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वर्ष 2015 में विदेशी तर्ज पर तैयार करवाई गई थी नाइट राइडर बदल रही स्वरूप
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जिला पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए रात्रि गश्त के लिए दी गई हाईटेक बाइकों की लाइटें रखरखाव के अभाव में या तो टूट चुकी हैं या फिर खराब पड़ी हैं। अगर ऐसा ही रहा तो रात के समय गश्त के लिए स्पेशल तैयार करवाई गई बाइक साधारण ही रह जाएंगी। इन बाइकों की लाइटें ठीक करवाने के लिए विभाग के पास बजट कम पड़ रहा या फिर लापरवाही बरती जा रही है। अधिकारियों से बात की तो जवाब मिलता है कि बाइकों को जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। अब देखना है कि नाइट राइडर पहले जैसे रूप में आती हैं या फिर उनका स्वरूप बिगड़ा रहता है।
वर्ष 2015 में पुलिस विभाग द्वारा रात्रि गश्त के लिए पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए विभाग द्वारा विदेशी तर्ज पर नाइट राइडर बाइक तैयार करवाई गई थी। उनकी खासियत यह थी कि उनके आगे व पीछे नीली और लाल लाइटों के साथ पुलिस हॉर्न की सुविधा दी गई थी। नाइट राइडर को वैसा ही लुक दिया था जैसा विदेशी पुलिस की बाइक होती है। रात के समय दूर से ही पता लग जाता था कि पुलिस राइडर आ रही है। अभी बाइकों को आए तीन साल ही हुए हैं कि उनका स्वरूप बदल चुका है। इनकी लाइटें खराब हो गई हैं और ये सामान्य बाइकों जैसे बन गई हैं। रात को चमचामने वाली राइडर की लाल, नीली लाइटें टूटी हुई हैं या फिर खराब पड़ी हैं।
जिले को मिली थी 20 नाइट राइडर
विभाग द्वारा वर्ष 2015 में प्रदेश पुलिस को हाइटेक बनाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा हाइटेक बाइक तैयार करवाकर हर जिले में भेजी गई थी। जिला पुलिस को भी 20 हाईटेक बाइक मिली थी जो रात्रि गश्त के लिए हर थाने में भेजी गई थी। उसकी लाइटें टूट गई हैं, या फिर जलती नहीं हैं। पुलिस विभाग अब उन्हें ठीक करवाने तक ही जहमत नहीं उठा रहा है।
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रात्रि गश्त में नहीं सुनाई देते राइडर के सायरन
रात्रि गश्त के लिए तैयार की गई नाइट राइडर को गश्त के दौरान सायरन बजाने का आदेश होता है। सायरन बजाने का फायदा यह होता है कि अगर आसपास कहीं पर कोई चोरी की वारदात हो रही हो तो चोर पुलिस का सायरन सुनकर भाग निकलेंगे लेकिन राइडर चालक हैं कि सायरन का प्रयोग नाम मात्र करते हैं। वहीं, नाइट राइडर की लाइटें खराब पड़ी हैं।
वर्जन
जिस भी नाइट राइडर बाइक की लाइटें या कोई भी कमी है उसे जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। सभी बाइकों की पुलिस लाइन जांच कराई जाएगी और जो भी कमी मिलेगी उसे दूर किया जाएगा। हाइटेक बाइकों को किसी भी सूरत में खराब नहीं होने दिया जाएगा।
-गंगाराम पूनिया, एसपी भिवानी।
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भिवानी। जिला पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए रात्रि गश्त के लिए दी गई हाईटेक बाइकों की लाइटें रखरखाव के अभाव में या तो टूट चुकी हैं या फिर खराब पड़ी हैं। अगर ऐसा ही रहा तो रात के समय गश्त के लिए स्पेशल तैयार करवाई गई बाइक साधारण ही रह जाएंगी। इन बाइकों की लाइटें ठीक करवाने के लिए विभाग के पास बजट कम पड़ रहा या फिर लापरवाही बरती जा रही है। अधिकारियों से बात की तो जवाब मिलता है कि बाइकों को जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। अब देखना है कि नाइट राइडर पहले जैसे रूप में आती हैं या फिर उनका स्वरूप बिगड़ा रहता है।
वर्ष 2015 में पुलिस विभाग द्वारा रात्रि गश्त के लिए पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए विभाग द्वारा विदेशी तर्ज पर नाइट राइडर बाइक तैयार करवाई गई थी। उनकी खासियत यह थी कि उनके आगे व पीछे नीली और लाल लाइटों के साथ पुलिस हॉर्न की सुविधा दी गई थी। नाइट राइडर को वैसा ही लुक दिया था जैसा विदेशी पुलिस की बाइक होती है। रात के समय दूर से ही पता लग जाता था कि पुलिस राइडर आ रही है। अभी बाइकों को आए तीन साल ही हुए हैं कि उनका स्वरूप बदल चुका है। इनकी लाइटें खराब हो गई हैं और ये सामान्य बाइकों जैसे बन गई हैं। रात को चमचामने वाली राइडर की लाल, नीली लाइटें टूटी हुई हैं या फिर खराब पड़ी हैं।
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जिले को मिली थी 20 नाइट राइडर
विभाग द्वारा वर्ष 2015 में प्रदेश पुलिस को हाइटेक बनाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा हाइटेक बाइक तैयार करवाकर हर जिले में भेजी गई थी। जिला पुलिस को भी 20 हाईटेक बाइक मिली थी जो रात्रि गश्त के लिए हर थाने में भेजी गई थी। उसकी लाइटें टूट गई हैं, या फिर जलती नहीं हैं। पुलिस विभाग अब उन्हें ठीक करवाने तक ही जहमत नहीं उठा रहा है।
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रात्रि गश्त में नहीं सुनाई देते राइडर के सायरन
रात्रि गश्त के लिए तैयार की गई नाइट राइडर को गश्त के दौरान सायरन बजाने का आदेश होता है। सायरन बजाने का फायदा यह होता है कि अगर आसपास कहीं पर कोई चोरी की वारदात हो रही हो तो चोर पुलिस का सायरन सुनकर भाग निकलेंगे लेकिन राइडर चालक हैं कि सायरन का प्रयोग नाम मात्र करते हैं। वहीं, नाइट राइडर की लाइटें खराब पड़ी हैं।
वर्जन
जिस भी नाइट राइडर बाइक की लाइटें या कोई भी कमी है उसे जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। सभी बाइकों की पुलिस लाइन जांच कराई जाएगी और जो भी कमी मिलेगी उसे दूर किया जाएगा। हाइटेक बाइकों को किसी भी सूरत में खराब नहीं होने दिया जाएगा।
-गंगाराम पूनिया, एसपी भिवानी।