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प्रधानमंत्री ने मरीजों से बात कर जानी स्वास्थ्य योजनाओं की सच्चाई
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 40 मिनट तक वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से मरीजों से सीधी बातचीत कर घुटने प्रत्यारोपण, स्टंट, जन औषधि के बारे में मरीजों से बातचीत की। मरीज को कम दाम में उनके घुटने के प्रत्यारोपण, स्टंट डलने और जन औषधि केंद्रों पर कम दाम में दवाइयां मिलने से काफी खुश नजर आए और अपनी खुशी प्रधानमंत्री से साझा की। लेकिन वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान भिवानी के मरीज नंबर नहीं आने के कारण प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत नहीं कर पाए। इस कारण उनके मन में बातचीत नहीं कर पाने की टीस साफ झलकी।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सुबह साढ़े नौ बजे वीडियो कान्फ्रेंस शुरू हुई। भिवानी से घुटने प्रत्यारोपण कराने वाले तीन मरीजों के साथ सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतवीर धनखड़ मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से देशभर के अलग-अलग शहरों में मरीजों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हैदराबाद के रामगढ़ वासी मरीज माला से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हृदय रोगी लखनऊ वासी विधान सिंह को स्टंट डाला गया है। इस पर प्राइवेट अस्पतालों में साढ़े तीन लाख रुपये खर्च आता है और सरकार में उसका डेढ़ लाख रुपये में ही स्टंट डल गया। राजस्थान के अलवर वासी लोमी ने बताया कि उसके घुटने बिल्कुल खत्म हो गए थे और वह हाथों के सहारे चलता था। मगर सरकार की स्कीम की बदौलत आज वह फिर से अपने घुटनों पर चल रहा है।
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प्राइवेट में था सात लाख खर्च, सरकारी अस्पताल में 73 हजार में बदले गए घुटने
उसके दोनों घुटनों में समस्या थी और वह चल भी नहीं पा रही थी। प्राइवेट अस्पताल में घुटने प्रत्यारोपण के सात लाख रुपये मांगे। सरकारी अस्पताल में 20 फरवरी और 24 फरवरी को उसके दो ऑपरेशन हुए। अब महज 73 हजार में उसके दोनों घुटनों का ऑपरेशन हो गया और आज वह अपने घुटनों पर चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत कर उनका आभार करना चाहती थी मगर बात ही नहीं हो पाई।
-बेबी रानी, मरीज, नारनौंद
दो साल पहले डेढ़ लाख में हुआ घुटने का ऑपरेशन, अब 80 हजार में हुआ
दो साल पहले एक घुटने का ऑपरेशन करवाया था। उस समय डेढ़ लाख रुपये खर्च आया। अब तीन महीने पहले सरकारी में दूसरे घुटने का ऑपरेशन करवाया तो 80 हजार रुपये में हो गया। यह सरकार की योजना का ही फायदा मिला। प्रधानमंत्री से बातचीत करना चाहते थे मगर नहीं हो पाई।
सुरजमुखी, मरीज, उत्तमर नगर, लोहारू रोड
जो रुपये बचे उसे बेटियों की शिक्षा पर करें खर्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान मरीजों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकारी स्कीम के तहत इलाज में जो रुपये उनके बचे हैं, उनका उपयोग बेटियों की शिक्षा और बेटियों की शादी में करें। प्रधानमंत्री ने मरीजों से बातचीत में अन्य लोगों को भी इन योजनाओं के बारे में बताने के लिए कहा ताकि और भी लोग इसका फायदा उठा सके।
सिर्फ भिवानी में हो रहे घुटने प्रत्यारोपण
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान घुटने प्रत्यारोपण के केसों पर चर्चा हुई तो प्रदेशभर में सिर्फ भिवानी में ही घुटने प्रत्यारोपण हो रहे हैं। स्कीम शुरू होने यानि अगस्त 2017 से अब तक 24 घुटने प्रत्यारोपण के ऑपरेशन भिवानी के सामान्य अस्पताल में हुए हैं और सभी सफल रहे। वीरवार को 25वां ऑपरेशन किया गया। इसके लिए सिविल सर्जन डॉ. आदित्य गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतवीर धनखड़ को बधाई दी गई। डॉ. धनखड़ ने बताया कि स्कीम शुरू होने के बाद घुटने प्रत्यारोपण के केसों की संख्या भी बढ़ गई है। लोगों को कम कीमत में बेहतर सुविधा मिल रही है।
प्रधानमंत्री से संवाद अच्छा रहा। भिवानी के मरीज बातचीत नहीं कर पाए। घुटने प्रत्यारोपण, जन औषधि केंद्र, स्टंट योजना के बारे में बातचीत की गई। योजना का लोगों को काफी फायदा मिला है। हमारे यहां जल्द ही डायलिसिस सेंटर शुरू किया जाएगा।
-डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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भिवानी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 40 मिनट तक वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से मरीजों से सीधी बातचीत कर घुटने प्रत्यारोपण, स्टंट, जन औषधि के बारे में मरीजों से बातचीत की। मरीज को कम दाम में उनके घुटने के प्रत्यारोपण, स्टंट डलने और जन औषधि केंद्रों पर कम दाम में दवाइयां मिलने से काफी खुश नजर आए और अपनी खुशी प्रधानमंत्री से साझा की। लेकिन वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान भिवानी के मरीज नंबर नहीं आने के कारण प्रधानमंत्री से सीधी बातचीत नहीं कर पाए। इस कारण उनके मन में बातचीत नहीं कर पाने की टीस साफ झलकी।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सुबह साढ़े नौ बजे वीडियो कान्फ्रेंस शुरू हुई। भिवानी से घुटने प्रत्यारोपण कराने वाले तीन मरीजों के साथ सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतवीर धनखड़ मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से देशभर के अलग-अलग शहरों में मरीजों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हैदराबाद के रामगढ़ वासी मरीज माला से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हृदय रोगी लखनऊ वासी विधान सिंह को स्टंट डाला गया है। इस पर प्राइवेट अस्पतालों में साढ़े तीन लाख रुपये खर्च आता है और सरकार में उसका डेढ़ लाख रुपये में ही स्टंट डल गया। राजस्थान के अलवर वासी लोमी ने बताया कि उसके घुटने बिल्कुल खत्म हो गए थे और वह हाथों के सहारे चलता था। मगर सरकार की स्कीम की बदौलत आज वह फिर से अपने घुटनों पर चल रहा है।
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प्राइवेट में था सात लाख खर्च, सरकारी अस्पताल में 73 हजार में बदले गए घुटने
उसके दोनों घुटनों में समस्या थी और वह चल भी नहीं पा रही थी। प्राइवेट अस्पताल में घुटने प्रत्यारोपण के सात लाख रुपये मांगे। सरकारी अस्पताल में 20 फरवरी और 24 फरवरी को उसके दो ऑपरेशन हुए। अब महज 73 हजार में उसके दोनों घुटनों का ऑपरेशन हो गया और आज वह अपने घुटनों पर चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत कर उनका आभार करना चाहती थी मगर बात ही नहीं हो पाई।
-बेबी रानी, मरीज, नारनौंद
दो साल पहले डेढ़ लाख में हुआ घुटने का ऑपरेशन, अब 80 हजार में हुआ
दो साल पहले एक घुटने का ऑपरेशन करवाया था। उस समय डेढ़ लाख रुपये खर्च आया। अब तीन महीने पहले सरकारी में दूसरे घुटने का ऑपरेशन करवाया तो 80 हजार रुपये में हो गया। यह सरकार की योजना का ही फायदा मिला। प्रधानमंत्री से बातचीत करना चाहते थे मगर नहीं हो पाई।
सुरजमुखी, मरीज, उत्तमर नगर, लोहारू रोड
जो रुपये बचे उसे बेटियों की शिक्षा पर करें खर्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कान्फ्रेंस के दौरान मरीजों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकारी स्कीम के तहत इलाज में जो रुपये उनके बचे हैं, उनका उपयोग बेटियों की शिक्षा और बेटियों की शादी में करें। प्रधानमंत्री ने मरीजों से बातचीत में अन्य लोगों को भी इन योजनाओं के बारे में बताने के लिए कहा ताकि और भी लोग इसका फायदा उठा सके।
सिर्फ भिवानी में हो रहे घुटने प्रत्यारोपण
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान घुटने प्रत्यारोपण के केसों पर चर्चा हुई तो प्रदेशभर में सिर्फ भिवानी में ही घुटने प्रत्यारोपण हो रहे हैं। स्कीम शुरू होने यानि अगस्त 2017 से अब तक 24 घुटने प्रत्यारोपण के ऑपरेशन भिवानी के सामान्य अस्पताल में हुए हैं और सभी सफल रहे। वीरवार को 25वां ऑपरेशन किया गया। इसके लिए सिविल सर्जन डॉ. आदित्य गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतवीर धनखड़ को बधाई दी गई। डॉ. धनखड़ ने बताया कि स्कीम शुरू होने के बाद घुटने प्रत्यारोपण के केसों की संख्या भी बढ़ गई है। लोगों को कम कीमत में बेहतर सुविधा मिल रही है।
प्रधानमंत्री से संवाद अच्छा रहा। भिवानी के मरीज बातचीत नहीं कर पाए। घुटने प्रत्यारोपण, जन औषधि केंद्र, स्टंट योजना के बारे में बातचीत की गई। योजना का लोगों को काफी फायदा मिला है। हमारे यहां जल्द ही डायलिसिस सेंटर शुरू किया जाएगा।
-डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन