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पंजोखरा थाना प्रभारी सस्पेंड व दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
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अंबाला सिटी। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के समक्ष विधायक असीम गोयल और एसपी मोहित हांडा के मध्य उपजे विवाद की गाज पंजोखरा थाना प्रभारी एवं दो मुलाजिमों पर गिर गई है। मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब पुलिस ने थाना प्रभारी गुरमेल सिंह को निलंबित कर दिया और एसआई रमेश व ईएचसी शमशेर अली को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा दो होमगार्ड जवानों मनीष व सुखबीर पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटक गई है।
पंजोखरा थाना पुलिस की ओर से मारपीट के आरोप के बाद गठित की गई कमेटी ने बुधवार को जांच रिपोर्ट एसपी मोहित हांडा को सौंप दी। इसमें जांच अधिकारी (डीएसपी) मनीष सहगल ने तमाम पहलुओं को जांचने के बाद पुलिस कर्मियों पर लगे आरोपों पर क्लीन चिट दी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी मोहित हांडा ने मामले में लापरवाही बरतने पर पंजोखरा थाना प्रभारी, दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर विभागीय कार्रवाई खोल दी। इसके साथ ही इस प्रकरण में दो होमगार्डों को बर्खास्त करने के लिए संबंधित विभाग को लिख दिया है। मामले में एसपी का कहना है कि पंजोखरा थाना प्रभारी ने घटना के वक्त उचित कार्रवाई नहीं की, जिस कारण उनकी लापरवाही को देखते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है।
यह था मामला
सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के सामने रायपुररानी के गांव हरिपुर निवासी अमित ने पंजोखरा थाना पुलिस पर चालान काटने के बाद उसके साथ मारपीट के आरोप लगाए थे। अमित ने मंत्री के सामने ही चोटों के निशान भी दिखाए। इस पर मंत्री पंवार ने तीन मुलाजिमों को सस्पेंड करने की बात कही, तो एसपी ने चल रही जांच से अवगत कराया। मंत्री भी एसपी की बात से संतुष्ट दिखे, लेकिन भाजपा विधायक असीम गोयल, जिलाध्यक्ष जगमोहन कुमार, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. संजय शर्मा भड़क गए और पुलिस व एसपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच मंत्री ने तीनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया, जबकि एसपी ने डीएसपी रामकुमार से जांच लेकर डीएसपी मनीष सहगल को दे दी थी।
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समय पर कार्रवाई करते तो नहीं बढ़ता विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक में पुलिस की ओर से मारपीट तो नहीं की गई, लेकिन पुलिस की लापरवाही सामने आई है। डीएसपी ने रिपोर्ट में बताया कि अगर एसएचओ, पुलिसकर्मी और होमगार्ड मामले में त्वरित कार्रवाई करते तो शायद मामला इतना न बढ़ता। वहीं एसपी ने रिपोर्ट के बाद डीएसपी से बातचीत की। इसके बाद कार्रवाई की गई।
इस वजह से किया सस्पेंड
एसपी मोहित हांडा ने बताया कि 22 जून को जीरो टॉलरेंस डे के तहत यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान करते समय थाना पंजोखरा क्षेत्र में अमित नामक युवक के पास दस्तावेज न होने व अभद्र व्यवहार करने के कारण चालान किया गया था। अमित कुमार ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए उप-पुलिस अधीक्षक अंबाला मुनीष सहगल व निरीक्षक सीआईए-2 की संयुक्त टीम गठित की थी। जांच टीम ने जांच के बाद प्रस्तुत की रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि नारायणगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में डाक्टर की राय के अनुसार शरीर पर लगे निशान मारपीट के होना स्पष्ट नहीं हुए थे। घटना के समय थाना पंजोखरा में शिकायत दर्ज कराने आए मौके पर मौजूद गवाह से भी पूछताछ की गई। उन्होंने भी बताया कि पुलिस व अमित के बीच आपस में कहासुनी जरूर हुई है लेकिन मारपीट नहीं हुई। जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में पाया गया कि जब अमित कुमार झगड़ा करते हुए थाना पंजोखरा में पहुंच गया और लंबे समय तक झगड़ा करता रहा, इसके बावजूद भी प्रबंधक थाना पंजोखरा ने जिम्मेवार पद पर होते हुए उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की और बिना कार्रवाई के उसे जाने दिया।
जांच समिति ने रिपोर्ट दे दी है। समय रहते उचित कार्रवाई न करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल होने के कारण पंजोखरा थाना प्रभारी गुरमेल सिंह को निलंबित किया गया, एसआई रमेश व ईएचसी शमशेर अली को लाइन हाजिर करते हुए गहनता से जांच करने के लिए विभागीय जांच खोल दी है। होमगार्ड मनीष व सुखबीर को ड्यूटी से बर्खास्त करने के लिए के लिए संबंधित विभाग को लिखा गया है। - मोहित हांडा, एसपी, अंबाला।
