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13 की बजाए मिला 40 केवी लोड, नगर परिषद पर 6.64 लाख जुर्माना
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बिजली अधिकारियों ने 13 की बजाए मिला 40 केवी लोड मिलने पर कार्रवाई करते हुए नगर परिषद पर 6 लाख 64 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अमर उजाला की पड़ताल के बाद बिजली निगम हरकत में आया। बात यही खत्म नहीं हुई बिजली निगम ने नगर परिषद को नोटिस भेजकर कामर्शियल मीटर लगाने के आदेश भी जारी कर दिए।
क्यों लगाया गया जुर्माना:
दरअसल शनिवार के संस्करण में अमर उजाला ने पड़ताल कर बताया था कि किस तरह नगर परिषद में दो साल से जला हुआ मीटर लगा हुआ है। यहां तक की इस मीटर का कनेक्शन भी काटा गया है। नगर परिषद चोरी कर बिजली चला रहा है। साथ ही टीम अमर उजाला ने यह भी बताया था कि नगर परिषद में 10 एसी, 10 कूलर, 25 कंप्यूटर, 40 से अधिक पंखे और इससे ज्यादा लाइटें लगी हुई हैं लेकिन लोड 13.4 किलोवाट ही स्वीकृत है। अमर उजाला की टीम के बाद बिजली निगम एक्शन मोड़ में आया। शनिवार को ही नगर परिषद का लोड चेक किया गया तो कुल लोड 40 किलोवाट आया। इसी लोड के चलते 6.64 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।
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अभी चेक नहीं करवाया गया लैब में जला हुआ मीटर:-
बेशक नगर परिषद पर जुर्माना ठोंक दिया गया है लेकिन अभी लैब में जला हुआ मीटर जांच नहीं हो सका। यदि निष्पक्षता से इस मीटर की जांच हुई तो यह मीटर दो साल पहले यानि वर्ष 2018 से बंद मिलेगा। ऐसे में नगर परिषद पर कम से कम 8 लाख रूपये का जुर्माना भी बनेगा। क्योंकि दो साल से मीटर बंद पर करीब 4 लाख रूपये जुर्माना बनता है जबकि इतना ही जुर्माना बिजली चोरी का भी बनता है। लेकिन यह तभी होगा जब इस पूरे मामले में बिजली निगम मीटर को लैब में निष्पक्षता से जांच करवाए।
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मीटर जांच सही हुई तो रीडिंग लेने वाले भी नपेंगे
यदि मीटर की जांच निष्पक्ष रूप से हुई तो मीटर की रीडिंग लेने वालों पर भी कार्रवाई होनी तय है। बंद मीटर की 2 साल से कैसे रीडिंग ली जा रही थी और उसी के आधार पर बिल भी तैयार हो रहे थे। इस रीडिंग के हिसाब से जुलाई तक नगर परिषद का मीटर ओके दिखाया गया यानि जला हुआ मीटर कागजों में ठीक चल रहा था।
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खबर लगने के लिए 24 घंटे के भीतर लगा मीटर
बेशक नगर परिषद दो साल से चोरी की बिजली से रोशन हो रहा था लेकिन अमर उजाला की खबर लगने के 24 घंटे के भीतर नया मीटर लग गया। हालांकि अभी इस मीटर की जगह दूसरा मीटर लगाया जाना है। इसके लिए निगम ने नोटिस भी जारी कर दिया है।
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13.4 लोड नगर परिषद ने स्वीकृत करवाया है लेकिन जांच के दौरान लोड 40 किलोवाट मिला है। इसीलिए 6.64 लाख रुपये के जुर्माना को नोटिस परिषद को भेज दिया गया है। खराब मीटर की लैब में निश्चित तौर पर जांच करवाई जाएगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
प्रियंक जांगड़ा, एसडीओ बिजली निगम।
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क्यों लगाया गया जुर्माना:
दरअसल शनिवार के संस्करण में अमर उजाला ने पड़ताल कर बताया था कि किस तरह नगर परिषद में दो साल से जला हुआ मीटर लगा हुआ है। यहां तक की इस मीटर का कनेक्शन भी काटा गया है। नगर परिषद चोरी कर बिजली चला रहा है। साथ ही टीम अमर उजाला ने यह भी बताया था कि नगर परिषद में 10 एसी, 10 कूलर, 25 कंप्यूटर, 40 से अधिक पंखे और इससे ज्यादा लाइटें लगी हुई हैं लेकिन लोड 13.4 किलोवाट ही स्वीकृत है। अमर उजाला की टीम के बाद बिजली निगम एक्शन मोड़ में आया। शनिवार को ही नगर परिषद का लोड चेक किया गया तो कुल लोड 40 किलोवाट आया। इसी लोड के चलते 6.64 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।
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अभी चेक नहीं करवाया गया लैब में जला हुआ मीटर:-
बेशक नगर परिषद पर जुर्माना ठोंक दिया गया है लेकिन अभी लैब में जला हुआ मीटर जांच नहीं हो सका। यदि निष्पक्षता से इस मीटर की जांच हुई तो यह मीटर दो साल पहले यानि वर्ष 2018 से बंद मिलेगा। ऐसे में नगर परिषद पर कम से कम 8 लाख रूपये का जुर्माना भी बनेगा। क्योंकि दो साल से मीटर बंद पर करीब 4 लाख रूपये जुर्माना बनता है जबकि इतना ही जुर्माना बिजली चोरी का भी बनता है। लेकिन यह तभी होगा जब इस पूरे मामले में बिजली निगम मीटर को लैब में निष्पक्षता से जांच करवाए।
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मीटर जांच सही हुई तो रीडिंग लेने वाले भी नपेंगे
यदि मीटर की जांच निष्पक्ष रूप से हुई तो मीटर की रीडिंग लेने वालों पर भी कार्रवाई होनी तय है। बंद मीटर की 2 साल से कैसे रीडिंग ली जा रही थी और उसी के आधार पर बिल भी तैयार हो रहे थे। इस रीडिंग के हिसाब से जुलाई तक नगर परिषद का मीटर ओके दिखाया गया यानि जला हुआ मीटर कागजों में ठीक चल रहा था।
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खबर लगने के लिए 24 घंटे के भीतर लगा मीटर
बेशक नगर परिषद दो साल से चोरी की बिजली से रोशन हो रहा था लेकिन अमर उजाला की खबर लगने के 24 घंटे के भीतर नया मीटर लग गया। हालांकि अभी इस मीटर की जगह दूसरा मीटर लगाया जाना है। इसके लिए निगम ने नोटिस भी जारी कर दिया है।
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13.4 लोड नगर परिषद ने स्वीकृत करवाया है लेकिन जांच के दौरान लोड 40 किलोवाट मिला है। इसीलिए 6.64 लाख रुपये के जुर्माना को नोटिस परिषद को भेज दिया गया है। खराब मीटर की लैब में निश्चित तौर पर जांच करवाई जाएगी। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
प्रियंक जांगड़ा, एसडीओ बिजली निगम।