फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   crime

साल भर रहा शराब के ठेके खुलने पर बवाल, बंद करवाने की बारी आई तो 4 ग्राम पंचायतें ही आई आगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 11:57 PM IST
विज्ञापन
crime
गांव में शराब के ठेके खुलने को लेकर साल भर बवाल रहा, लेकिन जब ग्राम पंचायतों को गांव में ठेके बंद करवाने का मौका मिला तो सभी ने हाथ खड़े कर लिए। महज चार ही ऐसी पंचायतें सामने आई जिन्होंने गांव में ठेका बंद करवाने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग में प्रस्ताव दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अंबाला शहर और छावनी दोनों विधानसभा क्षेत्रों में से एक भी पंचायत इसके लिए पहल नहीं कर पाई। जिन चार ग्राम पंचायतों ने हिम्मत जुटाई उनमें शहजादपुर से रजौली, बराड़ा से बुढ़ियों, नग्गल से ईस्मालपुर और मुलाना से मुलाना ग्राम पंचायत शामिल रहे। साल भर किसी न किसी गांव में शराब के ठेकों को लेकर बवाल होता रहा है। कहीं शराब के ठेकों को गांव वासियों ने गिरवा दिया, तो कहीं ठेका संचालकों से लड़ाई कर भगाने का प्रयास किया। ऐसा ही अंबाला नहीं बल्कि राज्यभर के जिलों में घटनाएं हुई।
विज्ञापन

10 प्रतिशत लोगों की सहमति पर ठेके बंद करने की योजना
शराब के ठेकों को लेकर हो रहे विवादों से निपटने के लिए ही पंचायतों को सरकार ने छूट दी गई थी कि वह गांव की आबादी के 10 प्रतिशत लोगों की सहमति के साथ विभाग में गांव में ठेका बंद करवाने का प्रस्ताव दे सकते हैं। लेकिन 4 पंचायतें ही ऐसा करने में सफल हुई।
विज्ञापन

31 दिसंबर है प्रस्ताव जमा करवाने की आखिरी तारीख
इस प्रस्ताव को विभाग में जमा करवाने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर तय की गई है। इसके बाद कोई भी पंचायत अगर इस प्रस्ताव को विभाग में जमा करवाती है तो उसको माना नहीं जाएगा। गांवों की ओर से प्रस्ताव आने के बाद उसे पंचकूला स्थित अधिकारी के पास भेजा जाता है। जहां पर पंचायत सदस्यों से अधिकारियों की बातचीत होगी और उसके बाद ही तय किया जाएगा कि गांव में ठेका खोला जाएगा की नहीं। आज आवेदन की आखिरी तारीख है, जबकि सोमवार को दो पंचायतों ने दोपहर बाद आवेदन विभाग को सौंपे। इसी बात से लग रहा है। मंगलवार को आखिरी दिन भी और अधिक गांवों के आवेदन विभाग के पास पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछली बार वाली कोई पंचायत नहीं आई आगे
पिछली साल जब पंचायतों को यह सुविधा दी गई थी तो उस समय चार पंचायत जिसमें पंजोखरा से जनेतपुर, बराड़ा से गगनपुर, नारायणगढ़ से बाल्टी और बराड़ा से राजौली गांव ने आवेदन किया था। लेकिन इसमें से राजौली गांव को छोड़ बाकी पंचायतों में ठेके बंद करने का प्रस्ताव पास हो गया था। हैरानी की बात यह है कि इस बार इन गांवों में से किसी भी गांव ने ठेका बंद करवाने के लिए आवेदन नहीं किया है।
गांव धनौरा में हुआ था हंगामा
जिले भर की 408 ग्राम पंचायतें है। जिसमें इस समय लगभग 150 शराब के ठेेके हैं। जबकि पिछली बार गांव धनौरा में भी ऐसी ही घटना हुई थी। जहां गांव वासियों ने शराब के ठेके को बंद करवाने के लिए बवाल किया था। ऐसे ही अन्य गांवों में भी घटनाएं देखने को सामने आई थी। लेकिन अब हैरानी की बात है कि अधिकतर गांवों में शराब का ठेका बंद करवाने के लिए विभाग के पास आवेदन नहीं आया है।

31 दिसंबर ग्राम पंचायतों में ठेका बंद करने के प्रस्ताव की आखिरी तारीख थी। अभी तक चार ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव आए है। इसमें गांव रजौली, बुढ़ियों, ईस्मालपुर और मुलाना के प्रस्ताव आए है। जिन्हें पंचकूला विभाग के पास भेज दिया जाएगा।
बलवीर सिंह, इंस्पेक्टर, आबकारी एवं कराधान विभाग, अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed