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Bhiwani News: दसवीं में प्रदेश के 18 स्कूलों का शून्य रहा परीक्षा परिणाम
Tue, 20 May 2025 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 20 May 2025 10:10 PM IST
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डॉ पवन कुमार।
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं में प्रदेश के 18 स्कूल ऐसे हैं, जिनका परीक्षा परिणाम शून्य रहा, यानी एक भी परीक्षार्थी पास नहीं हुआ। इसमें चार सरकारी और 14 निजी स्कूल शामिल हैं।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इन विद्यालयों के अंदर दो या चार एवं अधिक से अधिक 14 विद्यार्थी रहे हैं। ये सभी विद्यालय फेल हो गए हैं, जिस कारण इनके नतीजे शून्य रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 35 फीसदी से कम फीसदी नतीजों वाले प्रदेश के 100 स्कूलों की पहचान की गई है, इनके संबंध में शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजी है। अब इन विद्यालयों के अंदर कम परीक्षा परिणाम रहने के कारणों का शिक्षा निदेशालय विश्लेषण कर रहा है।
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बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि बहुत से स्कूल शत प्रतिशत नतीजे देने वाले रहे हैं। टॉप रहने वाले स्कूलों में पहली तीन श्रेणी में सरकारी स्कूल शामिल हैं। इससे पता चलता है कि शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया शिक्षा निदेशालय कम परीक्षा परिणाम पर विश्लेषण कर रहा है। आने वाले समय में उसी अनुरूप काम किया जाएगा। जबकि बारहवीं कक्षा में 18 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा था।
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बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इन विद्यालयों के अंदर दो या चार एवं अधिक से अधिक 14 विद्यार्थी रहे हैं। ये सभी विद्यालय फेल हो गए हैं, जिस कारण इनके नतीजे शून्य रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि 35 फीसदी से कम फीसदी नतीजों वाले प्रदेश के 100 स्कूलों की पहचान की गई है, इनके संबंध में शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजी है। अब इन विद्यालयों के अंदर कम परीक्षा परिणाम रहने के कारणों का शिक्षा निदेशालय विश्लेषण कर रहा है।
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बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि बहुत से स्कूल शत प्रतिशत नतीजे देने वाले रहे हैं। टॉप रहने वाले स्कूलों में पहली तीन श्रेणी में सरकारी स्कूल शामिल हैं। इससे पता चलता है कि शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया शिक्षा निदेशालय कम परीक्षा परिणाम पर विश्लेषण कर रहा है। आने वाले समय में उसी अनुरूप काम किया जाएगा। जबकि बारहवीं कक्षा में 18 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा था।