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Ambala News: मांगों के समर्थन में आशा वर्कर ने किया प्रदर्शन
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अंबाला सिटी में प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम सीएमओ को ज्ञापन सौंपती आशावर्कर व अन्य। प्रव
मुख्यमंत्री के नाम सीएमओ को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ जिलेभर की आशा वर्कर्स ने दूसरे दिन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के बाद अब राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर सिविल सर्जन रेणु बेरी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए यूनियन प्रधान सर्वजीत कौर, सचिव कविता शर्मा और कैशियर बलजिंदर कौर ने बताया कि सरकार द्वारा मानी गई मांगों को मुख्यमंत्री ने रद्द कर दिया है, जिससे आशा वर्करों में रोष है। इससे पूर्व चले 73 दिनों के आंदोलन का वेतन न मिलने के कारण प्रत्येक वर्कर को लगभग 10,000 रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो वर्कर्स की नौकरियां पक्की की जा रही हैं और न ही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर ऑनलाइन काम का लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
इससे प्रदेश की करीब 20 हजार वर्कर्स प्रभावित हो रही हैं। इस प्रदर्शन में सतविंदर, बॉबी, कुसुम साहा, संगीता समलेहड़ी, नीना शर्मा, सीटू नेता कुलदीप चौहान, सतीश सेठी तथा एसकेएस नेता इंद्र सिंह बधाना, विकास वर्मा सहित अन्य ने भाग लिया।
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प्रमुख मांगें-
ज्ञापन के माध्यम से आशावर्कर ने मांग रखी कि वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को तुरंत लागू किया जाए। इसके अलावा रिटायरमेंट की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने, स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति लेने वाली वर्कर्स को पूरे दो लाख रुपये का लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने तथा डेथ क्लेम की राशि बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वहीं स्थानीय स्तर की समस्याओं पर बातचीत के लिए सिविल सर्जन अंबाला ने यूनियन प्रतिनिधियों को 15 अक्टूबर का समय दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ जिलेभर की आशा वर्कर्स ने दूसरे दिन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के बाद अब राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर सिविल सर्जन रेणु बेरी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए यूनियन प्रधान सर्वजीत कौर, सचिव कविता शर्मा और कैशियर बलजिंदर कौर ने बताया कि सरकार द्वारा मानी गई मांगों को मुख्यमंत्री ने रद्द कर दिया है, जिससे आशा वर्करों में रोष है। इससे पूर्व चले 73 दिनों के आंदोलन का वेतन न मिलने के कारण प्रत्येक वर्कर को लगभग 10,000 रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो वर्कर्स की नौकरियां पक्की की जा रही हैं और न ही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर ऑनलाइन काम का लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
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इससे प्रदेश की करीब 20 हजार वर्कर्स प्रभावित हो रही हैं। इस प्रदर्शन में सतविंदर, बॉबी, कुसुम साहा, संगीता समलेहड़ी, नीना शर्मा, सीटू नेता कुलदीप चौहान, सतीश सेठी तथा एसकेएस नेता इंद्र सिंह बधाना, विकास वर्मा सहित अन्य ने भाग लिया।
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प्रमुख मांगें-
ज्ञापन के माध्यम से आशावर्कर ने मांग रखी कि वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को तुरंत लागू किया जाए। इसके अलावा रिटायरमेंट की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने, स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति लेने वाली वर्कर्स को पूरे दो लाख रुपये का लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान करने तथा डेथ क्लेम की राशि बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वहीं स्थानीय स्तर की समस्याओं पर बातचीत के लिए सिविल सर्जन अंबाला ने यूनियन प्रतिनिधियों को 15 अक्टूबर का समय दिया है।