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अनाज मंडी गेट पर मांगे दस्तावेज तो बोले परेशान किसान- बाजरा बेचण आए सां जमीन कोनी बेचदे
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गेट पास को लेकर कर्मचारियों से बहस करते किसान। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। बाजरा बिक्री के लिए भिवानी की नई अनाज मंडी में शनिवार को सैकड़ों रजिस्टर्ड किसान पहुंचे। इसी वजह से मंडी से लेकर करीब आधा किलोमीटर तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लग गई। शनिवार सुबह से ही मेरी फसल मेरा ब्योरा की साइट में फिर से तकनीकी खराबी आ गई। जिससे गेट पास काटने में अधिकारियों के भी पसीने छूट गए और परेशान किसान भी दस्तावेज मांगने पर बिफर गए और अधिकारियों से बोले कि बाजरा बेचण आए सां जमीन कोनी बेचदे। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों से किसानों की थोड़ी बहुत बहस भी हो गई। शनिवार सुबह से शाम तक सिर्फ 30 किसानों के ही गेट पास कटे, अधिकांश किसान तो निराश ही लौट गए।
जिले की मंडियों में एक अक्तूबर से बाजरा खरीद हो रहा है। दो अक्तूबर को छुट्टी की वजह से कोई किसान मंडी नहीं पहुंचा, लेकिन शनिवार को खरीद के दूसरे दिन सैकड़ों किसान अपने फोन पर एसएमएस आने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में बाजरा लेकर मंडी पहुंच गए। सुबह सात बजे से ही मंडी के गेट से लेकर लोहारू रोड तोशाम बाईपास सड़क तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार भी लग गई। गेट पास काट रहे कर्मचारियों का कहना था कि साइट रजिस्टर्ड किसानों का फोन नंबर तक नहीं उठा रही है, क्योंकि ऑनलाइन गेट पास काटने में किसान का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी भरा जा रहा है।
समस्या किसानों की जुबानी :
बाजरा बेचण आए सां, जमीन कौनी बेचदे, छौरा गया सै ड्यूटी इब मैसेज कड़ै तै दिखावा। मेरे छोरे के फोन तै बाजरे का रजिस्ट्रेशन कराया था। इब मंडी आनै कै पाछै कड़ै तै मैसेज दिखाऊ। इसा काम हो रैया सै जणू तो मैं बाजरा कौनी बेचदा, अपनी जमीन बेचण आ रैया सूं। सबेर तै लाइन मै भूखा प्यासा खड़ा सूं, किसी ने म्हारी हालत कोनी दिखदी।
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- जोगेंद्र किसान मालवास।
दो मण दाणे बेचण नै आए थे, सबेरे तै बांस राख्ये सां। कदे कोए कागज मांगे सै तो कदे कोए फोन नंबर। म्हारी तौ इसी हालत कर राख्यी सै जणूं तो हाम चोर सां। दो महीनां तै तो खेत में पड़े थे, इब उरै धक्के खाणे पड़ रे सै। म्हारी तो कोए कौणी सुणदा। अपणा काम करां या फैर इन दांण्यां नै बेचा। म्हारी तो क्सूती बीरान माटी कर राख्सी सै।
- मुन्ना किसान निमड़ीवाली।
वर्जन-
गेट पास काटने के लिए कर्मचारियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई हुई है। लेकिन साइट में तकनीकी दिक्कतों की वजह से गेट पास काटने का काम धीमा चल रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर ही किसान अपनी फसल बेच सकता है, इसके लिए फोन पर आया मैसेज भी दिखाना अनिवार्य है। साइट की दिक्कतों को दूर कराने के लिए लगातार हेडक्वार्टर से संपर्क जारी है।
- ज्योति धनखड़, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव मार्केटिंग बोर्ड भिवानी।
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जिले की मंडियों में एक अक्तूबर से बाजरा खरीद हो रहा है। दो अक्तूबर को छुट्टी की वजह से कोई किसान मंडी नहीं पहुंचा, लेकिन शनिवार को खरीद के दूसरे दिन सैकड़ों किसान अपने फोन पर एसएमएस आने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में बाजरा लेकर मंडी पहुंच गए। सुबह सात बजे से ही मंडी के गेट से लेकर लोहारू रोड तोशाम बाईपास सड़क तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार भी लग गई। गेट पास काट रहे कर्मचारियों का कहना था कि साइट रजिस्टर्ड किसानों का फोन नंबर तक नहीं उठा रही है, क्योंकि ऑनलाइन गेट पास काटने में किसान का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी भरा जा रहा है।
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समस्या किसानों की जुबानी :
बाजरा बेचण आए सां, जमीन कौनी बेचदे, छौरा गया सै ड्यूटी इब मैसेज कड़ै तै दिखावा। मेरे छोरे के फोन तै बाजरे का रजिस्ट्रेशन कराया था। इब मंडी आनै कै पाछै कड़ै तै मैसेज दिखाऊ। इसा काम हो रैया सै जणू तो मैं बाजरा कौनी बेचदा, अपनी जमीन बेचण आ रैया सूं। सबेर तै लाइन मै भूखा प्यासा खड़ा सूं, किसी ने म्हारी हालत कोनी दिखदी।
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- जोगेंद्र किसान मालवास।
दो मण दाणे बेचण नै आए थे, सबेरे तै बांस राख्ये सां। कदे कोए कागज मांगे सै तो कदे कोए फोन नंबर। म्हारी तौ इसी हालत कर राख्यी सै जणूं तो हाम चोर सां। दो महीनां तै तो खेत में पड़े थे, इब उरै धक्के खाणे पड़ रे सै। म्हारी तो कोए कौणी सुणदा। अपणा काम करां या फैर इन दांण्यां नै बेचा। म्हारी तो क्सूती बीरान माटी कर राख्सी सै।
- मुन्ना किसान निमड़ीवाली।
वर्जन-
गेट पास काटने के लिए कर्मचारियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई हुई है। लेकिन साइट में तकनीकी दिक्कतों की वजह से गेट पास काटने का काम धीमा चल रहा है। सरकार द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर ही किसान अपनी फसल बेच सकता है, इसके लिए फोन पर आया मैसेज भी दिखाना अनिवार्य है। साइट की दिक्कतों को दूर कराने के लिए लगातार हेडक्वार्टर से संपर्क जारी है।
- ज्योति धनखड़, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव मार्केटिंग बोर्ड भिवानी।

नई अनाजमंडी के बाहर लोहारू रोड पर बाजरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों की लगी लंबी लाइन। संवाद न्यूज ए- फोटो : Bhiwani