{"_id":"5a5120424f1c1b1c198b53fe","slug":"181515266114-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो विभागों के बीच उलझी राहगीरों की सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो विभागों के बीच उलझी राहगीरों की सुरक्षा
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो विभागों के बीच उलझी राहगीरों की सुरक्षा
भिवानी। राहगीरों की सुरक्षा के लिए सबसे अहमियत सफेद पट्टी और संकेतांक जिले के अधिकतर रोड से गायब हैं। धुंध के दिनों में भी नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर सफेद पट्टी और संकेतक नदारद हैं। इतने गंभीर मसले पर त्वरित कार्यवाही करने के बजाय बीएंडआर और ट्रैफिक पुलिस चिट्टीबाजी में उलझे हुए हैं। धुंध बढ़ने के बाद भी विभाग राहगीरों की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं हैं।
जिले में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। बेखौफ होकर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर दौड़ रहे वाहनों से होने वाले सड़क हादसों में बेकसूर लोग जान गंवाने पर मजबूर हैं। जिला मार्गों से लेकर नेशनल मार्गों तक पर सफेद पट्टी गायब हैं। इन मार्गों पर रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड तक नहीं लगे हुए हैं। पुलिस और लोक निर्माण विभाग एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो दो साल के दौरान 834 सड़क दुर्घटनाओं में 277 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 557 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि कोहरे का प्रकोप बढ़ते ही सड़क हादसों का सिलसिला बढ़ जाता है। ऐसा नहीं है कि इसके लिए अकेले कोहरा ही इन हादसों का कारण हो। इसके मुख्यरूप से मुख्य मार्गों व हाइवे पर सड़क यातायात नियमों के इंतजाम ना होना है। कोहरे में गाड़ी दौड़ाने के लिए सड़क के बीचों बीच बनी सफेद पट्टी ही चालकों के लिए सहारा होती है, लेकिन जिले के अधिकतर मार्गों से यह पट्टी ही गायब है। इसके साथ रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड भी गायब हैं। ऐसे में वाहन चालकों को अपनी जान दांव पर लगानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
भिवानी-रोहतक मार्ग नया बस स्टैंड से दादरी गेट से चौधरी देवीलाल चौक तक का मार्ग नेशनल हाइवे 709 हैं। इस मार्ग पर हाईवे के एक भी नियम पूरे नहीं हैं। भिवानी से कोटपुतली तक जाने वाले हाईवे पर इन दिनों सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं। पुलिस विभाग इन दिनों वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने, हेलमेट लगाने व कोहरे में लाइट जलाकर वाहन चलाने का पाठ पढ़ा रही है, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद रोड सेफ्टी नियमों की अनदेखी वाहन चालकों व मुसाफिरों पर भारी पड़ रही हैं।
दो साल मेें हुए हादसों की स्थिति
वर्ष ---- हादसे ---- मृत ---- घायल
2016---- 381--- 130----- 251
2017--- 453------- 147-----306
--
ये है नियम.....
- सड़क के बीचों-बीच हो सफेद पट्टी
- सड़क के दोनों तरफ हो पीली पट्टी
- हर मोड़ पर हो रात को नजर आने वाले रिफ्लेक्टर बोर्ड
- ओवर ब्रिज से पहले संकेत बोर्ड लगना
- राज्य मार्ग व हाईवे पर हो स्पीड कंट्रोल बोर्ड
- मुख्य मार्गों पर ना हो स्पीड ब्रेकर
- मेन चौराहों पर हो ट्रैफिक लाइट
- डेथ प्वाइंट पर लगे हो विशेष रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड
--
इन मार्गों पर नहीं सड़क सेफ्टी के पर्याप्त प्रबंध
- भिवानी-महम मार्ग
- भिवानी--दादरी मार्ग
- भिवानी-- जींद मार्ग
- भिवानी-- लोहारू
-- भिवानी-- तोशाम
--
पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को लिखा पत्र
जिले में दो हाईवे होने के साथ ही 14 स्टेट मार्ग लगते हैं। जिसकी वजह से वाहनों का काफी आवागमन रहता है। नेशनल हाईवे व स्टेट मार्गों पर सेफ्टी नियमों की तो जहां खामी है वहां पर रिफ्लेक्टर, सफेद पट्टी व संकेत बोर्ड लगाने के लिए इसी सप्ताह पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही नेशनल हाइवे अथॉरिटी को भी इस बारे में पत्र लिखा गया है। भिवानी- कोटपुतली व भिवानी-सिवानी हाईवे मार्ग पर पुलिस द्वारा दो ट्रैफिक पीसीआर लगाई गई हैं। इनमें प्राथमिक उपचार के लिए विशेष दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
- पवन कुमार इंचार्ज, जिला ट्रैफिक पुलिस
सफेद पट्टी और संकेतांक लगाने का काम जारी
विभाग को पुलिस से भी पत्र मिला है। जिन मार्गों पर सफेद पट्टी नहीं या साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। वहां पर कोहरे को देखते हुए पहले से ही यह प्रबंधन करने का काम जारी है। रोड सेफ्टी व बजट के हिसाब से कार्य किया जा रहा हैं।
