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Bhiwani News: टैंकर के रसायन रिसाव के बाद दूषित पानी की सप्लाई, जेसीबी से टूटी थी पेयजल लाइन
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बहल में जेसीबी से हुई ब्रेक लाइन को सही करते विभाग के कर्मचारी।
बहल। अनाज मंडी के पास टैंकर से हुए रसायन रिसाव की आग बुझाने के दौरान जेसीबी से पेयजल लाइन टूटने की आशंका है। इसी लाइन से रसायन मिलने के बाद सोमवार को राजगढ़ रोड, पिलानी बाईपास समेत कई क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति हो गई।
रविवार को विभाग की सप्लाई का पानी बदबूदार आने पर लोगों ने शिकायत की। भोजान रोड निवासी कुलदीप ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे आए पानी से रसायन जैसी गंध आ रही थी और कुछ लोगों को सेवन के बाद जी मिचलाने लगा। शिकायत के बाद कर्मचारियों ने जांच शुरू की।
जांच में अनाज मंडी गेट के पास सुरपुरा जलघर से आने वाली पेयजल लाइन कटी मिली। विभाग ने सभी सप्लाई लाइनें बंद कर टूटी लाइन की मरम्मत शुरू कर दी। तब तक राजगढ़ रोड, पिलानी बाईपास और अन्य क्षेत्रों में पानी पहुंच चुका था। बूस्टिंग स्टेशन का टैंक भी खाली कराया गया।
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सुबह जलघर से सप्लाई आई तो टूटी हुई लाइन में मिला रसायन
रसायन रिसाव के बाद आग बुझाने के लिए जेसीबी से मिट्टी डालते समय अनाज मंडी के पास पेयजल लाइन टूटने की आशंका है। सुबह जलघर से पानी बूस्टिंग स्टेशन पहुंचा तो टूटी लाइन से गुजरने के कारण उसमें रसायन मिल गया। यही पानी बूस्टिंग टैंक में पहुंचने के बाद पिलानी रोड क्षेत्र में सप्लाई हुआ।
50 हजार लीटर पानी से भरा बूस्टिंग स्टेशन का टैंक किया खाली
जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने टूटी लाइन की मरम्मत के साथ बूस्टिंग स्टेशन का टैंक भी खाली कराया। टैंक में करीब 50 हजार लीटर पानी था जिसे चैंबरों में निकाला गया। जेई सुनील कुमार ने बताया कि एहतियातन टैंक खाली किया जा रहा है। इसके बाद इसे क्लोरीनेट कर साफ पानी से भरा जाएगा।
रविवार को बस स्टैंड के समीप आग की घटना के दौरान जेसीबी का प्रयोग किया गया था। संभव है कि उसी दौरान लाइन टूटी हो और पानी में कुछ मिल गया हो। पता चलते ही लाइन दुरुस्त कर दी गई और बूस्टर का टैंक खाली कराया गया है। इसे क्लोरीनेट करने के बाद ही दोबारा पानी भरा जाएगा। -सुनील कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
जाइलीन युक्त दूषित पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे सिरदर्द, पेट दर्द, चक्कर, कमजोरी, मितली, उल्टी तथा आंख, नाक और गले में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रसायन की मात्रा अधिक होने या लंबे समय तक सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे पानी का सेवन तुरंत रोककर स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करना चाहिए और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। -डॉ. गौरव, एसएमएसजी हॉस्पिटल, बहल
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रविवार को विभाग की सप्लाई का पानी बदबूदार आने पर लोगों ने शिकायत की। भोजान रोड निवासी कुलदीप ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे आए पानी से रसायन जैसी गंध आ रही थी और कुछ लोगों को सेवन के बाद जी मिचलाने लगा। शिकायत के बाद कर्मचारियों ने जांच शुरू की।
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जांच में अनाज मंडी गेट के पास सुरपुरा जलघर से आने वाली पेयजल लाइन कटी मिली। विभाग ने सभी सप्लाई लाइनें बंद कर टूटी लाइन की मरम्मत शुरू कर दी। तब तक राजगढ़ रोड, पिलानी बाईपास और अन्य क्षेत्रों में पानी पहुंच चुका था। बूस्टिंग स्टेशन का टैंक भी खाली कराया गया।
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सुबह जलघर से सप्लाई आई तो टूटी हुई लाइन में मिला रसायन
रसायन रिसाव के बाद आग बुझाने के लिए जेसीबी से मिट्टी डालते समय अनाज मंडी के पास पेयजल लाइन टूटने की आशंका है। सुबह जलघर से पानी बूस्टिंग स्टेशन पहुंचा तो टूटी लाइन से गुजरने के कारण उसमें रसायन मिल गया। यही पानी बूस्टिंग टैंक में पहुंचने के बाद पिलानी रोड क्षेत्र में सप्लाई हुआ।
50 हजार लीटर पानी से भरा बूस्टिंग स्टेशन का टैंक किया खाली
जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने टूटी लाइन की मरम्मत के साथ बूस्टिंग स्टेशन का टैंक भी खाली कराया। टैंक में करीब 50 हजार लीटर पानी था जिसे चैंबरों में निकाला गया। जेई सुनील कुमार ने बताया कि एहतियातन टैंक खाली किया जा रहा है। इसके बाद इसे क्लोरीनेट कर साफ पानी से भरा जाएगा।
रविवार को बस स्टैंड के समीप आग की घटना के दौरान जेसीबी का प्रयोग किया गया था। संभव है कि उसी दौरान लाइन टूटी हो और पानी में कुछ मिल गया हो। पता चलते ही लाइन दुरुस्त कर दी गई और बूस्टर का टैंक खाली कराया गया है। इसे क्लोरीनेट करने के बाद ही दोबारा पानी भरा जाएगा। -सुनील कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
जाइलीन युक्त दूषित पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे सिरदर्द, पेट दर्द, चक्कर, कमजोरी, मितली, उल्टी तथा आंख, नाक और गले में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रसायन की मात्रा अधिक होने या लंबे समय तक सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे पानी का सेवन तुरंत रोककर स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करना चाहिए और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। -डॉ. गौरव, एसएमएसजी हॉस्पिटल, बहल