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सड़क पर कांग्रेसी, बैंकों में जनता, आक्रोश दिवस बेअसर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:29 AM IST
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अंबाला कैंट। नोटबंदी के बीसवें दिन कांग्रेस के आक्रोश दिवस पर जहां बेअसर दिखाई दिया, वहीं कांग्रेसी सड़कों पर तो उतरे, लेकिन जनता बैंकों में ही दिखाई दी। बाजारों में कारोबार हुआ, जबकि दुकानें खुली मिलीं। विपक्ष भी तय नहीं कर पाया कि आक्रोश दिवस में शामिल हों या नहीं, जबकि ज्ञापन तक ही सीमित रहे। आक्रोश दिवस को जनता का समर्थन बिलकुल भी नहीं मिला। जनता भी भी इस आक्रोश दिवस को नजरंदाज कर अपनी कामकाज में जुटी रही, जबकि कैश के लिए बैंकों तक पहुंची।
सोमवार को विपक्ष ने नोटबंदी के खिलाफ आक्रोश दिवस का ऐलान किया था। इसी को लेकर अंबाला कैंट में कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं विधायक निर्मल सिंह ने विजय रतन चौक पर अपने साथियों के साथ धरना दिया। हालांकि इस आक्रोश दिवस पर अन्य राजनीतिक दल पूरी तरह से किनारा कर गए, जबकि कांग्रेस ने ही कुछ घंटों के लिए धरना दिया। जनता ने इस आक्रोश दिवस को नजरंदाज कर जता दिया कि वे केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के साथ हैं और कालाधन व भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के साथ हैं। दूसरी ओर नोटबंदी के बीसवें दिन एटीएम के बाहर जहां लाइनें खत्म होती जा रही हैं, वहीं बैंकों में भी लोग कैश के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि इस दौरान पूरा कैश नहीं मिल पा रहा है, लेकिन फिर भी अंबाला में लोग इस मुद्दे पर अभी तक सरकार के साथ ही दिख रहे हैं।
विपक्ष ने किया आक्रोश दिवस से किनारा
कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को नोटबंदी को लेकर अंबाला कैंट में जहां धरना दिया, वहीं विपक्षी दलों ने इससे दूरी बनाए रखी। इनेलो, बसपा जहां अभी तक इस मुद्दे पर जनता का दर्द तो बयां कर रही हैं, लेकिन खुलकर मैदान में नहीं उतरी हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर अभी तक अंबाला में अपनी मौजूदगी नहीं जता पाया है, जबकि कांग्रेस ही इस मामले में दो बाद प्रदर्शन कर चुकी है। यही कारण है कि अंबाला में कांग्रेस ने नोटबंदी को लेकर सड़कों पर धरना प्रदर्शन किया है, जबकि विपक्ष ने फिलहाल ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
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जनता का मूड कालाधन के खिलाफ
आक्रोश दिवस पर जिस तरह से बाजारों में कारोबार होता रहा, वहीं जनता ने दिखा दिया कि वे कालाधन के खिलाफ हैं। कालाधन जमा करने वालों का धन बाहर आना चाहिए और इन पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। कैंट के रहने वाले अजय कुमार, किशन कुमार, प्रेम सिंह, अमित कुमार, राजेश कुमार, जसपाल सिंह, राजीव त्यागी का कहना है कि कालाधन बाहर निकालने के लिए जरूरी है कि इस तरह से कदम उठाये जाएं। केंद्र सरकार ने यह सही फैसला लिया है। इस पर विपक्ष जरूर शोर मचा रहा है, लेकिन जनता सरकार के साथ ही दिख रही है। थोड़ी परेशानियां जरूर हैं, जबकि कुछ परिवारों के लिए यह नोटबंदी ज्यादा परेशानी लेकर आई है। इसी तरह गृहणियों में मालती देवी, सरिता चौहान, रीमा शर्मा, अनीता गुप्ता, रचना खन्ना, सुशीला, रश्मि, पूजा, पिंकी ने कहा कि जब कालाबाजारी होती थी, तो क्यों नहीं आक्रोश दिखाया गया और अब जब नोटबंदी हो गई है, तो आक्रोश क्यों? यह सब राजनीति हो रही है, जबकि देश से यदि भ्रष्टाचार व कालाधन खत्म करने की पहल हुई है, तो इसके लिए कुछ तो एडजस्ट करना होगा तभी देश के हालात सुधरेंगे।
आप ने सौंपा डीसी को ज्ञापन
नोटबंदी के विरोध में आम आदमी पार्टी अंबाला के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अभय सैनी, एमएस ढिल्लो, रणधीर सैनी, राजन शर्मा, कुलदीप त्यागी, एमके चड्ढा, संजीव कुमार, बनिता मेहता, विशाल ने कहा कि जनता इस नोटबंदी के कारण परेशान है, लेकिन सरकार द्वारा राहत देने की बजाय हर रोज नीतियां बदली जा रही हैं जिसके कारण आम नागरिक को कोई राहत नहीं है। इस नोटबंदी के चलते सभी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हैं। एक तरफ बैंकों में कैश की भारी कमी है और दूसरी ओर जहां कैश है वहां बाहर लंबी लंबी लाइनें लगी हैं जिसके चलते आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में जनता को गुमराह कर रही है, जबकि भाजपा पर भी अब उंगलियां उठने लगी हैं।
