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कैंट व सिटी के 1650 दुकानदारों को मिलेगी राहत
Updated Fri, 31 Aug 2018 01:04 AM IST
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निगम के 20 साल पुराने किरायेदार बन सकेंगे दुकानों के मालिक
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। छावनी की कमेटी की दुकानों में पिछले 20 वर्ष से किराये पर दुकान कर रहे लोगों के लिए सरकार एक नई योजना बना रही है। मंत्री अनिल विज के प्रयासों से जल्द ही यह काम पूरा होने जा रहा है। इसको लेकर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने राज्य के सभी उपायुक्तों, सभी आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारी सचिव नगर परिषद को पत्र भी जारी किया है जिससे स्पष्ट तौर पर लिखा है कि विषय अधीन मामले में निगमों, नगरपालिकाओं की किराये पर चली आ रही दुकानों के किराएदारों को बेचने के बारे में सरकार के द्वारा निर्धारित हिदायतों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अंबाला छावनी व शहर में निगम की 1650 के लगभग दुकानें हैं।
अंबाला छावनी में राय मार्केट, शास्त्री मार्केट, रेलवे रोड, रामबाग, जगाधरी रोड, गांधी मार्केट में निगम की सैकड़ों दुकानें हैं लेकिन नियमों के अनुसार 20 साल से किराये पर दी गई दुकानों को ही किरायेदार को बेचा जाएगा। इसके लिए निगम ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इससे निगम को करोड़ों रुपये की राशि अर्जित होगी और दुकानदारों को भारी फायदा होगा। सरकार के इस निर्णय का दुकानदार स्वागत कर रहे हैं तो वहीं पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन व मंडल महासचिव डिंपल कुमार ने कहा है कि मंत्री विज ने सदा ही क्षेत्रवासियों के हित की सोची है। जो काम पिछली सरकारें अभी तक नहीं कर सकी, वह भाजपा ने कर दिखाया है।
लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि दुकानें बेचने से जो राशि प्राप्त होगी उसे किन्हीं कार्यों पर खर्च न करते हुए उसकी एफडी करवाई जाए, जिससे भविष्य में कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके। वहीं, यह भी पता लगा है कि सरकार तह बाजारी अदा करने वालों को भी मालिकाना हक देने के बारे में विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है तो अंबाला के सैकड़ों लोगों को फायदा होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। छावनी की कमेटी की दुकानों में पिछले 20 वर्ष से किराये पर दुकान कर रहे लोगों के लिए सरकार एक नई योजना बना रही है। मंत्री अनिल विज के प्रयासों से जल्द ही यह काम पूरा होने जा रहा है। इसको लेकर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने राज्य के सभी उपायुक्तों, सभी आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारी सचिव नगर परिषद को पत्र भी जारी किया है जिससे स्पष्ट तौर पर लिखा है कि विषय अधीन मामले में निगमों, नगरपालिकाओं की किराये पर चली आ रही दुकानों के किराएदारों को बेचने के बारे में सरकार के द्वारा निर्धारित हिदायतों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अंबाला छावनी व शहर में निगम की 1650 के लगभग दुकानें हैं।
अंबाला छावनी में राय मार्केट, शास्त्री मार्केट, रेलवे रोड, रामबाग, जगाधरी रोड, गांधी मार्केट में निगम की सैकड़ों दुकानें हैं लेकिन नियमों के अनुसार 20 साल से किराये पर दी गई दुकानों को ही किरायेदार को बेचा जाएगा। इसके लिए निगम ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इससे निगम को करोड़ों रुपये की राशि अर्जित होगी और दुकानदारों को भारी फायदा होगा। सरकार के इस निर्णय का दुकानदार स्वागत कर रहे हैं तो वहीं पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन व मंडल महासचिव डिंपल कुमार ने कहा है कि मंत्री विज ने सदा ही क्षेत्रवासियों के हित की सोची है। जो काम पिछली सरकारें अभी तक नहीं कर सकी, वह भाजपा ने कर दिखाया है।
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लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि दुकानें बेचने से जो राशि प्राप्त होगी उसे किन्हीं कार्यों पर खर्च न करते हुए उसकी एफडी करवाई जाए, जिससे भविष्य में कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके। वहीं, यह भी पता लगा है कि सरकार तह बाजारी अदा करने वालों को भी मालिकाना हक देने के बारे में विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है तो अंबाला के सैकड़ों लोगों को फायदा होगा।
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