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Bhiwani News: कांस्टेबल की चंडीगढ़ में मौत, रिवासा में पसरा मातम
Fri, 30 May 2025 10:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 30 May 2025 10:16 PM IST
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भिवानी। तोशाम क्षेत्र के गांव रिवासा निवासी हरियाणा पुलिस में चंडीगढ़ में तैनात कांस्टेबल कैलाश (34) की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में मातम पसर गया है। वहीं, कांस्टेबल के घर पर सन्नाटा पसरा है। फिलहाल कैलाश का शव शनिवार को गांव में आने की संभावना है। गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
चंडीगढ़ पुलिस कॉम्प्लेक्स के अंदर ही कैलाश अपने बेटे और पत्नी के साथ रहते थे। कैलाश दो भाई और पांच बहनें हैं। उनके बड़ा भाई मुकेश गांव में ही फिलहाल खेतीबाड़ी करते हैं। मुकेश पहले प्राइवेट स्कूल में बतौर अध्यापक भी नौकरी करते थे। कैलाश की पांच बहनों में चार शादीशुदा हैं, जबकि सबसे छोटी बहन अभी अविवाहित है। कैलाश के पिता दलबीर गांव में ही बड़े बेटे मुकेश के साथ खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि माता कृष्णा गृहिणी हैं।
गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मोनू रिवासा ने बताया कि काफी सालों से कैलाश अपने बीवी बच्चों के साथ चंडीगढ़ में रहकर हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी करता था। वह परिवार में शादी विवाह व खास मौकों पर ही गांव में आता था। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि कैलाश के परिजनों को कभी ऐसी कोई अनहोनी की आशंका नहीं थी। कैलाश किस परेशानी में था यह भी किसी को नहीं पता है। वहीं, कैलाश की बहनों को इस हादसे की जानकारी मिली तो उनका भी रो रोकर बुरा हाल है।
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परिजनों से फिलहाल नहीं था कैलाश का कोई मनमुटाव
ग्रामीणों ने बताया कि उसने प्रेम विवाह किया था, उस समय थोड़ी बहुत नाराजगी हो सकती है, लेकिन फिलहाल कई साल बीत जाने के बाद अब कैलाश का परिजनों के साथ कोई मनमुटाव नहीं था। कैलाश परिवार के हर खुशी और गम के मौकों पर शरीक होने आता था। वह अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहा था। परिजन अचानक हुए इस हादसे के बाद कुछ समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर कैलाश को क्या हुआ था।
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चंडीगढ़ पुलिस कॉम्प्लेक्स के अंदर ही कैलाश अपने बेटे और पत्नी के साथ रहते थे। कैलाश दो भाई और पांच बहनें हैं। उनके बड़ा भाई मुकेश गांव में ही फिलहाल खेतीबाड़ी करते हैं। मुकेश पहले प्राइवेट स्कूल में बतौर अध्यापक भी नौकरी करते थे। कैलाश की पांच बहनों में चार शादीशुदा हैं, जबकि सबसे छोटी बहन अभी अविवाहित है। कैलाश के पिता दलबीर गांव में ही बड़े बेटे मुकेश के साथ खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि माता कृष्णा गृहिणी हैं।
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गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मोनू रिवासा ने बताया कि काफी सालों से कैलाश अपने बीवी बच्चों के साथ चंडीगढ़ में रहकर हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी करता था। वह परिवार में शादी विवाह व खास मौकों पर ही गांव में आता था। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि कैलाश के परिजनों को कभी ऐसी कोई अनहोनी की आशंका नहीं थी। कैलाश किस परेशानी में था यह भी किसी को नहीं पता है। वहीं, कैलाश की बहनों को इस हादसे की जानकारी मिली तो उनका भी रो रोकर बुरा हाल है।
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परिजनों से फिलहाल नहीं था कैलाश का कोई मनमुटाव
ग्रामीणों ने बताया कि उसने प्रेम विवाह किया था, उस समय थोड़ी बहुत नाराजगी हो सकती है, लेकिन फिलहाल कई साल बीत जाने के बाद अब कैलाश का परिजनों के साथ कोई मनमुटाव नहीं था। कैलाश परिवार के हर खुशी और गम के मौकों पर शरीक होने आता था। वह अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहा था। परिजन अचानक हुए इस हादसे के बाद कुछ समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर कैलाश को क्या हुआ था।