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Bhiwani News: तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री क्लर्क की कुर्सी पर बैठ रुपये वसूल रहा प्राइवेट आदमी
Wed, 07 May 2025 03:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 07 May 2025 03:55 AM IST
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भिवानी के तहसील कार्यालय में प्राइवेट आदमी आरसी की जगह रजिस्ट्री के नाम पर पैसे लेने की सूचना प
संजय वर्मा
भिवानी। तहसील कार्यालय भिवानी में मंगलवार शाम चार बजकर 15 मिनट पर रजिस्ट्री क्लर्क के कमरा नंबर 19 के अंदर बैठा प्राइवेट व्यक्ति खुलेआम रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर कराते और लोगों से पैसे ऐंठता कैमरे में कैद हो गया। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कर्मचारी न केवल लोगों से रजिस्ट्री के नाम पर खुलेआम पैसे ले रहा है, बल्कि खुद ही रजिस्ट्री पर खरीदार और भूमि बेचने वाले के हस्ताक्षर कराकर तहसील कार्यालय की मोहर भी दस्तावेजों पर लगा रहा है। यह स्थिति तब है, जब हरियाणा सरकार ने पटवार घर से लेकर तहसील कार्यालयों के अंदर भ्रष्टाचार को बंद करने के लिए प्राइवेट लोगों के सरकारी कर्मचारी की सीट पर बैठकर काम करने पर पाबंदी लगाने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हुए हैं।
भ्रष्टाचार के इस काले सच के कैमरे में कैद होने की सूचना मिलते ही तहसील कार्यालय के अधिकारियों में हड़कंप मंच गया। तहसीलदार सुरेश कुमार और नायब तहसीलदार अंकित कुमार मौके पर पहुंचे और प्राइवेट व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़कर पूछताछ की। इसी बीच मौका पाकर वह वहां से रफूचक्कर हो गया।
भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना संपत्ति की रजिस्ट्री के करीब 200 टोकन ऑनलाइन काटे जा रहे हैं, जबकि तहसीलदार कार्यालय में रोजाना 50 से 60 टोकन हिस्से आते हैं। जिला राजस्व अधिकारी और एसडीएम कार्यालय में भी रजिस्ट्री के टोकन भेजे जाते हैं, लेकिन भिवानी के एसडीएम ने रजिस्ट्री बंद कर दी है। तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी ने भी भूमि घोटाला उजागर होने के बाद रजिस्ट्री बंद कर दी थी , लेकिन अब चरखी दादरी के जिला राजस्व अधिकारी के पास भिवानी का अतिरिक्त कार्यभार है। इसकी वजह से यहां रजिस्ट्री फिर से शुरू हो गई हैं। संवाद
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सीएम के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चोट
सूबे के सीएम नायब सिंह सैनी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को लेकर गंभीर हैं। इसके बावजूद तहसील कार्यालयों के अंदर भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। भिवानी तहसील कार्यालय में प्राइवेट व्यक्ति खुलेआम रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने और दस्तावेजों की तस्दीक कर सरकारी मुहर तक लगा रहे हैं। ऐसे में आम आदमी स्टांप ड्यूटी की सरकारी जायज फीस भरने के बावजूद अपना काम कराने के लिए तहसील कार्यालय में बैठाए गए प्राइवेट लोगोंं को रिश्वत देने पर मजबूर हो रहा है।
रजिस्ट्री क्लर्क पर 60 रजिस्ट्री गलत करने के लग चुके हैं आरोप
भिवानी तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार किस कदर फैला है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2018 से 2019 तक नियमों को ताक पर रखकर करीब 60 रजिस्ट्री गलत किए जाने के आरोप रजिस्ट्री क्लर्क पर लग चुके हैं। इन मामलों में वित्तायुक्त के आदेश पर विभागीय जांच भी चल रही है। इसके बावजूद भिवानी तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में भ्रष्टाचार का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। एक रजिस्ट्री क्लर्क पर एसडीएम कार्यालय में भी रजिस्ट्री क्लर्क का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है। जिस मामले की शिकायत भी उच्चाधिकारियों को की गई है। इसके बावजूद यहां भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ये सब राजनीतिक संरक्षण और अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
तहसील कार्यालय के अधिकारी मामला दबाने में जुटे
रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे में बैठकर रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से खुलेआम पैसे लेने के मामले के उजागर होने के बाद राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बाहरी व्यक्ति को बचाने में कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं। वहीं तहसील कार्यालय के अधिकारी भी इस मामले को दबाने और लीपापोती की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि इस स्टिंग की वीडियो में प्राइवेट व्यक्ति की करतूत स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिससे न केवल प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि हरियाणा सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
मैंने नायब तहसीलदार के साथ सरल केंद्र और कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया है, लेकिन रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे के अंदर उस वक्त मैं नहीं जा पाया था। अब दोबारा जब रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे के अंदर पहुंचा तो वहां रजिस्ट्री क्लर्क की जगह प्राइवेट व्यक्ति बैठा मिला था। वीडियो पर भी मैंने संज्ञान लिया है। इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश कुमार, तहसीलदार, भिवानी तहसील।
तहसील कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे तक गायब
प्रदेश सरकार के निर्देश के बावजूद भिवानी तहसील कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए हैं। हालांकि सरल केंद्र में सीसीटीवी लगे हैं, लेकिन तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क व अन्य अहम जगहों से सीसीटीवी गायब हैं। ऐसे में यहां प्राइवेट लोगों का सरकारी कामकाज में दखल और काम के बदले लोगों से पैंसे ऐंठने का धंधा खुलेआम और बिना रोकटोक चल रहा है।
