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धर्म बहन पर भी किया था फायर, नहीं लगी गोली
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:09 AM IST
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भिवानी। धर्म बहन के प्रेम विवाह से खफा होने पर चरवाहे भाई कुलदीप उर्फ गौरिया ने युवक की हत्या कर शव को राजस्थान में फेंक दिया था। सीआईए ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। आरोपी ने अपने साथी प्रमिंदर उर्फ फौजी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने अपनी धर्म बहन पर भी गोली चलाई थी, मगर गनीमत थी कि वह बच गई। पुलिस आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।
बता दें कि गांव घंघवा निवासी विरेंद्र ने अक्तूबर 2017 में रिश्ते में मामा की लड़की झांझड़ा श्योराण निवासी कविता से प्रेम विवाह कर लिया था। परिजनों को प्रेम विवाह का पता 19 नवंबर 2017 को चला। जिसके बाद गांव में काफी विवाद हुआ और पंचायतें हुई। कई बार हुई पंचायत में भी कोई हल नहीं निकला तो झांझड़ा श्योराण निवासी कुलदीप उर्फ गौरिया ने अपने साथी परमिंद्र उर्फ फौजी के साथ मिलकर दोनों की हत्या का प्लान बनाया। प्लान के अनुसार गौरिया ने धर्म बहन कविता और विरेंद्र को 21 मार्च 2018 को झूठ बोलकर कि मां मिलना चाहती है बुलाया।
विरेंद्र और कविता गाड़ी से पहुंचे तो गांव भीड़ थी। इसके बाद गौरिया और फौजी भी उसी गाड़ी में बैठ गये। वे उन्हें गिगनाऊ ले गए। यहां रिवाल्वर से विरेंद्र की छाती में दो गोली दाग दी और और फौजी ने कट्टे से गोली मारी। उन्होंने छापड़ा बस स्टैंड पर कविता को उतारा और विरेंद्र के शव को राजस्थान में निमा गांव की बणी में फेंक दिया। मामले में फरार चलने पर 19 सितंबर को डीजी आफिस से गौरिया पर 25 हजार इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर हासिल करेगी।
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धर्म बहन कविता पर भी किया था फायर
पूछताछ में कुलदीप उर्फ गौरिया ने बताया कि उसे हथियार प्रमिंद्र उर्फ फौजी ने दिया था। जब गाड़ी में उसने विरेंद्र को गोली मारी तो कविता ने उसका हथियार पकड़ लिया और खुद को गोली मारने की बात कही। जिसके बाद उसने कविता पर भी गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली कविता को ना लग गाड़ी के खिडक़ी में लगी। जब वह दूसरी गोली चलाने लगा तो फौजी ने उसे रोक दिया और डबल मर्डर में जमानत नहीं होने की पांच कहीं। पांच-छह महीने बाद कविता को मारने की बात कही।
विरेंद्र था पहले से शादीशुदा
घंघाला निवासी विरेंद्र पहले से ही शादीशुदा था। पहली पत्नी से उसे दो बच्चे हैं। पहली पत्नी का लकवा मार गया तो वह चारपाई पर रहने लगी। इस दौरान विरेंद्र ने झांझड़ा श्योराण में दो किले जमीन खरीदी और वहीं रहने लगा। वहां पर रिश्ते में मामा की लडक़ी कविता से प्यार हो गया और उन्होंने कोर्ट में शादी कर ली। कविता के पिता ने लोहारू थाने में विरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज करवाया था जो कोर्ट मैरिज होने के चलते खारिज हो गया था।
प्रमिंद्र फौजी गौरिया के पास काट रहा था फरारी
तिवाला निवासी प्रमिंद्र फौजी आठ साल तक पैरामिलिट्री में कमांडो की नौकरी की। उसके बाद उसने नौकरी छोड़ अपराध की दुनिया में कदम रखा। राजस्थान में बैंक डकैती की जिसमें उसे सजा हो चुकी थी। राजस्थान जेल से वह पैरोल पर आया तो उसने राजस्थान में नाके पर तैनात पुलिसकर्मी पर गोली चलाई थी। इस केस में वह फरार चल रहा था और झांझड़ा श्योराण निवासी कुलदीप उर्फ गौरिया के पास रहकर फरारी काट रहा था। गौरिया ने गांव के बाहर बकरियों का बाड़ा बना रखा है और वह बकरी चराता था। 10वीं तक पढ़े गौरिया ने कविता को धर्म बहन माना था और उसके प्रेम विवाह से खफा चल रहा था।
ये तेरी आखिरी बीड़ी है, तेरी मौत तय हो चुकी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये गौरिया ने मीडिया के सामने कहा कि कविता उसकी धर्म बहन थी और उसने गांव के भांजे और उसी के गौत्र के लड़के से शादी की, जो उसे पसंद नहीं थी। उसने कहा कि गांव में अपनी ही बहन को कैसे भाभी बोल सकते थे, कैसे उसे घूंघट निकालकर घर में सफाई करते देख सकते थे। उसने कहा कि एक महीने 10 दिन तक पंचायत में पैर पकड़े लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद झूठ बोलकर बुलाया और गिगनाऊ ले गये। वहां उसने उससे कहा कि बीड़ी जला ले। जब उसने बीड़ी जलाई तो कहा कि ये तेरी आखिरी बीड़ी है, इसे चाहे पी ले या फिर फेंक दे। यह कहते ही उसने विरेंद्र की छाती में गोली दाग दी। गौरिया ने कहा कि उसे हत्या का कोई पछतावा नहीं है। अगर उसकी बहन भी गलत काम करती तो उसे भी यही सजा देता।