इनेलो ने सौंपा डीसी को ज्ञापन
नोटबंदी को लेकर ही इनेलो ने सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन इनेलो जिला प्रधान व्यापार सैल ओंकार सिंह के नेतृत्व में दिया गया। उन्होंने कहा कालाधन बाहर लाने की आड़ में जनता के लिए सरकार ने परेशानी खड़ी की है। व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ा है, जबकि जनता के सामने दिक्कतें खड़ी हो चुकी हैं। नोटबंदी के बाद कैशलेस सोसायटी का सपना देखना ठीक है, लेकिन इससे पहले कईं काम करने पड़ेंगे, जिसकी तैयारी सरकार ने बिलकुल नहीं की। यही कारण है कि नोटबंदी के 20 दिन बाद भी जनता लाइनों में लगी है और व्यापारी कारोबार की चिंता में डूबा है।
भाजपा ने निकाली रैली
विपक्ष के आक्रोश दिवस का जहां कोई असर अंबाला में नहीं दिखा, वहीं रूटीन के कामकाज होते रहे। उधर, बराड़ा में भाजपा नेताओं ने रैली निकाली और पीएम मोदी के पक्ष में नारे लगाए। महाराणा प्रताप चौक से शुरु होकर भाजपा कार्यकर्ता पूरे बाजार में घूमे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि कैसे नोटबंदी भविष्य के लिए फायदेमंद है और कैसे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी।
कैश के लिए लगी बैंकों में लाइनें
दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले और जनता ने बैंकों में कैश जमा करवाने और नकद निकासी के लिए लाइनें लगा लीं। हालांकि पहले की अपेक्षा यह लाइनें काफी कम रहीं। एटीएम पर भी लोगों की लाइनें अब काफी कम हो चुकी हैं। सोमवार को बैंकों से कैश तो मिला, लेकिन जो राशि तय की गई है, उससे कम ही कैश मिल सका। बैंकों का कहना है कि अभी पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण दो से चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। जिन बैंकों की चेस्ट लोकल है, उनमें दिक्कतें ज्यादा नहीं हैं, जबकि अन्य बैंकों को अंबाला से बाहर जाकर चेस्ट से कैश लाना पड़ता है, जिसके कारण समय पर नकद निकासी का काम शुरु नहीं हो पाता। बैंकों की मानें, तो आने वाले महीने के पहले सप्ताह में स्थिति में सुधार होगा, जिसके बाद सारी परेशानियां समाप्त होंगी।
नोटबंदी एक साहसिक कदम है, जबकि सोसायटी यदि कैशलैस होती है, तो तो कई मायनों में फायदा होगा। बीते 70 साल से फैले भ्रष्टाचार और काला धन रग-रग में समा गया है। सरकार ने इलाज कर दिया है और जनता इस फैसले के साथ है। विपक्ष इस मामले में जनता को बहका रहा है, जबकि वास्तविकता यही है कि जनता अब भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसना चाहती है और कालाधन रखने वालों की अब खैर नहीं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री हरियाणा
विपक्षी पार्टियों द्वारा नोटबंदी को लेकर आक्रोश दिवस की घोषणा का अंबाला जिला में कहीं भी कोई असर नहीं दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी को लेकर लिया गया फैसला सभी चीजों को ध्यान में रखकर लिया गया है तथा इस फैसले से आतंकवाद, भ्रष्टाचार, कालाबाजारियों पर नकेल लगी है। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिनों बाद लोग नियमित दिनों की तरह लेन-देन कर सकेंगे। आक्रोश दिवस को लोगों ने सिरे से नकारते हुए बाजार व प्रतिष्ठान खोलकर सरकार का समर्थन किया है।
- असीम गोयल, विधायक अंबाला सिटी।
देश की आज जो हालत है वह भाजपा की वजह से है। जब नोटबंदी का ऐलान किया गया था उसी दिन सारा भारत भी बंद हो गया था। भाजपा स्वार्थ की राजनीति का खेल खेल रही है। गरीबों का हक अदा करने की बजाए पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। भाजपा का नेतृत्व देश को गुमराह कर रहा है। प्रधानमंत्री सदन में जवाब देने की बजाए भाग रहे हैं। पीएम ने देश और लोगों की स्वतंत्रता को खतरे में डाल दिया है।
- निर्मल सिंह, कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं विधायक
