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एसआईआर: शादी के बाद बदल गए सरनेम, एक छोटी सी गलती पर भी मिला नोटिस
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- अवकाश के दिन शनिवार को विशेष शिविर में ठीक कराने पहुंचे नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता
- विस्थापित परिवारों का डाटा नहीं मिलने से अटकी मैपिंग
माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला सिटी। मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत शनिवार को अवकाश के दिन बीएलओ बूथों पर बैठे। उन्होंने नए मतदाता पहचान पत्र के साथ लोगों की आपत्तियाें व दावों को भी लिया। यहां सामने आया कि दस्तावेजों के मिलान और मैपिंग का कार्य मतदाताओं के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो रहा है। नाम और सरनेम में जरा सी चूक के कारण मतदाताओं को नोटिस जारी हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शादी के बाद सरनेम और नाम बदलने वाली युवतियों व महिलाओं के सामने आ रही है।
वहीं, कुछ क्षेत्रों में परिवारों के विस्थापित होने और पुराना डेटा न मिलने के कारण मैपिंग का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रक्रिया को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन द्वारा नाम व विवरण में संशोधन हेतु पासपोर्ट, 10वीं का प्रमाण पत्र, चालक लाइसेंस और बैंक पासबुक जैसे अहम दस्तावेजों को अनिवार्य किया गया है।
निर्वाचन तहसीलदार गुलशन कुमार ने बताया कि एसआईआर में 1.50 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने हैं। इसमें से 12 हजार मतदाताओं को अभी नोटिस देने शेष रह गए हैं। बाकियों को दिए जा चुके हैं। 12 सितंबर तक नोटिस देने का समय है। जिन लोगों को नोटिस मिला है वह दस्तावेज जमा करा कर सही करा लें इसीलिए शनिवार व रविवार को यह विशेष अभियान शिविर लगाया गया था।
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शिक्षकों की मेहनत, पर मिल रही ऐसी अड़चनें
इस तकनीकी और कागजी उलझन को सुलझाने में जुटे शिक्षक सुबह से शाम तक विशेष शिविरों में डटे हुए हैं। शिक्षक मतदाताओं को फोन कर-कर के सूचना दे रहे हैं और ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करवाकर उनकी दिक्कतें दूर कर रहे हैं।
इसके बावजूद मैदानी स्तर पर शिक्षकों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों का दर्द है कि कई लोगों ने उनके फोन नंबरों को अनजाने में स्पैम की श्रेणी में डाल दिया है, जिससे संपर्क नहीं हो पा रहा। यहां तक कि शिक्षकों द्वारा घर-घर जाकर दरवाजे खटखटाने और अपील करने के बाद भी कई लोग अपना डेटा अपडेट कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
मोबाइल पर ऑनलाइन डाटा अपलोड
छावनी के श्री बांके बिहारी मंदिर की लाइब्रेरी में बूथ 93 से लेकर 96 तक काम चल रहा है। यहां शिक्षम चमन लाल सहित कंवलजीत सिंह, अजय व ईश्वर सिंह की ड्यूटी लगी हुई है जोकि एसआईआर फॉर्म की खामियों को दूर करके ऑनलाइन डाटा अपलोड करने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। मौके पर ही संबंधित दस्तावेजों के साथ मतदाताओं को बुलाया जा रहा है और उनके सामने त्रुटि दूर करके उन्हें आश्वस्त भी किया जा रहा है। वहीं अंबाला सिटी में कई बूथों पर ऐसे लोग दिखे जिनके नाम में एक दस्तावेज में कुमार तो यह नाम मतदाता पहचान पत्र में न होने से उन्हें नोटिस मिल गया। अब वह ठीक कराने को नोटिस दे रहे हैं।
रविवार को भी रहेगा विशेष शिविर
मतदाताओं की इन तमाम परेशानियों को दूर करने और एसआईआर के काम में तेजी लाने के लिए रविवार को भी विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात शिक्षक इन शिविरों में मौजूद रहकर मतदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे। प्रशासन और शिक्षकों ने आमजन से अपील की है कि वे शिविरों में पहुंचकर अपने दस्तावेज समय रहते अपडेट कराएं ताकि अंतिम समय में किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
- केन्द्र सरकार / राज्य सरकार / पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश।
- 01.07.1987 से पहले भारत में, सरकार/ स्थानीय प्राधिकरणों / बैंकों / डाकघर / एलआईसी/ पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/ प्रमाण पत्र/ दस्तावेज।
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट।
- मान्यता प्राप्त बोर्डों / विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन / शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- वन अधिकार प्रमाण पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/ एससी / एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र।
- किसी भी विधिक / प्रशासनिक विनियम के तहत सरकारी अधिकारियों द्वारा रखा गया परिवार रजिस्टर।
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
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- विस्थापित परिवारों का डाटा नहीं मिलने से अटकी मैपिंग
माई सिटी रिपोर्टर,
अंबाला सिटी। मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत शनिवार को अवकाश के दिन बीएलओ बूथों पर बैठे। उन्होंने नए मतदाता पहचान पत्र के साथ लोगों की आपत्तियाें व दावों को भी लिया। यहां सामने आया कि दस्तावेजों के मिलान और मैपिंग का कार्य मतदाताओं के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो रहा है। नाम और सरनेम में जरा सी चूक के कारण मतदाताओं को नोटिस जारी हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शादी के बाद सरनेम और नाम बदलने वाली युवतियों व महिलाओं के सामने आ रही है।
वहीं, कुछ क्षेत्रों में परिवारों के विस्थापित होने और पुराना डेटा न मिलने के कारण मैपिंग का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रक्रिया को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन द्वारा नाम व विवरण में संशोधन हेतु पासपोर्ट, 10वीं का प्रमाण पत्र, चालक लाइसेंस और बैंक पासबुक जैसे अहम दस्तावेजों को अनिवार्य किया गया है।
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निर्वाचन तहसीलदार गुलशन कुमार ने बताया कि एसआईआर में 1.50 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने हैं। इसमें से 12 हजार मतदाताओं को अभी नोटिस देने शेष रह गए हैं। बाकियों को दिए जा चुके हैं। 12 सितंबर तक नोटिस देने का समय है। जिन लोगों को नोटिस मिला है वह दस्तावेज जमा करा कर सही करा लें इसीलिए शनिवार व रविवार को यह विशेष अभियान शिविर लगाया गया था।
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शिक्षकों की मेहनत, पर मिल रही ऐसी अड़चनें
इस तकनीकी और कागजी उलझन को सुलझाने में जुटे शिक्षक सुबह से शाम तक विशेष शिविरों में डटे हुए हैं। शिक्षक मतदाताओं को फोन कर-कर के सूचना दे रहे हैं और ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करवाकर उनकी दिक्कतें दूर कर रहे हैं।
इसके बावजूद मैदानी स्तर पर शिक्षकों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों का दर्द है कि कई लोगों ने उनके फोन नंबरों को अनजाने में स्पैम की श्रेणी में डाल दिया है, जिससे संपर्क नहीं हो पा रहा। यहां तक कि शिक्षकों द्वारा घर-घर जाकर दरवाजे खटखटाने और अपील करने के बाद भी कई लोग अपना डेटा अपडेट कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
मोबाइल पर ऑनलाइन डाटा अपलोड
छावनी के श्री बांके बिहारी मंदिर की लाइब्रेरी में बूथ 93 से लेकर 96 तक काम चल रहा है। यहां शिक्षम चमन लाल सहित कंवलजीत सिंह, अजय व ईश्वर सिंह की ड्यूटी लगी हुई है जोकि एसआईआर फॉर्म की खामियों को दूर करके ऑनलाइन डाटा अपलोड करने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। मौके पर ही संबंधित दस्तावेजों के साथ मतदाताओं को बुलाया जा रहा है और उनके सामने त्रुटि दूर करके उन्हें आश्वस्त भी किया जा रहा है। वहीं अंबाला सिटी में कई बूथों पर ऐसे लोग दिखे जिनके नाम में एक दस्तावेज में कुमार तो यह नाम मतदाता पहचान पत्र में न होने से उन्हें नोटिस मिल गया। अब वह ठीक कराने को नोटिस दे रहे हैं।
रविवार को भी रहेगा विशेष शिविर
मतदाताओं की इन तमाम परेशानियों को दूर करने और एसआईआर के काम में तेजी लाने के लिए रविवार को भी विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात शिक्षक इन शिविरों में मौजूद रहकर मतदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे। प्रशासन और शिक्षकों ने आमजन से अपील की है कि वे शिविरों में पहुंचकर अपने दस्तावेज समय रहते अपडेट कराएं ताकि अंतिम समय में किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
- केन्द्र सरकार / राज्य सरकार / पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश।
- 01.07.1987 से पहले भारत में, सरकार/ स्थानीय प्राधिकरणों / बैंकों / डाकघर / एलआईसी/ पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/ प्रमाण पत्र/ दस्तावेज।
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट।
- मान्यता प्राप्त बोर्डों / विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन / शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- वन अधिकार प्रमाण पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/ एससी / एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र।
- किसी भी विधिक / प्रशासनिक विनियम के तहत सरकारी अधिकारियों द्वारा रखा गया परिवार रजिस्टर।
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण पत्र।