बता दें कि गांव घंघवा निवासी विरेंद्र ने अक्तूबर 2017 में रिश्ते में मामा की लड़की झांझड़ा श्योराण निवासी कविता से प्रेम विवाह कर लिया था। परिजनों को प्रेम विवाह का पता 19 नवंबर 2017 को चला। जिसके बाद गांव में काफी विवाद हुआ और पंचायतें हुई। कई बार हुई पंचायत में भी कोई हल नहीं निकला तो झांझड़ा श्योराण निवासी कुलदीप उर्फ गौरिया ने अपने साथी परमिंद्र उर्फ फौजी के साथ मिलकर दोनों की हत्या का प्लान बनाया। प्लान के अनुसार गौरिया ने धर्म बहन कविता और विरेंद्र को 21 मार्च 2018 को झूठ बोलकर कि मां मिलना चाहती है बुलाया।
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विरेंद्र और कविता गाड़ी से पहुंचे तो गांव भीड़ थी। इसके बाद गौरिया और फौजी भी उसी गाड़ी में बैठ गये। वे उन्हें गिगनाऊ ले गए। यहां रिवाल्वर से विरेंद्र की छाती में दो गोली दाग दी और और फौजी ने कट्टे से गोली मारी। उन्होंने छापड़ा बस स्टैंड पर कविता को उतारा और विरेंद्र के शव को राजस्थान में निमा गांव की बणी में फेंक दिया। मामले में फरार चलने पर 19 सितंबर को डीजी आफिस से गौरिया पर 25 हजार इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर हासिल करेगी।
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धर्म बहन कविता पर भी किया था फायर
पूछताछ में कुलदीप उर्फ गौरिया ने बताया कि उसे हथियार प्रमिंद्र उर्फ फौजी ने दिया था। जब गाड़ी में उसने विरेंद्र को गोली मारी तो कविता ने उसका हथियार पकड़ लिया और खुद को गोली मारने की बात कही। जिसके बाद उसने कविता पर भी गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली कविता को ना लग गाड़ी के खिडक़ी में लगी। जब वह दूसरी गोली चलाने लगा तो फौजी ने उसे रोक दिया और डबल मर्डर में जमानत नहीं होने की पांच कहीं। पांच-छह महीने बाद कविता को मारने की बात कही।
विरेंद्र था पहले से शादीशुदा
घंघाला निवासी विरेंद्र पहले से ही शादीशुदा था। पहली पत्नी से उसे दो बच्चे हैं। पहली पत्नी का लकवा मार गया तो वह चारपाई पर रहने लगी। इस दौरान विरेंद्र ने झांझड़ा श्योराण में दो किले जमीन खरीदी और वहीं रहने लगा। वहां पर रिश्ते में मामा की लडक़ी कविता से प्यार हो गया और उन्होंने कोर्ट में शादी कर ली। कविता के पिता ने लोहारू थाने में विरेंद्र के खिलाफ केस दर्ज करवाया था जो कोर्ट मैरिज होने के चलते खारिज हो गया था।
प्रमिंद्र फौजी गौरिया के पास काट रहा था फरारी
तिवाला निवासी प्रमिंद्र फौजी आठ साल तक पैरामिलिट्री में कमांडो की नौकरी की। उसके बाद उसने नौकरी छोड़ अपराध की दुनिया में कदम रखा। राजस्थान में बैंक डकैती की जिसमें उसे सजा हो चुकी थी। राजस्थान जेल से वह पैरोल पर आया तो उसने राजस्थान में नाके पर तैनात पुलिसकर्मी पर गोली चलाई थी। इस केस में वह फरार चल रहा था और झांझड़ा श्योराण निवासी कुलदीप उर्फ गौरिया के पास रहकर फरारी काट रहा था। गौरिया ने गांव के बाहर बकरियों का बाड़ा बना रखा है और वह बकरी चराता था। 10वीं तक पढ़े गौरिया ने कविता को धर्म बहन माना था और उसके प्रेम विवाह से खफा चल रहा था।
ये तेरी आखिरी बीड़ी है, तेरी मौत तय हो चुकी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये गौरिया ने मीडिया के सामने कहा कि कविता उसकी धर्म बहन थी और उसने गांव के भांजे और उसी के गौत्र के लड़के से शादी की, जो उसे पसंद नहीं थी। उसने कहा कि गांव में अपनी ही बहन को कैसे भाभी बोल सकते थे, कैसे उसे घूंघट निकालकर घर में सफाई करते देख सकते थे। उसने कहा कि एक महीने 10 दिन तक पंचायत में पैर पकड़े लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद झूठ बोलकर बुलाया और गिगनाऊ ले गये। वहां उसने उससे कहा कि बीड़ी जला ले। जब उसने बीड़ी जलाई तो कहा कि ये तेरी आखिरी बीड़ी है, इसे चाहे पी ले या फिर फेंक दे। यह कहते ही उसने विरेंद्र की छाती में गोली दाग दी। गौरिया ने कहा कि उसे हत्या का कोई पछतावा नहीं है। अगर उसकी बहन भी गलत काम करती तो उसे भी यही सजा देता।