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वल्लभगढ़ से अमृतसर जा रही रोडवेज बस के ब्रेक फेल, बाल-बाल बची 60 सवारियों की जान
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वल्लभढ़ से अमृतसर जा रही फरीदाबाद डिपो की रोडवेज बस के दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर अंबाला पहुंचते ही ब्रेक फेल हो गए। चालक की सूझबूझ से बस में सवार 60 सवारियों की जान बच गई। चालक किसी तरह बस को लेकर अंतरराज्यीय बस स्टैंड छावनी पहुंचा और दूसरे बसों में बैठाकर आगे के लिए रवाना किया। मामले में फरीदाबाद रोडवेज वर्कशॉप की लापरवाही भी सामने आई है क्योंकि वर्कशॉप में बस के जॉब कार्ड को अनदेखा कर चॉबी दूसरे परिचालक को थमा दी गई।
वल्लभगढ़ डिपो की बस नंबर एचआर 38 वाई 5630 सुबह 6 बजे वल्लभगढ़ से अमृतसर के लिए रवाना हुई थी। परिचालक ने बताया कि उसकी बस में करीब 60 सवारियां थी और करनाल तक जाम और स्टॉपेज के चलते बस धीरे-धीरे चलती है। करनाल के बाद जैसे ही चालक अनिल कुमार ने बस निर्धारित स्पीड पर चलाई और ब्रेक लगाने शुरू किए तो बस के ब्रेक सही से नहीं लगे। बस के ब्रेक में गड़बड़ी देख उसने बस की स्पीड कम कर दी और बस को लेकर अमृतसर के लिए चल दिया। लेकिन जैसे ही बस कुरुक्षेत्र, पिपली, शाहबाद मारकंडा होते हुए अंबाला कैंट पहुंची बस के ब्रेक फेल हो गए। बस में सवार यात्री सद्दाम, मीना, अरबाज खान, दानिश, अब्दुल खान, मुन्ना खान, शानो ने बताया कि वह वल्लभगढ़ बस स्टैंड से ही बस में सवार हुए थे। उनके परिवार के 11 लोग इस बस में बैठे थे और लुधियाना जा रहे थे। इसके अलावा बस सवारियों से भरी हुई थी जब बस धीरे चलने लगी तो परिचालक ने उन्हें सूचित किया कि बस के ब्रेक फेल हो गए हैं। यात्रियों ने बताया कि ब्रेक फेल होने की बात सुनते ही उनके होश उड़ गए। इसके बाद बस को यात्रियों ने बीच रास्ते में रुकवाया भी लेकिन रोडवेज की दूसरी बस के चालक ने बस को नहीं रोका।
वल्लभगढ़ डिपो के बस चालक और परिचालक ने जब बस में सवार यात्रियों को लुधियाना समेत अन्य जगहों पर लेकर जाने के लिए दिल्ली डिपो की एचआर 55 6475 को रोका तो उसके चालक ने सवारियां नहीं बैठाई और वह आगे के लिए रवाना हो गया। इसी के चलते यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। चालक-परिचालक इसके बाद अंबाला कैंट बस स्टैंड के संस्थान प्रबंधक कार्यालय में पहुंचे और दिल्ली डिपो के चालक की शिकायत की। इसके अलावा वल्लभगढ़ में ड्यूटी इंस्पेक्टर को भी फोन कर मामले से अवगत कराया है।
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वर्कशॉप ने हाथ नहीं लगाया
बस के चालक अनिल ने बताया कि फरीदाबाद डिपो की यह बस रोजाना वल्लभगढ़ से अमृतसर जाती है और बस का जो चालक है उसने मंगलवार को बस के ब्रेक में तकनीकी समस्या की जानकारी जॉब कार्ड भर कर वर्कशॉप में दी थी। लेकिन जॉब कार्ड देने के बाद बस का वर्कशॉप में हाथ नहीं लगाया गया। उसे तो करनाल से निकलने के बाद पता चला कि बस के ब्रेक फेल हो गए हैं।
वर्कशॉप मैनेजर जिम्मेदार है
- यह मामला वर्कशॉप के अधीन है और वर्कशॉप मैनेजर इस मामले में जवाब दे सकता है कि ब्रेक फेल या जॉब कार्ड देने के बावजूद कैसे बस को लांग रूट पर भेज दिया गया।
- नवनीत बजाज, ट्रैफिक मैनेजर, फरीदाबाद डिपो।
जांच कराई जाएगी
- अभी मामले की पूरी जानकारी नहीं है। बस के ब्रेक फेल होने के मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि किस तरह लापरवाही हुई है।
- अशोक कौशिक, वर्कर्स मैनेजर, फरीदाबाद डिपो
