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Ambala News: फर्श पर बैठकर कर रहे पढ़ाई, 186 बच्चों पर दो शिक्षक
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घसीटपुर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के आगे जमा पानी। संवाद
- फोटो : Archive
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घसीटपुर और बंधु नगर के प्राइमरी और मिडिल स्कूल खोल रहे दावों की पोल
बिना चारदीवारी के चल रहा प्राइमरी और मिडिल स्कूल, फर्श पर बैठकर पढाई कर रहे विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। घसीटपुर और बंधु नगर स्थित सरकारी स्कूलों की बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है। यहां फर्श पर बैठकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं 186 छात्रों पर दो ही शिक्षक है।
कहीं बिना चहारदीवारी के खुले में स्कूल चल रहे हैं, तो कहीं कमरों की कमी के कारण बच्चे टाट और फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। शिक्षक और इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में नौनिहाल परेशानी में हैं। जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि इन स्कूलों में निर्माण को लेकर मांग मुख्यालय को भेजी गई है। जल्द समस्याएं दूर कराई जाएंगी।
बिना बाउंड्री वॉल चल रहा स्कूल
घसीटपुर का स्कूल बिना चहारदीवारी के चल रहा है। पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण बरसात में मैदान में पानी भर जाता है, जिसे टुल्लू पंप लगाकर बाहर निकाला जाता है। 186 विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार 6 कमरे और 6 शिक्षक होने चाहिए लेकिन यहां महज 2 शिक्षकों के भरोसे 5 कक्षाएं चल रही हैं। एक कमरे में बाल वाटिका, पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। इस कमरे में स्मार्ट बोर्ड लगा है। दूसरे कमरे में चौथी और पांचवीं कक्षा की पढ़ाई होती है, जहां खराब मेज-कुर्सियां भी रखी हुईं मिलीं। बरामदे में भी कक्षाएं चल रही थीं।
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मिडिल स्कूल में 79 विद्यार्थियों पर 5 शिक्षक
छठी कक्षा के बच्चे बरामदे में फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। स्कूल में हेडमास्टर, हिंदी व संस्कृत शिक्षक तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद खाली पड़ा है। हेडमास्टर रूम और स्टाफ रूम तक की सुविधा नहीं है। प्राइमरी में 3 और मिडिल में 2 मिड-डे मील वर्कर कार्यरत हैं।
दीवारों पर सूख रहे कपड़े, सीलन और टूटते फर्श के बीच पढ़ रहे बच्चे
बंधु नगर के प्राइमरी स्कूल की स्थिति यह है कि स्थानीय लोग स्कूल की बाउंड्री पर कपड़े सुखाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल के फर्श जगह-जगह से टूट रहे हैं और नीचे से पानी निकलता है, जिससे कमरों में लगातार सीलन बनी रहती है। स्कूल में कोई स्मार्ट बोर्ड नहीं है। छोटे से मैदान में घास उगी हुई हैं। दीवारें टूट रही हैं और बच्चों के झूले टूटे पड़े हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक के इस स्कूल में 19 बच्चे नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक तैनात है। स्कूल में बने दो कमरों में से एक कमरे में सभी बच्चे एक साथ पढ़ाई करते हैं, जबकि दूसरे कमरे में मिड-डे मील पकाया जाता है।
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बिना चारदीवारी के चल रहा प्राइमरी और मिडिल स्कूल, फर्श पर बैठकर पढाई कर रहे विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। घसीटपुर और बंधु नगर स्थित सरकारी स्कूलों की बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है। यहां फर्श पर बैठकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं 186 छात्रों पर दो ही शिक्षक है।
कहीं बिना चहारदीवारी के खुले में स्कूल चल रहे हैं, तो कहीं कमरों की कमी के कारण बच्चे टाट और फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। शिक्षक और इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में नौनिहाल परेशानी में हैं। जिला शिक्षाधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि इन स्कूलों में निर्माण को लेकर मांग मुख्यालय को भेजी गई है। जल्द समस्याएं दूर कराई जाएंगी।
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बिना बाउंड्री वॉल चल रहा स्कूल
घसीटपुर का स्कूल बिना चहारदीवारी के चल रहा है। पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण बरसात में मैदान में पानी भर जाता है, जिसे टुल्लू पंप लगाकर बाहर निकाला जाता है। 186 विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार 6 कमरे और 6 शिक्षक होने चाहिए लेकिन यहां महज 2 शिक्षकों के भरोसे 5 कक्षाएं चल रही हैं। एक कमरे में बाल वाटिका, पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। इस कमरे में स्मार्ट बोर्ड लगा है। दूसरे कमरे में चौथी और पांचवीं कक्षा की पढ़ाई होती है, जहां खराब मेज-कुर्सियां भी रखी हुईं मिलीं। बरामदे में भी कक्षाएं चल रही थीं।
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मिडिल स्कूल में 79 विद्यार्थियों पर 5 शिक्षक
छठी कक्षा के बच्चे बरामदे में फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। स्कूल में हेडमास्टर, हिंदी व संस्कृत शिक्षक तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद खाली पड़ा है। हेडमास्टर रूम और स्टाफ रूम तक की सुविधा नहीं है। प्राइमरी में 3 और मिडिल में 2 मिड-डे मील वर्कर कार्यरत हैं।
दीवारों पर सूख रहे कपड़े, सीलन और टूटते फर्श के बीच पढ़ रहे बच्चे
बंधु नगर के प्राइमरी स्कूल की स्थिति यह है कि स्थानीय लोग स्कूल की बाउंड्री पर कपड़े सुखाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल के फर्श जगह-जगह से टूट रहे हैं और नीचे से पानी निकलता है, जिससे कमरों में लगातार सीलन बनी रहती है। स्कूल में कोई स्मार्ट बोर्ड नहीं है। छोटे से मैदान में घास उगी हुई हैं। दीवारें टूट रही हैं और बच्चों के झूले टूटे पड़े हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक के इस स्कूल में 19 बच्चे नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक तैनात है। स्कूल में बने दो कमरों में से एक कमरे में सभी बच्चे एक साथ पढ़ाई करते हैं, जबकि दूसरे कमरे में मिड-डे मील पकाया जाता है।

घसीटपुर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के आगे जमा पानी। संवाद- फोटो : Archive

घसीटपुर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के आगे जमा पानी। संवाद- फोटो : Archive

घसीटपुर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के आगे जमा पानी। संवाद- फोटो : Archive

घसीटपुर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के आगे जमा पानी। संवाद- फोटो : Archive