नोटबंदी से जनता परेशान है, लेकिन व्यापार की तो कमर टूट गई है। जनता में गुस्सा है, जबकि इसी नोटबंदी के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। बिना तैयार और इसके परिणाम देखे बिना इसे लागू किया गया है, जो पूरी तरह से जनविरोधी है।
- ओंकार सिंह, जिला प्रधान इनेलो व्यापार सेल
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सोमवार को विपक्ष ने नोटबंदी के खिलाफ आक्रोश दिवस का ऐलान किया था। इसी को लेकर अंबाला कैंट में कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं विधायक निर्मल सिंह ने विजय रतन चौक पर अपने साथियों के साथ धरना दिया। हालांकि इस आक्रोश दिवस पर अन्य राजनीतिक दल पूरी तरह से किनारा कर गए, जबकि कांग्रेस ने ही कुछ घंटों के लिए धरना दिया। जनता ने इस आक्रोश दिवस को नजरंदाज कर जता दिया कि वे केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के साथ हैं और कालाधन व भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के साथ हैं। दूसरी ओर नोटबंदी के बीसवें दिन एटीएम के बाहर जहां लाइनें खत्म होती जा रही हैं, वहीं बैंकों में भी लोग कैश के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि इस दौरान पूरा कैश नहीं मिल पा रहा है, लेकिन फिर भी अंबाला में लोग इस मुद्दे पर अभी तक सरकार के साथ ही दिख रहे हैं।
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विपक्ष ने किया आक्रोश दिवस से किनारा
कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को नोटबंदी को लेकर अंबाला कैंट में जहां धरना दिया, वहीं विपक्षी दलों ने इससे दूरी बनाए रखी। इनेलो, बसपा जहां अभी तक इस मुद्दे पर जनता का दर्द तो बयां कर रही हैं, लेकिन खुलकर मैदान में नहीं उतरी हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर अभी तक अंबाला में अपनी मौजूदगी नहीं जता पाया है, जबकि कांग्रेस ही इस मामले में दो बाद प्रदर्शन कर चुकी है। यही कारण है कि अंबाला में कांग्रेस ने नोटबंदी को लेकर सड़कों पर धरना प्रदर्शन किया है, जबकि विपक्ष ने फिलहाल ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
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जनता का मूड कालाधन के खिलाफ
आक्रोश दिवस पर जिस तरह से बाजारों में कारोबार होता रहा, वहीं जनता ने दिखा दिया कि वे कालाधन के खिलाफ हैं। कालाधन जमा करने वालों का धन बाहर आना चाहिए और इन पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। कैंट के रहने वाले अजय कुमार, किशन कुमार, प्रेम सिंह, अमित कुमार, राजेश कुमार, जसपाल सिंह, राजीव त्यागी का कहना है कि कालाधन बाहर निकालने के लिए जरूरी है कि इस तरह से कदम उठाये जाएं। केंद्र सरकार ने यह सही फैसला लिया है। इस पर विपक्ष जरूर शोर मचा रहा है, लेकिन जनता सरकार के साथ ही दिख रही है। थोड़ी परेशानियां जरूर हैं, जबकि कुछ परिवारों के लिए यह नोटबंदी ज्यादा परेशानी लेकर आई है। इसी तरह गृहणियों में मालती देवी, सरिता चौहान, रीमा शर्मा, अनीता गुप्ता, रचना खन्ना, सुशीला, रश्मि, पूजा, पिंकी ने कहा कि जब कालाबाजारी होती थी, तो क्यों नहीं आक्रोश दिखाया गया और अब जब नोटबंदी हो गई है, तो आक्रोश क्यों? यह सब राजनीति हो रही है, जबकि देश से यदि भ्रष्टाचार व कालाधन खत्म करने की पहल हुई है, तो इसके लिए कुछ तो एडजस्ट करना होगा तभी देश के हालात सुधरेंगे।
आप ने सौंपा डीसी को ज्ञापन
नोटबंदी के विरोध में आम आदमी पार्टी अंबाला के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अभय सैनी, एमएस ढिल्लो, रणधीर सैनी, राजन शर्मा, कुलदीप त्यागी, एमके चड्ढा, संजीव कुमार, बनिता मेहता, विशाल ने कहा कि जनता इस नोटबंदी के कारण परेशान है, लेकिन सरकार द्वारा राहत देने की बजाय हर रोज नीतियां बदली जा रही हैं जिसके कारण आम नागरिक को कोई राहत नहीं है। इस नोटबंदी के चलते सभी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हैं। एक तरफ बैंकों में कैश की भारी कमी है और दूसरी ओर जहां कैश है वहां बाहर लंबी लंबी लाइनें लगी हैं जिसके चलते आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में जनता को गुमराह कर रही है, जबकि भाजपा पर भी अब उंगलियां उठने लगी हैं।
इनेलो ने सौंपा डीसी को ज्ञापन
नोटबंदी को लेकर ही इनेलो ने सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन इनेलो जिला प्रधान व्यापार सैल ओंकार सिंह के नेतृत्व में दिया गया। उन्होंने कहा कालाधन बाहर लाने की आड़ में जनता के लिए सरकार ने परेशानी खड़ी की है। व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ा है, जबकि जनता के सामने दिक्कतें खड़ी हो चुकी हैं। नोटबंदी के बाद कैशलेस सोसायटी का सपना देखना ठीक है, लेकिन इससे पहले कईं काम करने पड़ेंगे, जिसकी तैयारी सरकार ने बिलकुल नहीं की। यही कारण है कि नोटबंदी के 20 दिन बाद भी जनता लाइनों में लगी है और व्यापारी कारोबार की चिंता में डूबा है।
भाजपा ने निकाली रैली
विपक्ष के आक्रोश दिवस का जहां कोई असर अंबाला में नहीं दिखा, वहीं रूटीन के कामकाज होते रहे। उधर, बराड़ा में भाजपा नेताओं ने रैली निकाली और पीएम मोदी के पक्ष में नारे लगाए। महाराणा प्रताप चौक से शुरु होकर भाजपा कार्यकर्ता पूरे बाजार में घूमे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि कैसे नोटबंदी भविष्य के लिए फायदेमंद है और कैसे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी।
कैश के लिए लगी बैंकों में लाइनें
दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले और जनता ने बैंकों में कैश जमा करवाने और नकद निकासी के लिए लाइनें लगा लीं। हालांकि पहले की अपेक्षा यह लाइनें काफी कम रहीं। एटीएम पर भी लोगों की लाइनें अब काफी कम हो चुकी हैं। सोमवार को बैंकों से कैश तो मिला, लेकिन जो राशि तय की गई है, उससे कम ही कैश मिल सका। बैंकों का कहना है कि अभी पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण दो से चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। जिन बैंकों की चेस्ट लोकल है, उनमें दिक्कतें ज्यादा नहीं हैं, जबकि अन्य बैंकों को अंबाला से बाहर जाकर चेस्ट से कैश लाना पड़ता है, जिसके कारण समय पर नकद निकासी का काम शुरु नहीं हो पाता। बैंकों की मानें, तो आने वाले महीने के पहले सप्ताह में स्थिति में सुधार होगा, जिसके बाद सारी परेशानियां समाप्त होंगी।
नोटबंदी एक साहसिक कदम है, जबकि सोसायटी यदि कैशलैस होती है, तो तो कई मायनों में फायदा होगा। बीते 70 साल से फैले भ्रष्टाचार और काला धन रग-रग में समा गया है। सरकार ने इलाज कर दिया है और जनता इस फैसले के साथ है। विपक्ष इस मामले में जनता को बहका रहा है, जबकि वास्तविकता यही है कि जनता अब भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसना चाहती है और कालाधन रखने वालों की अब खैर नहीं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री हरियाणा
विपक्षी पार्टियों द्वारा नोटबंदी को लेकर आक्रोश दिवस की घोषणा का अंबाला जिला में कहीं भी कोई असर नहीं दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी को लेकर लिया गया फैसला सभी चीजों को ध्यान में रखकर लिया गया है तथा इस फैसले से आतंकवाद, भ्रष्टाचार, कालाबाजारियों पर नकेल लगी है। उन्होंने कहा कि आगामी कुछ दिनों बाद लोग नियमित दिनों की तरह लेन-देन कर सकेंगे। आक्रोश दिवस को लोगों ने सिरे से नकारते हुए बाजार व प्रतिष्ठान खोलकर सरकार का समर्थन किया है।
- असीम गोयल, विधायक अंबाला सिटी।
देश की आज जो हालत है वह भाजपा की वजह से है। जब नोटबंदी का ऐलान किया गया था उसी दिन सारा भारत भी बंद हो गया था। भाजपा स्वार्थ की राजनीति का खेल खेल रही है। गरीबों का हक अदा करने की बजाए पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। भाजपा का नेतृत्व देश को गुमराह कर रहा है। प्रधानमंत्री सदन में जवाब देने की बजाए भाग रहे हैं। पीएम ने देश और लोगों की स्वतंत्रता को खतरे में डाल दिया है।
- निर्मल सिंह, कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं विधायक
नोटबंदी से जनता परेशान है, लेकिन व्यापार की तो कमर टूट गई है। जनता में गुस्सा है, जबकि इसी नोटबंदी के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। बिना तैयार और इसके परिणाम देखे बिना इसे लागू किया गया है, जो पूरी तरह से जनविरोधी है।
- ओंकार सिंह, जिला प्रधान इनेलो व्यापार सेल