगर ये दे देता तो मुझे गोली नहीं खानी पड़ती जी, एक मेरा दोस्त मंगू जिसका पूरा नाम रोहित मंगू है उसका मोबाइल नंबर भी लिखा है, उसने मेरा सब कुछ खा लिया, उससे मैंने 22 लाख 50 हजार रुपये लेने हैं, उसने कहा था कि दुकान बेचकर दूंगा, पर नहीं दिए। दीपक महता, जिसका मोबाइल नंबर भी लिखा है जिससे मैंने 16 लाख 50 हजार लेने हैं, उसने मुझे कहा कि मेरे पास देने के लिए पैसे नहीं है। महेश रजु पुत्र हुकमचंद जिसका मोबाइल नंबर लिखा है, उससे मैंने 9 लाख 43 हजार रुपये लेने हैं। अमित महता रामनगर कॉलोनी उर्फ मिक्की से 12 लाख 77 हजार लेने थे, सबसे ज्यादा तंग मुझे प्रीतम तंवर ने किया है, जिससे मैंने 17 लाख 50 हजार लेने हैं।
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पांच-छह युवकों के खिलाफ दर्ज किया है केस : बीर सिंह
मृतक के भाई संदीप के बयान दर्ज कर शव का जिला सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के पास मिले सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर पांच-छह युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी। पुलिस इस मामले की पड़ताल में जुटी है। - बीर सिंह, बीटीएम पुलिस चौकी प्रभारी
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