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Gorakhpur News: रेलवे क्रिकेट ग्राउंड पर दो साल प्रैक्टिस कर चुके हैं यशस्वी
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- शुरुआती दिनों में आरपी सिंह और सुरेश रैना भी आ चुके हैं गोरखपुर में ट्रायल देने
- एनईआर मुख्यालय की कबड्डी, हैंडबाल व क्रिकेट समेत कई टीमों में हैं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम की तरफ से पारी की शुरुआत करने वाले बाएं हाथ के बैटर यशस्वी जायसवाल का गोरखपुर से भी गहरा नाता है। कोविड संकट के समय वे यहां रेलवे के क्रिकेट ग्राउंड पर दो साल तक अभ्यास कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका जाने वाली टी-20 टीम का हिस्सा यशस्वी ने जिस ग्राउंड पर प्रैक्टिस किया था, अब वहां करीब 500 बच्चे क्रिकेट का ककहरा सीख रहे हैं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सुरेश रैना और आरपी सिंह भी यहां ट्रायल देने आ चुके हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। रेलवे में विभिन्न पदों पर नौकरी करने वाले कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यहां के स्टेडियम में अब भी नियमित अभ्यास करते हैं।
इसके अलावा यहां कबड्डी, क्रिकेट, हैंडबाल समेत विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय स्तर की टीम भी है, जिनके खिलाड़ी इसी ग्राउंड पर नियमित अभ्यास करते हैं। इनसे प्रेरणा लेकर रेलवे कॉलोनियों के अलावा आसपास के भी तमाम बच्चे यहां अपने-अपने खेल की प्रैक्टिस करते हैं।
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वर्तमान में बच्चों को क्रिकेट की बारीकियां सिखाने वाले कोच रंजीत यादव भी रणजी खिलाड़ी रहे हैं। पिछले सात साल से वह यूपी क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े हैं।
रंजीत के मित्र ज्वाला सिंह मुंबई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के कोच रहे हैं। कोविड संकट के दौरान जब मुंबई में लॉकडाउन लगा तब यशस्वी अपने घर गाजीपुर लौट आए थे।
यहां उनकी प्रैक्टिस प्रभावित होने लगी तो कोच ज्वाला ने एनईआर के क्रिकेट कोच राकेश कन्नौजिया, रंजीत व पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ (नरसा) के सचिव व मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह से संपर्क किया।
यशस्वी ने यहां के क्रिकेट ग्राउंड पर कोच के साथ घंटों पसीना बहाया। रंजीत बताते हैं कि यशस्वी अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं। वे ग्राउंड में अनुशासित व एकाग्रचित तरीके से अपने शॉट का अभ्यास करते थे।
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नौकरी की तलाश में आए थे रैना व आरपी सिंह
रेलवे में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को खेल कोटे में नौकरी मिलती है। इसका फायदा यह होता है कि इन खिलाड़ियों को आर्थिक मदद के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की टीम के साथ प्रैक्टिस का मौका मिल जाता है। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में भी जगह बनाने में कामयाब हो जाते हैं। इसलिए हर साल तमाम युवा ट्रायल देने गोरखपुर आते रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय टीम में चुने जाने से पहले क्रिकेटर सुरेश रैना और आरपी सिंह भी खेल कोटे में नौकरी के लिए गोरखपुर ट्रायल देने आए थे। हालांकि तब यूपी की रणजी टीम तक पहुंच चुके इन दोनों होनहार खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन हो गया था।
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कोट-
गोरखपुर स्थित रेलवे क्रिकेट ग्राउंड इस क्षेत्र का सबसे बेहतर क्रिकेट ग्राउंड है। यहां कई प्रसिद्ध खिलाड़ी खेल चुके हैं। पूर्वोत्तर रेलवे क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी वर्तमान में रणजी समेत अन्य राष्ट्रीय स्तर की टीमों में शामिल हैं।
- पंकज कुमार सिंह, सचिव नरसा व सीपीआरओ
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- एनईआर मुख्यालय की कबड्डी, हैंडबाल व क्रिकेट समेत कई टीमों में हैं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम की तरफ से पारी की शुरुआत करने वाले बाएं हाथ के बैटर यशस्वी जायसवाल का गोरखपुर से भी गहरा नाता है। कोविड संकट के समय वे यहां रेलवे के क्रिकेट ग्राउंड पर दो साल तक अभ्यास कर चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका जाने वाली टी-20 टीम का हिस्सा यशस्वी ने जिस ग्राउंड पर प्रैक्टिस किया था, अब वहां करीब 500 बच्चे क्रिकेट का ककहरा सीख रहे हैं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सुरेश रैना और आरपी सिंह भी यहां ट्रायल देने आ चुके हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। रेलवे में विभिन्न पदों पर नौकरी करने वाले कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यहां के स्टेडियम में अब भी नियमित अभ्यास करते हैं।
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इसके अलावा यहां कबड्डी, क्रिकेट, हैंडबाल समेत विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय स्तर की टीम भी है, जिनके खिलाड़ी इसी ग्राउंड पर नियमित अभ्यास करते हैं। इनसे प्रेरणा लेकर रेलवे कॉलोनियों के अलावा आसपास के भी तमाम बच्चे यहां अपने-अपने खेल की प्रैक्टिस करते हैं।
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वर्तमान में बच्चों को क्रिकेट की बारीकियां सिखाने वाले कोच रंजीत यादव भी रणजी खिलाड़ी रहे हैं। पिछले सात साल से वह यूपी क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े हैं।
रंजीत के मित्र ज्वाला सिंह मुंबई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के कोच रहे हैं। कोविड संकट के दौरान जब मुंबई में लॉकडाउन लगा तब यशस्वी अपने घर गाजीपुर लौट आए थे।
यहां उनकी प्रैक्टिस प्रभावित होने लगी तो कोच ज्वाला ने एनईआर के क्रिकेट कोच राकेश कन्नौजिया, रंजीत व पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ (नरसा) के सचिव व मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह से संपर्क किया।
यशस्वी ने यहां के क्रिकेट ग्राउंड पर कोच के साथ घंटों पसीना बहाया। रंजीत बताते हैं कि यशस्वी अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं। वे ग्राउंड में अनुशासित व एकाग्रचित तरीके से अपने शॉट का अभ्यास करते थे।
नौकरी की तलाश में आए थे रैना व आरपी सिंह
रेलवे में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को खेल कोटे में नौकरी मिलती है। इसका फायदा यह होता है कि इन खिलाड़ियों को आर्थिक मदद के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की टीम के साथ प्रैक्टिस का मौका मिल जाता है। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में भी जगह बनाने में कामयाब हो जाते हैं। इसलिए हर साल तमाम युवा ट्रायल देने गोरखपुर आते रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय टीम में चुने जाने से पहले क्रिकेटर सुरेश रैना और आरपी सिंह भी खेल कोटे में नौकरी के लिए गोरखपुर ट्रायल देने आए थे। हालांकि तब यूपी की रणजी टीम तक पहुंच चुके इन दोनों होनहार खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन हो गया था।
कोट-
गोरखपुर स्थित रेलवे क्रिकेट ग्राउंड इस क्षेत्र का सबसे बेहतर क्रिकेट ग्राउंड है। यहां कई प्रसिद्ध खिलाड़ी खेल चुके हैं। पूर्वोत्तर रेलवे क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी वर्तमान में रणजी समेत अन्य राष्ट्रीय स्तर की टीमों में शामिल हैं।
- पंकज कुमार सिंह, सचिव नरसा व सीपीआरओ