पीके बागड़ी, कार्यकारी अधीक्षक अभियंता
पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
भिवानी। राहगीरों की सुरक्षा के लिए सबसे अहमियत सफेद पट्टी और संकेतांक जिले के अधिकतर रोड से गायब हैं। धुंध के दिनों में भी नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर सफेद पट्टी और संकेतक नदारद हैं। इतने गंभीर मसले पर त्वरित कार्यवाही करने के बजाय बीएंडआर और ट्रैफिक पुलिस चिट्टीबाजी में उलझे हुए हैं। धुंध बढ़ने के बाद भी विभाग राहगीरों की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं हैं।
जिले में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। बेखौफ होकर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर दौड़ रहे वाहनों से होने वाले सड़क हादसों में बेकसूर लोग जान गंवाने पर मजबूर हैं। जिला मार्गों से लेकर नेशनल मार्गों तक पर सफेद पट्टी गायब हैं। इन मार्गों पर रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड तक नहीं लगे हुए हैं। पुलिस और लोक निर्माण विभाग एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो दो साल के दौरान 834 सड़क दुर्घटनाओं में 277 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 557 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि कोहरे का प्रकोप बढ़ते ही सड़क हादसों का सिलसिला बढ़ जाता है। ऐसा नहीं है कि इसके लिए अकेले कोहरा ही इन हादसों का कारण हो। इसके मुख्यरूप से मुख्य मार्गों व हाइवे पर सड़क यातायात नियमों के इंतजाम ना होना है। कोहरे में गाड़ी दौड़ाने के लिए सड़क के बीचों बीच बनी सफेद पट्टी ही चालकों के लिए सहारा होती है, लेकिन जिले के अधिकतर मार्गों से यह पट्टी ही गायब है। इसके साथ रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड भी गायब हैं। ऐसे में वाहन चालकों को अपनी जान दांव पर लगानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
भिवानी-रोहतक मार्ग नया बस स्टैंड से दादरी गेट से चौधरी देवीलाल चौक तक का मार्ग नेशनल हाइवे 709 हैं। इस मार्ग पर हाईवे के एक भी नियम पूरे नहीं हैं। भिवानी से कोटपुतली तक जाने वाले हाईवे पर इन दिनों सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं। पुलिस विभाग इन दिनों वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने, हेलमेट लगाने व कोहरे में लाइट जलाकर वाहन चलाने का पाठ पढ़ा रही है, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद रोड सेफ्टी नियमों की अनदेखी वाहन चालकों व मुसाफिरों पर भारी पड़ रही हैं।
दो साल मेें हुए हादसों की स्थिति
वर्ष ---- हादसे ---- मृत ---- घायल
2016---- 381--- 130----- 251
2017--- 453------- 147-----306
--
ये है नियम.....
- सड़क के बीचों-बीच हो सफेद पट्टी
- सड़क के दोनों तरफ हो पीली पट्टी
- हर मोड़ पर हो रात को नजर आने वाले रिफ्लेक्टर बोर्ड
- ओवर ब्रिज से पहले संकेत बोर्ड लगना
- राज्य मार्ग व हाईवे पर हो स्पीड कंट्रोल बोर्ड
- मुख्य मार्गों पर ना हो स्पीड ब्रेकर
- मेन चौराहों पर हो ट्रैफिक लाइट
- डेथ प्वाइंट पर लगे हो विशेष रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड
--
इन मार्गों पर नहीं सड़क सेफ्टी के पर्याप्त प्रबंध
- भिवानी-महम मार्ग
- भिवानी--दादरी मार्ग
- भिवानी-- जींद मार्ग
- भिवानी-- लोहारू
-- भिवानी-- तोशाम
--
पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को लिखा पत्र
जिले में दो हाईवे होने के साथ ही 14 स्टेट मार्ग लगते हैं। जिसकी वजह से वाहनों का काफी आवागमन रहता है। नेशनल हाईवे व स्टेट मार्गों पर सेफ्टी नियमों की तो जहां खामी है वहां पर रिफ्लेक्टर, सफेद पट्टी व संकेत बोर्ड लगाने के लिए इसी सप्ताह पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही नेशनल हाइवे अथॉरिटी को भी इस बारे में पत्र लिखा गया है। भिवानी- कोटपुतली व भिवानी-सिवानी हाईवे मार्ग पर पुलिस द्वारा दो ट्रैफिक पीसीआर लगाई गई हैं। इनमें प्राथमिक उपचार के लिए विशेष दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
- पवन कुमार इंचार्ज, जिला ट्रैफिक पुलिस
सफेद पट्टी और संकेतांक लगाने का काम जारी
विभाग को पुलिस से भी पत्र मिला है। जिन मार्गों पर सफेद पट्टी नहीं या साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। वहां पर कोहरे को देखते हुए पहले से ही यह प्रबंधन करने का काम जारी है। रोड सेफ्टी व बजट के हिसाब से कार्य किया जा रहा हैं।
पीके बागड़ी, कार्यकारी अधीक्षक अभियंता
पीडब्ल्यूडी