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Bhiwani News: स्कूल से घर लौटते समय पानी टैंकर ने चौथी कक्षा के छात्र को कुचला

Sat, 25 Jan 2025 10:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 25 Jan 2025 10:01 PM IST
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A fourth class student was crushed by a water tanker while returning home from school
नागरिक अस्पताल में बेटे के लिए विलाप करती मृतक आशीष की मां। 
भिवानी। गांव पालुवास के खेल स्टेडियम के पास स्कूल से घर लौटते समय चौथी कक्षा के छात्र को पानी के टैंकर ने कुचल दिया। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद परिजन भी मौके पर पहुंचे। वहीं औद्योगिक पुलिस थाना को इसकी जानकारी मिली।
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पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लिया और जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया। हादसा शुक्रवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे का है। शनिवार सुबह जिला नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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औद्योगिक पुलिस थाना में दिए बयान में गांव रासीवास हाल पालुवास में किराये पर रहने वाले सुरेश ने बताया कि उसके एक लड़का और चार लड़की हैं। सभी शादीशुदा हैं। उसकी लड़की मुकेश पिछले 12 साल से उसके पास ही अपने दो लड़कों के साथ रहती है। गत 24 जनवरी को उसका नाती 12 साल का आशीष हरिपुर पालुवास खेल स्टेडियम के पीछे शुक्रवार दोपहर बाद स्कूल से घर लौट रहा था।
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इसी दौरान पानी के टैंकर को लापरवाही से चलाता हुआ चालक आया और उसके नाती को कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आशीष का पिता राजेश करतारपुरा इंद्रा कॉलोनी रोहतक में रहता है। औद्योगिक पुलिस थाना के जांच अधिकारी हितेंद्र ने शव का शनिवार सुबह जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। जांच अधिकारी हितेंद्र ने बताया कि मृतक के नाना की शिकायत पर ट्रैक्टर चालक राकेश उर्फ सीनू गांव पालुवास के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल में बिलखती रही मां, बच्चे का शव ले गया पिता
शनिवार दोपहर बाद आशीष का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने जब बच्चे के शव को मां को सौंपने की तैयारी की तो पिता ने एतराज जता दिया। इसके बाद दोनों पक्ष अस्पताल की पुलिस चौकी के बाहर ही जुटे रहे। काफी देर बहस के बाद पिता बच्चे के शव को लेकर रोहतक चला गया, जबकि आशीष की मां मुकेश अस्पताल में ही बेटे के शव को देखने के लिए बिलखती रही। परिवार की महिलाओं ने उसे संभाला और सांत्वना दी। उनका कहना था कि पिछले 12 साल से पिता ने यहां आकर उनको देखा तक नहीं। अब बच्चे के शव का दाह संस्कार भी नहीं करने दिया।
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