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भिवानी। तहसील कार्यालय भिवानी में मंगलवार शाम चार बजकर 15 मिनट पर रजिस्ट्री क्लर्क के कमरा नंबर 19 के अंदर बैठा प्राइवेट व्यक्ति खुलेआम रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर कराते और लोगों से पैसे ऐंठता कैमरे में कैद हो गया। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कर्मचारी न केवल लोगों से रजिस्ट्री के नाम पर खुलेआम पैसे ले रहा है, बल्कि खुद ही रजिस्ट्री पर खरीदार और भूमि बेचने वाले के हस्ताक्षर कराकर तहसील कार्यालय की मोहर भी दस्तावेजों पर लगा रहा है। यह स्थिति तब है, जब हरियाणा सरकार ने पटवार घर से लेकर तहसील कार्यालयों के अंदर भ्रष्टाचार को बंद करने के लिए प्राइवेट लोगों के सरकारी कर्मचारी की सीट पर बैठकर काम करने पर पाबंदी लगाने और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हुए हैं।
भ्रष्टाचार के इस काले सच के कैमरे में कैद होने की सूचना मिलते ही तहसील कार्यालय के अधिकारियों में हड़कंप मंच गया। तहसीलदार सुरेश कुमार और नायब तहसीलदार अंकित कुमार मौके पर पहुंचे और प्राइवेट व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़कर पूछताछ की। इसी बीच मौका पाकर वह वहां से रफूचक्कर हो गया।
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भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना संपत्ति की रजिस्ट्री के करीब 200 टोकन ऑनलाइन काटे जा रहे हैं, जबकि तहसीलदार कार्यालय में रोजाना 50 से 60 टोकन हिस्से आते हैं। जिला राजस्व अधिकारी और एसडीएम कार्यालय में भी रजिस्ट्री के टोकन भेजे जाते हैं, लेकिन भिवानी के एसडीएम ने रजिस्ट्री बंद कर दी है। तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी ने भी भूमि घोटाला उजागर होने के बाद रजिस्ट्री बंद कर दी थी , लेकिन अब चरखी दादरी के जिला राजस्व अधिकारी के पास भिवानी का अतिरिक्त कार्यभार है। इसकी वजह से यहां रजिस्ट्री फिर से शुरू हो गई हैं। संवाद
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सीएम के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चोट
सूबे के सीएम नायब सिंह सैनी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को लेकर गंभीर हैं। इसके बावजूद तहसील कार्यालयों के अंदर भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। भिवानी तहसील कार्यालय में प्राइवेट व्यक्ति खुलेआम रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने और दस्तावेजों की तस्दीक कर सरकारी मुहर तक लगा रहे हैं। ऐसे में आम आदमी स्टांप ड्यूटी की सरकारी जायज फीस भरने के बावजूद अपना काम कराने के लिए तहसील कार्यालय में बैठाए गए प्राइवेट लोगोंं को रिश्वत देने पर मजबूर हो रहा है।
रजिस्ट्री क्लर्क पर 60 रजिस्ट्री गलत करने के लग चुके हैं आरोप
भिवानी तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार किस कदर फैला है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2018 से 2019 तक नियमों को ताक पर रखकर करीब 60 रजिस्ट्री गलत किए जाने के आरोप रजिस्ट्री क्लर्क पर लग चुके हैं। इन मामलों में वित्तायुक्त के आदेश पर विभागीय जांच भी चल रही है। इसके बावजूद भिवानी तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में भ्रष्टाचार का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। एक रजिस्ट्री क्लर्क पर एसडीएम कार्यालय में भी रजिस्ट्री क्लर्क का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है। जिस मामले की शिकायत भी उच्चाधिकारियों को की गई है। इसके बावजूद यहां भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ये सब राजनीतिक संरक्षण और अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
तहसील कार्यालय के अधिकारी मामला दबाने में जुटे
रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे में बैठकर रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से खुलेआम पैसे लेने के मामले के उजागर होने के बाद राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बाहरी व्यक्ति को बचाने में कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं। वहीं तहसील कार्यालय के अधिकारी भी इस मामले को दबाने और लीपापोती की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि इस स्टिंग की वीडियो में प्राइवेट व्यक्ति की करतूत स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिससे न केवल प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि हरियाणा सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
मैंने नायब तहसीलदार के साथ सरल केंद्र और कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया है, लेकिन रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे के अंदर उस वक्त मैं नहीं जा पाया था। अब दोबारा जब रजिस्ट्री क्लर्क के कमरे के अंदर पहुंचा तो वहां रजिस्ट्री क्लर्क की जगह प्राइवेट व्यक्ति बैठा मिला था। वीडियो पर भी मैंने संज्ञान लिया है। इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश कुमार, तहसीलदार, भिवानी तहसील।
तहसील कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे तक गायब
प्रदेश सरकार के निर्देश के बावजूद भिवानी तहसील कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए हैं। हालांकि सरल केंद्र में सीसीटीवी लगे हैं, लेकिन तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री क्लर्क व अन्य अहम जगहों से सीसीटीवी गायब हैं। ऐसे में यहां प्राइवेट लोगों का सरकारी कामकाज में दखल और काम के बदले लोगों से पैंसे ऐंठने का धंधा खुलेआम और बिना रोकटोक चल रहा है।