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निजी अस्पताल में बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने की तोड़फोड़

Sun, 14 Apr 2019 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 01:00 AM IST
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निजी अस्पताल में बुजुर्ग की मौत, परिजनों ने की तोड़फोड़
भिवानी। चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में एक बुजुर्ग की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। चिकित्सक का दरवाजा नहीं खुलने पर तोड़ दिया। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस पहुंची और समझाया कि चिकित्सक ने इलाज में लापरवाही बरती है तो शिकायत करें, कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि उक्त अस्पताल में अनट्रेंड और बिना डिग्री-डिप्लोमा के स्टाफ लगा है, जो लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया था।
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मामला शनिवार दोपहर करीब पौने दो बजे का है। चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में मूलरूप से कुड़ल हाल विद्यानगर वासी करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग भगवानाराम की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्टाफ के साथ नोकझोंक हुई। चिकित्सक के केबिन का दरवाजा नहीं खुलने के कारण उसे तोड़ दिया गया। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर विद्यानंद मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाकर लिखित शिकायत करने की बात कहकर सिविल लाइन थाना ले जाया गया। मृतक के परिजन मामले में लिखित शिकायत देने की तैयारी कर रहे थे, वहीं अस्पताल की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं दी गई थी।
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कल तक सब ठीक, आज अचानक मौत हो गई
मृतक के लड़के मान सिंह और खेमचंद ने बताया कि वे तीन भाई और तीनों ही सेना से रिटायर हैं। मान सिंह और खेमचंद ने बताया कि दो दिन पहले पिता भगवाना राम को पेशाब में समस्या थी। जिसके बाद कोर्ट के पास एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। शनिवार शाम को तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उक्त अस्पताल के चिकित्सक ने चिड़ियाघर मोड़ स्थित निजी अस्पताल में ले जाने को कहा। उन्हें इस बारे में मना भी किया मगर चिकित्सक ने कहा कि अब तो इमरजेंसी है, एक बार ले जाओ, बाद में किसी भी अन्य अस्पताल में ले जाना। इमरजेंसी देखते हुए शुक्रवार शाम छह बजे उन्हें इस निजी अस्पताल में एडमिट करवाया था। चिकित्सक ने सारे टेस्ट करने के बाद कहा कि हार्ट संबंधित कोई समस्या नहीं है। थोड़ी घबराहट के कारण बीपी बढ़ गया है और इसी कारण उल्टी हुई फिर एक्स-रे के लिए गए तो वहां बीपी काफी बढ़ गया था। इसी दौरान वहां पिता का निधन हो गया। यह सब कर्मचारियों की लापरवाही से हुआ है।
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बुजुर्ग की मौत पर परिजन अस्पताल में स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगा रहे थे। उन्हें लिखित शिकायत देने के लिए कहा है। शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। वहीं चिकित्सक की ओर से भी कोई शिकायत नहीं आई है।
इंस्पेक्टर विद्यानंद, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
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