हम अंबाला को बिहार नहीं बनने देंगे, मामले में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी। इस मामले को लेकर एसपी को कार्रवाई करनी पड़ी। हम जनता के साथ कभी भी नाइंसाफी होने नहीं देंगे।
- असीम गोयल, विधायक, अंबाला सिटी।
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पंजोखरा थाना पुलिस की ओर से मारपीट के आरोप के बाद गठित की गई कमेटी ने बुधवार को जांच रिपोर्ट एसपी मोहित हांडा को सौंप दी। इसमें जांच अधिकारी (डीएसपी) मनीष सहगल ने तमाम पहलुओं को जांचने के बाद पुलिस कर्मियों पर लगे आरोपों पर क्लीन चिट दी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी मोहित हांडा ने मामले में लापरवाही बरतने पर पंजोखरा थाना प्रभारी, दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर विभागीय कार्रवाई खोल दी। इसके साथ ही इस प्रकरण में दो होमगार्डों को बर्खास्त करने के लिए संबंधित विभाग को लिख दिया है। मामले में एसपी का कहना है कि पंजोखरा थाना प्रभारी ने घटना के वक्त उचित कार्रवाई नहीं की, जिस कारण उनकी लापरवाही को देखते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है।
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यह था मामला
सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के सामने रायपुररानी के गांव हरिपुर निवासी अमित ने पंजोखरा थाना पुलिस पर चालान काटने के बाद उसके साथ मारपीट के आरोप लगाए थे। अमित ने मंत्री के सामने ही चोटों के निशान भी दिखाए। इस पर मंत्री पंवार ने तीन मुलाजिमों को सस्पेंड करने की बात कही, तो एसपी ने चल रही जांच से अवगत कराया। मंत्री भी एसपी की बात से संतुष्ट दिखे, लेकिन भाजपा विधायक असीम गोयल, जिलाध्यक्ष जगमोहन कुमार, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. संजय शर्मा भड़क गए और पुलिस व एसपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच मंत्री ने तीनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया, जबकि एसपी ने डीएसपी रामकुमार से जांच लेकर डीएसपी मनीष सहगल को दे दी थी।
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समय पर कार्रवाई करते तो नहीं बढ़ता विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक में पुलिस की ओर से मारपीट तो नहीं की गई, लेकिन पुलिस की लापरवाही सामने आई है। डीएसपी ने रिपोर्ट में बताया कि अगर एसएचओ, पुलिसकर्मी और होमगार्ड मामले में त्वरित कार्रवाई करते तो शायद मामला इतना न बढ़ता। वहीं एसपी ने रिपोर्ट के बाद डीएसपी से बातचीत की। इसके बाद कार्रवाई की गई।
इस वजह से किया सस्पेंड
एसपी मोहित हांडा ने बताया कि 22 जून को जीरो टॉलरेंस डे के तहत यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान करते समय थाना पंजोखरा क्षेत्र में अमित नामक युवक के पास दस्तावेज न होने व अभद्र व्यवहार करने के कारण चालान किया गया था। अमित कुमार ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए उप-पुलिस अधीक्षक अंबाला मुनीष सहगल व निरीक्षक सीआईए-2 की संयुक्त टीम गठित की थी। जांच टीम ने जांच के बाद प्रस्तुत की रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि नारायणगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में डाक्टर की राय के अनुसार शरीर पर लगे निशान मारपीट के होना स्पष्ट नहीं हुए थे। घटना के समय थाना पंजोखरा में शिकायत दर्ज कराने आए मौके पर मौजूद गवाह से भी पूछताछ की गई। उन्होंने भी बताया कि पुलिस व अमित के बीच आपस में कहासुनी जरूर हुई है लेकिन मारपीट नहीं हुई। जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में पाया गया कि जब अमित कुमार झगड़ा करते हुए थाना पंजोखरा में पहुंच गया और लंबे समय तक झगड़ा करता रहा, इसके बावजूद भी प्रबंधक थाना पंजोखरा ने जिम्मेवार पद पर होते हुए उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की और बिना कार्रवाई के उसे जाने दिया।
जांच समिति ने रिपोर्ट दे दी है। समय रहते उचित कार्रवाई न करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल होने के कारण पंजोखरा थाना प्रभारी गुरमेल सिंह को निलंबित किया गया, एसआई रमेश व ईएचसी शमशेर अली को लाइन हाजिर करते हुए गहनता से जांच करने के लिए विभागीय जांच खोल दी है। होमगार्ड मनीष व सुखबीर को ड्यूटी से बर्खास्त करने के लिए के लिए संबंधित विभाग को लिखा गया है। - मोहित हांडा, एसपी, अंबाला।
हम अंबाला को बिहार नहीं बनने देंगे, मामले में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी। इस मामले को लेकर एसपी को कार्रवाई करनी पड़ी। हम जनता के साथ कभी भी नाइंसाफी होने नहीं देंगे।
- असीम गोयल, विधायक, अंबाला सिटी।