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Bhiwani News: छह माह में 63 साइबर ठग दबोचे, पीड़ितों को लौटाए 1.66 करोड़ रुपये
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भिवानी। साइबर ठगों पर शिकंजा कसते हुए जिला पुलिस ने जनवरी से जुलाई के बीच 63 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसी अवधि में साइबर ठगी की 135 प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये साइबर अपराधियों के खातों में जाने से पहले ही होल्ड करवा दिए जिनमें से 1.66 करोड़ रुपये रुपये पीड़ितों के खातों में वापस भी दिलवाए गए।
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर जिला पुलिस साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के साथ-साथ लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जिलेभर में जागरूकता अभियान भी चला रही है। पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला मुख्यालय और सभी डिवीजन स्तर पर स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोग साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क रह सकें।
जनवरी से जुलाई तक दर्ज 135 मामलों में जिला पुलिस ने जिले सहित अन्य राज्यों में दबिश देकर 63 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से 24,29,000 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। जिला पुलिस वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, रिवॉर्ड प्वाइंट को रुपये में बदलने के नाम पर धोखाधड़ी, टास्क एवं पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, ओटीपी एवं केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लोन तथा ई-कॉमर्स फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रही है।
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साइबर ठगी की रकम बचाने में भी पुलिस को मिली सफलता
जनवरी से जुलाई के दौरान जिला पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि साइबर अपराधियों के खातों में जाने से पहले ही होल्ड करवा दी। इनमें से 1,66,74,000 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस भी दिलवाए गए। इसके अलावा गिरफ्तार साइबर अपराधियों से 24,29,000 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि साइबर मामलों में समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
आठ हजार लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए
जिला पुलिस जागरूकता अभियान भी लगातार चला रही है। जनवरी से जुलाई के दौरान जिले में 43 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें करीब आठ हजार विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, रिवॉर्ड प्वाइंट के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, ओटीपी और केवाईसी अपडेट, व्हाट्सएप व सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लोन तथा ई-कॉमर्स फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
किसी भी प्रकार के लालच, अधिक मुनाफे या आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए ताकि गोल्डन पीरियड के दौरान त्वरित कार्रवाई कर ठगी गई राशि को होल्ड कर पीड़ित को वापस दिलवाया जा सके। - सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।
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पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर जिला पुलिस साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के साथ-साथ लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जिलेभर में जागरूकता अभियान भी चला रही है। पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला मुख्यालय और सभी डिवीजन स्तर पर स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि लोग साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क रह सकें।
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जनवरी से जुलाई तक दर्ज 135 मामलों में जिला पुलिस ने जिले सहित अन्य राज्यों में दबिश देकर 63 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से 24,29,000 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। जिला पुलिस वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, रिवॉर्ड प्वाइंट को रुपये में बदलने के नाम पर धोखाधड़ी, टास्क एवं पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, ओटीपी एवं केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लोन तथा ई-कॉमर्स फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रही है।
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साइबर ठगी की रकम बचाने में भी पुलिस को मिली सफलता
जनवरी से जुलाई के दौरान जिला पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि साइबर अपराधियों के खातों में जाने से पहले ही होल्ड करवा दी। इनमें से 1,66,74,000 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस भी दिलवाए गए। इसके अलावा गिरफ्तार साइबर अपराधियों से 24,29,000 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि साइबर मामलों में समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
आठ हजार लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए
जिला पुलिस जागरूकता अभियान भी लगातार चला रही है। जनवरी से जुलाई के दौरान जिले में 43 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें करीब आठ हजार विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, रिवॉर्ड प्वाइंट के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, ओटीपी और केवाईसी अपडेट, व्हाट्सएप व सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लोन तथा ई-कॉमर्स फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
किसी भी प्रकार के लालच, अधिक मुनाफे या आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए ताकि गोल्डन पीरियड के दौरान त्वरित कार्रवाई कर ठगी गई राशि को होल्ड कर पीड़ित को वापस दिलवाया जा सके। - सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।