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Paper Solver Gang: KVS PGT की परीक्षा पास कराने के लिए 20-20 लाख में हुआ था सौदा, दो-तीन लाख ली गई थी टोकन मनी
Mon, 20 Feb 2023 08:59 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 20 Feb 2023 08:59 PM IST
सार
अंबाला में 10 युवाओं की गिरफ्तारी के बाद एसपी ने पत्रकारवार्ता में खुलासा किया है। आरोपियों से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस कार्य में प्रयोग होने वाले लैपटॉप समेत कंप्यूटरों को जब्त कर लिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
हरियाण युवाओं को केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) पीजीटी की परीक्षा पास करवाने के लिए 20-20 लाख रुपये में सौदा किया गया था। इसके तहत सॉल्वर गैंग के सदस्यों ने परीक्षार्थियों से दो से तीन लाख रुपये तक टोकन मनी ली थी। बाकी की रकम परीक्षा पास होने के बाद देना तय किया गया था, लेकिन इससे पहले ही 10 युवाओं को गिरफ्तार कर हरियाणा के अंबाला में पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद पांच दिन की रिमांड पर लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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पेपर सॉल्वर गिरोह के संबंध में सोमवार को पत्रकारवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि शुरुआत में 20 परीक्षार्थियों से टोकन मनी के रूप में दो से तीन लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। वहीं कुछ परीक्षार्थियों को आरोपी पहले ही पेपर करा चुके थे, मगर बीते शनिवार के दिन गिरोह का खुलासा होने के बाद आरोपियों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
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पुलिस के अनुसार, इस कार्य में प्रयोग होने वाले लैपटॉप समेत कंप्यूटरों को जब्त कर लिया है। साथ ही लिंक भेजने वाले आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि जो भी आरोपी पकड़े गए हैं, उन पर मारपीट व अन्य कई मामले पहले से विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
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परीक्षार्थियों को फंसाकर ऐसे कराते थे पेपर साॅल्व गिरोह की ओर से उन युवाओं से संपर्क किया जाता था जो इस परीक्षा को देने के इच्छुक होते थे और रुपये देने में सक्षम होते थे। परीक्षा का फार्म भरते समय ही इस तरह से फार्म को भरवाया जाता था कि परीक्षार्थियों को केंद्र अंबाला ही मिले। वहीं सीटिंग प्लान के हिसाब से परीक्षा केंद्र में पहले से ही उन कंप्यूटरों में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जाता था। यहां तक कि कंपनी का लोगो वाला सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया। इससे कि किसी भी तरह का कोई शक पैदा न हो। इस दौरान कोई अन्य व्यक्ति पेपर कर रहे होते थे।
मास्टर माइंड ने 45 लाख रुपये में तैयार किया था सेटअप
शुरुआती जांच में इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड कुलदीप को ही माना जा रहा है, जिसने इस कंप्यूटरीकृत परीक्षा केंद्र को संचालन के लिए लिया था। उसने कुछ समय पहले ही 45 लाख रुपये खर्च कर इसका सेटअप तैयार किया था। इस सेंटर पर करीब 300 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था थी। इसके अलावा अन्य नितेश और हरदीप सिंह भी इस पूरे कार्य में भागीदार थे।
पुलिस ने इन आरोपियों को किया है गिरफ्तार
सीआईए वन और महिला पुलिस की टीम ने आरोपी झज्जर निवासी नितेश कुमार, कुलदीप, मनजीत सिंह, विनोद सिंह, भिवानी निवासी हरीश, उद्यमपुर निवासी सुरेन्द्र, कंबास खेड़ा निवासी धीरज, पानीपत निवासी अनिल, करनाल निवासी विकास, राजस्थान के गोहाना निवासी राम अवतार को गिरफ्तार किया है।
यह सामान हुआ है बरामद
इसके अलावा पुलिस ने 20 सीपीयू, 12 लैपटॉप व 13 मोबाइल भी जब्त किए हैं। इस संबंध में थाना सेक्टर 9 में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इस संबंध में पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई है।