-अगर जॉब कार्ड देने के बावजूद बस को रूट पर भेज दिया है तो इस मामले में वर्कशॉप स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई होगी। चालक मुझे लिखित में इस मामले की जानकारी दे उसके बाद उस पर एक्शन लिया जाएगा। दिल्ली डिपो को भी अपनी मौलिक जिम्मेदारी नहीं निभाने के मामले में चालक के खिलाफ लिखा जाएगा।
-भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो फरीदाबाद
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वल्लभगढ़ डिपो की बस नंबर एचआर 38 वाई 5630 सुबह 6 बजे वल्लभगढ़ से अमृतसर के लिए रवाना हुई थी। परिचालक ने बताया कि उसकी बस में करीब 60 सवारियां थी और करनाल तक जाम और स्टॉपेज के चलते बस धीरे-धीरे चलती है। करनाल के बाद जैसे ही चालक अनिल कुमार ने बस निर्धारित स्पीड पर चलाई और ब्रेक लगाने शुरू किए तो बस के ब्रेक सही से नहीं लगे। बस के ब्रेक में गड़बड़ी देख उसने बस की स्पीड कम कर दी और बस को लेकर अमृतसर के लिए चल दिया। लेकिन जैसे ही बस कुरुक्षेत्र, पिपली, शाहबाद मारकंडा होते हुए अंबाला कैंट पहुंची बस के ब्रेक फेल हो गए। बस में सवार यात्री सद्दाम, मीना, अरबाज खान, दानिश, अब्दुल खान, मुन्ना खान, शानो ने बताया कि वह वल्लभगढ़ बस स्टैंड से ही बस में सवार हुए थे। उनके परिवार के 11 लोग इस बस में बैठे थे और लुधियाना जा रहे थे। इसके अलावा बस सवारियों से भरी हुई थी जब बस धीरे चलने लगी तो परिचालक ने उन्हें सूचित किया कि बस के ब्रेक फेल हो गए हैं। यात्रियों ने बताया कि ब्रेक फेल होने की बात सुनते ही उनके होश उड़ गए। इसके बाद बस को यात्रियों ने बीच रास्ते में रुकवाया भी लेकिन रोडवेज की दूसरी बस के चालक ने बस को नहीं रोका।
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वल्लभगढ़ डिपो के बस चालक और परिचालक ने जब बस में सवार यात्रियों को लुधियाना समेत अन्य जगहों पर लेकर जाने के लिए दिल्ली डिपो की एचआर 55 6475 को रोका तो उसके चालक ने सवारियां नहीं बैठाई और वह आगे के लिए रवाना हो गया। इसी के चलते यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। चालक-परिचालक इसके बाद अंबाला कैंट बस स्टैंड के संस्थान प्रबंधक कार्यालय में पहुंचे और दिल्ली डिपो के चालक की शिकायत की। इसके अलावा वल्लभगढ़ में ड्यूटी इंस्पेक्टर को भी फोन कर मामले से अवगत कराया है।
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वर्कशॉप ने हाथ नहीं लगाया
बस के चालक अनिल ने बताया कि फरीदाबाद डिपो की यह बस रोजाना वल्लभगढ़ से अमृतसर जाती है और बस का जो चालक है उसने मंगलवार को बस के ब्रेक में तकनीकी समस्या की जानकारी जॉब कार्ड भर कर वर्कशॉप में दी थी। लेकिन जॉब कार्ड देने के बाद बस का वर्कशॉप में हाथ नहीं लगाया गया। उसे तो करनाल से निकलने के बाद पता चला कि बस के ब्रेक फेल हो गए हैं।
वर्कशॉप मैनेजर जिम्मेदार है
- यह मामला वर्कशॉप के अधीन है और वर्कशॉप मैनेजर इस मामले में जवाब दे सकता है कि ब्रेक फेल या जॉब कार्ड देने के बावजूद कैसे बस को लांग रूट पर भेज दिया गया।
- नवनीत बजाज, ट्रैफिक मैनेजर, फरीदाबाद डिपो।
जांच कराई जाएगी
- अभी मामले की पूरी जानकारी नहीं है। बस के ब्रेक फेल होने के मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि किस तरह लापरवाही हुई है।
- अशोक कौशिक, वर्कर्स मैनेजर, फरीदाबाद डिपो
-अगर जॉब कार्ड देने के बावजूद बस को रूट पर भेज दिया है तो इस मामले में वर्कशॉप स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई होगी। चालक मुझे लिखित में इस मामले की जानकारी दे उसके बाद उस पर एक्शन लिया जाएगा। दिल्ली डिपो को भी अपनी मौलिक जिम्मेदारी नहीं निभाने के मामले में चालक के खिलाफ लिखा जाएगा।
-भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो फरीदाबाद