{"_id":"5f42de788ebc3e3cb409fe92","slug":"three-youth-canel-civic-ambala-news-knl4173923","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओमरी नदी में गए तीन दोस्त, एक डूबा तो दो डर के भागे, एक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओमरी नदी में गए तीन दोस्त, एक डूबा तो दो डर के भागे, एक की मौत
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खारूखेड़ा गांव के तीन युवक बरसाती ओमरी नदी में नहाने गए। इनमें से 20 वर्षीय शुभम ने सबसे पहले छलांग लगाई लेकिन वह ऊपर नहीं आया। यह देख उसके साथ गए 22 वर्षीय जोनी और 22 साल का राहुल मौके से भाग गए। इसके बाद लोगों जब तीनों युवकों को वहां नहीं पाया तो उन्हें लगा कि तीनों युवक एक साथ डूब गए। उन्होंने गांव में पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। गांव के तैराकों ने नदी में छलांग लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। करीब साढ़े 8 बजे रात के समय पुलिस ने गोताखोर के साथ नाव की व्यवस्था करवाई और लाइट के बीच सर्च अभियान चलाया गया। इसमें रात करीब सवा नौ बजे शुभम का शव गोताखोरों ने ढूंढ लिया। उधर इसी दौरान राहुल और जोनी भी गांव में ही मिल गए। बताया जा रहा है कि वह शुभम को डूबते हुए देखने के बाद डर के मारे कहीं छिप गए थे। शुभम अपने पिता अमरजीत सिंह का इकलौता बेटा था। उसके पिता विदेश में गए हुए हैं। अब घर में उसकी बहन और मां ही हैं। शुभम की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया।
शाम 5 बजे घर से निकले थे नहाने के लिए
तीनों दोस्त एक साथ नहाने के लिए निकले थे। राहुल, जोनी और शुभम तीनों बेरोजगार थे। जब वह शाम 5 बजे नहाने के लिए पहुंचे थे। रात करीब 8 बजे तक ग्रामीण अपने स्तर पर तीनों को तलाशते रहे। इसी दौरान राहुल मिल गया तो लोगों को लगा कि जोनी और शुभम दोनों एक साथ डूबे हैं। अलबत्ता रात तक दोनों की तलाश चलती रही। सवा 9 बजे शुभम का शव मिलने के बाद भी कुछ देर जोनी की तलाश की गई लेकिन बाद में गांव में ही मिल गया। वह सहमा हुआ था। इसीलिए उसे छावनी नागरिक अस्पताल में रात करीब साढ़े 9 बजे भेजा गया।
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जानकारी मिली थी कि गांव की बरसाती नदी में शुभम व जोनी नहाने गए थे। घटना शाम करीब 5 बजे की है। शुभम का शव बरामद कर लिया गया है।
सतबीर सिंह, थाना प्रभारी साहा।
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सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। गांव के तैराकों ने नदी में छलांग लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। करीब साढ़े 8 बजे रात के समय पुलिस ने गोताखोर के साथ नाव की व्यवस्था करवाई और लाइट के बीच सर्च अभियान चलाया गया। इसमें रात करीब सवा नौ बजे शुभम का शव गोताखोरों ने ढूंढ लिया। उधर इसी दौरान राहुल और जोनी भी गांव में ही मिल गए। बताया जा रहा है कि वह शुभम को डूबते हुए देखने के बाद डर के मारे कहीं छिप गए थे। शुभम अपने पिता अमरजीत सिंह का इकलौता बेटा था। उसके पिता विदेश में गए हुए हैं। अब घर में उसकी बहन और मां ही हैं। शुभम की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया।
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शाम 5 बजे घर से निकले थे नहाने के लिए
तीनों दोस्त एक साथ नहाने के लिए निकले थे। राहुल, जोनी और शुभम तीनों बेरोजगार थे। जब वह शाम 5 बजे नहाने के लिए पहुंचे थे। रात करीब 8 बजे तक ग्रामीण अपने स्तर पर तीनों को तलाशते रहे। इसी दौरान राहुल मिल गया तो लोगों को लगा कि जोनी और शुभम दोनों एक साथ डूबे हैं। अलबत्ता रात तक दोनों की तलाश चलती रही। सवा 9 बजे शुभम का शव मिलने के बाद भी कुछ देर जोनी की तलाश की गई लेकिन बाद में गांव में ही मिल गया। वह सहमा हुआ था। इसीलिए उसे छावनी नागरिक अस्पताल में रात करीब साढ़े 9 बजे भेजा गया।
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जानकारी मिली थी कि गांव की बरसाती नदी में शुभम व जोनी नहाने गए थे। घटना शाम करीब 5 बजे की है। शुभम का शव बरामद कर लिया गया है।
सतबीर सिंह, थाना प्रभारी साहा।