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किसानों की मांगों पर बनी सहमति, पहली नवंबर से शुरू होगी कपास की सरकारी खरीद : डीसी

Tue, 28 Oct 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 28 Oct 2025 01:46 AM IST
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Agreement reached on farmers' demands, government procurement of cotton to begin from November 1: DC
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बैठक में मौजूद किसान। 
भिवानी। किसानों की मांगों पर सहमति बन गई है और पहली नवंबर से सरकारी कपास की खरीद शुरू की जाएगी। यह निर्णय सोमवार को उपायुक्त साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में जिला प्रशासन और किसान संगठनों की बैठक में लिया गया। बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा और मजदूर संगठन सीटू के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें 16 अक्तूबर को सौंपे गए ज्ञापन में शामिल विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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जिला प्रशासन ने दोनों संगठनों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया था। प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कॉमरेड ओमप्रकाश, दयानंद पूनिया, जिला सचिव मास्टर जगरोशन, संयुक्त सचिव डॉ. बलबीर ठाकन और भारतीय किसान यूनियन (नैन ग्रुप) के मेवा सिंह आर्य प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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बैठक में मुख्य रूप से ओवरफ्लो से जिले के तीन दर्जन गांवों में हुए बाढ़ और जलभराव की निकासी का मुद्दा उठाया गया। किसानों ने कहा कि जब तक जलभराव नहीं हटेगा तब तक रबी फसल की बुआई संभव नहीं हो सकेगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द निकासी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही फसल नुकसान का मुआवजा एक लाख रुपये प्रति एकड़ देने, मजदूरों को भी मुआवजा देने, और मकानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग रखी।
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किसानों ने बाजरा, कपास, मूंग और धान की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने, डीएपी और यूरिया खाद की मांग के अनुसार उपलब्धता, कालाबाजारी पर रोक, बिजली टावरों व तेल पाइप लाइनों का उचित मुआवजा देने, बकाया बिजली कनेक्शन जारी करने और क्रॉप कटिंग में धांधली रोकने की मांग की। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित गांवों में 200 दिन मनरेगा काम को 600 रुपये प्रतिदिन की दर से तुरंत लागू करने और 350 करोड़ रुपये के बीमा फ्रॉड की जांच कर किसानों को ब्याज सहित पूरा पैसा लौटाने की भी मांग की गई।

उपायुक्त साहिल गुप्ता ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों और मजदूरों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग निजी बस मालिकों को आदेश जारी करे कि वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को नियमानुसार किराए में छूट दी जाए। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि ट्यूबवेल कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं और जले हुए ट्रांसफार्मर विद्युत निगम अपनी लागत पर तुरंत बदलें। उन्होंने किसानों की अधिकांश मांगों पर सहमति जताते हुए कहा कि पहली नवंबर से सरकारी कपास की खरीद शुरू कर दी जाएगी। इस अवसर पर किसान नेत्री संतोष देशवाल, चौधरी देवीलाल मंच के विजय गोठड़ा, किसान सभा के रामोतार बलियाली और सूबेदार धनपत ओबरा भी मौजूद रहे।
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