फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Complaint, if not heard then forced to reach CM

Ambala News: शिकायत, नहीं सुनी तो मजबूरन सीएम तक पहुंचे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
Complaint, if not heard then forced to reach CM
नारायणगढ़। एक राइस मिल पर दबिश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जांच में जुट गई है। दबिश को तीन दिन बीत जाने के बाद भी इस बारे में विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। इस मामले में जल्द ही एफआईआर दर्ज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन

इस मामले से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इस शिकायतकर्ता मदन पाल राणा के आरोपों से खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की डीसी से लेकर जिला खाद्य अधिकारी को भी कई बार शिकायत दीं, मगर किसी ने कार्रवाई नहीं की। आखिरी शिकायत नाै दिसंबर 2024 को की थी, मगर इसे भी अफसरों ने दबा दिया। इसी कारण मजबूरन शिकायतकर्ता को मुख्यमंत्री और निदेशक तक आवाज पहुंचानी पड़ी।
विज्ञापन


अफसरों की मंशा पर उठ रहे सवाल

इस मामले को दबाने को लेकर भी अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद राज्य स्तरीय विजिलेंस टीम के साथ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और हैफेड की टीम ने बुधवार रात 12 बजे तक कार्रवाई करते हुए मिल पर दबिश दी। इसमें काफी संख्या में धान कम पाया गया। इस मामले को लेकर डीएफएससी अपार तिवारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई मगर बात नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन




कई लोगों की मिलीभगत



शिकायतकर्ता मदनपाल राणा ने बताया कि यह गड़बड़ कई लोगों की मिली भगत से चल रही थी। इसमें विभाग के अधिकारी भी संलिप्त हैं। जिनमें से एक अधिकारी को निलंबित भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार मिल संचालक को धान लेकर 65 प्रतिशत चावल देना होता है, लेकिन उक्त मिल संचालक ने आधे से भी कम चावल रिपोर्ट किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गायब हुए चावल की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। अब उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे और आरोपियों को सजा मिलेगी।


गेहूं गबन में भी हो रही जांच

नारायणगढ़ के खाद्य आपूर्ति निरीक्षक विनोद दुबे पहले ही गेहूं के गबन मामले में निलंबित हो चुके हैं। डीएफएससी की शिकायत पर उन पर गबन के आरोपों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही उन पर निदेशालय स्तर पर जांच हो रही है। अंदेशा है कि इस मामले में भी विनोद दुबे की संलिप्तता सामने आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed